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जीने की राह

प्रतीकात्मक चित्र : यह भी जरूर सोचिए की यदि पेड़ काट दिए जाएंगे तो कैसी होगी दुनिया? विद्वान हैं, इसलिए मूर्खों का वजूद है, यह तो नहीं पता। मगर यह निश्चित है कि मूर्ख हैं, इसलिए विद्वानों का अस्तित्व है। जानवरों में विद्वान नहीं पाए जाते हैं, इसलिए वह मूर्ख…
प्रतीकात्मक चित्र। बहुत से लोगों को अमूमन ये शिकायत रहती है कि उन्हें ध्यान करते समय नींद की झपकी आती है। अगर दिन में किसी भी समय नींद आप पर हावी हो रही है तो आपको सबसे पहले अपने बुनियादी सेहत की जांच करनी होगी और देखना होगा कि कहीं…
इच्छा कभी आत्म ज्ञान की ओर नहीं ले जा सकती, लेकिन बिना इच्छा के कोई गति नहीं होती। इसका अर्थ है कि हमें बिना कोई इच्छा पैदा किये तीव्रता बनाए रखनी होगी। आपको समझना होगा कि यह आपकी इच्छा ही है जिसने भूत, वर्तमान और भविष्य जैसी चीजों को बनाया…

विज्ञान / रात में नींद नहीं आने की कहीं ये वजह तो नहीं

प्रतीकात्मक चित्र। नींद बेहद जरूरी है। इसलिए सोने के तरीके से जुड़े कुछ अंधविश्वास भी प्रचलित रहे हैं। तर्क क्या कहते हैं। वास्तविकता क्या है। ऐसे कई सवाल आप पूछ सकते हैं। पूछना भी चाहिए। लेकिन इतने जटिल शरीर में नींद आना फिर जाग जाने के बीच जो अंधविश्वास सदियों…

सद्भाव / ‘मस्जिद में हिंदू विवाह’ लेकिन कहां? यहां जानें

डॉ. वेदप्रताप वैदिक। केरल के कायमकुलम कस्बे के मुसलमानों ने सांप्रदायिक सदभाव की ऐसी मिसाल कायम की है, जो शायद पूरी दुनिया में अद्वितीय है। उन्होंने अपनी मस्जिद में एक हिंदू जोड़े का विवाह करवाया। निकाह नहीं, विवाह! विवाह याने हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार मंत्र-पाठ, पूजा, हवन, द्वीप-प्रज्जवलन, मंगल-सूत्र आदि…

प्रेरणा / अद्वैत के प्रवर्तक, उनके नाम के आगे शब्द नि:शब्द हो जाते हैं

स्वामी विवेकानंद भारतीय आध्यात्मिकता और भारतीय जीवन दर्शन को विश्वपटल पर स्थापित करने वाले नायक हैं। वो अद्वैत के प्रवर्तक हैं। भारत की संस्कृति, भारतीय जीवन मूल्यों और उसके दर्शन को उन्होंने ‘विश्व बंधुत्व और मानवता’ को स्थापित करने वाले विचार के रूप में प्रचारित किया। अपने निरंतर प्रवासों, लेखन…

संकल्प / नया साल, नया नजरिया, नया लक्ष्य और आप

प्रतीकात्मक चित्र। अनुभव दो तरह के होते हैं पहले, जो आप व्यक्तिगत रूप में सीखते हैं। अपने आस पास होने वाली उस हर गतिविधि से जो आप अपनी इंद्रियों के जरिए दिमाग तक पहुंचा रहे हैं। और दूसरे, दूसरों के अनुभव से सीखना। स्वामी विवेकानंद ने कहा था आपके अनुभव…

प्रकृति / कहीं खो न जाएं स्त्री के वो दिव्य गुण

प्रतीकात्मक चित्र। चाहे पुरुष हों या स्त्री, हमारे जीवन में स्त्रैण या स्त्री प्रकृति के गुणों का होना जरूरी है। क्योंकि जहां पुरुष प्रकृति जीवन यापन से जुडी है, वहीं स्त्री प्रकृति के गुण संगीत, ध्यान, नृत्य, प्रेम जैसे जीवन के सुंदर पहलूओं से जुड़े हैं। स्त्री और आर्य इन…

प्रबंधन / ‘मानसिक तनाव को मैनेज’ करने के ‘तनाव’ से कैसे बचें?

दुनिया में स्ट्रेस मैनेजमेंट या तनाव प्रबंधन का बहुत चलन है। दरअसल, जब भी आपकी इच्छा के अनुरूप काम नहीं होता, तब आपको गुस्सा आता है। जब भी आपकी उम्मीदों के अनुसार दूसरे लोग व्यवहार नहीं करते तब आपको गुस्सा आता है। इसलिए स्ट्रेस मैनेजमेंट की जरूरत महसूस की गई।…

पर्यावरण / ऐसे भी होते हैं शिक्षक जो करते हैं पेड़ों का नि: शुल्क उपचार

चित्र सौजन्य से: द हिंदू/के.बीनू। के.बीनू एक स्कूली शिक्षक हैं जो कई वर्षों से ‘वृक्ष चिकित्सक’ के तौर पर पेड़ों की बीमारियों का इलाज कर रहे हैं। लोग उन्हें ‘ट्री डॉक्टर’ कहते हैं। उम्र के 51वें साल में वो एक ऐसा काम कर रहे हैं जिसके लिए सदियों तक उन्हें…

समाधान / मन की ख्वाहिश अमूमन क्यों नहीं होती पूरी?

अगर कोई इंसान आज भूखा है और उसकी किस्मत ऐसी है कि उसे दो दिन बाद खाना मिलेगा तो वह क्या करे? आम जिंदगी में हमेशा ऐसा ही होता है कि इंसान को किसी चीज की जरूरत आज है और उसे वह मिलती दो दिन के बाद है। हर कोई…

प्रेरणा / शाहरुख खान का सक्सेस फार्मुला, बना सकता है सफल!

54 साल पहले जन्में शाहरुख खान हिंदी सिनेमा के उन चुनिंदा सितारों की फेहरिस्त में हैं जो यहां अपना वर्चस्व बनाए रखने में कामयाब रहे हैं। किंग खान के नाम से मशहूर शाहरुख 2 नवंबर,1965 को जन्में थे। उनके अभिनय से सजी एक फिल्म डियर जिंदगी में अपनी को- स्टार…

प्रेरणा / बेहतर व्यक्ति की जिंदगी में होती हैं ये 5 चुनौतियां

जीवन एक अनिश्चित रोलर कोस्टर की तरह है। यह आप पर निर्भर करता है कि आप इसे किस नजरिए से देखते हैं। खुशी के साथ अपने अनुभवों से सीख ले लेते हैं या दुःखी होकर स्थिर हो जाते हैं। यहां सीखने और करने के लिए काफी कुछ है, ऐसे में…

प्रेरणा / कुछ इस तरह ‘बेहतर कम्युनिकेशन’ से जीत सकते हैं दुनिया

प्रतीकात्मक चित्र। वह बोलता है तो लगता है कि सुनते ही जाएं। ऐसा लगता है कि दिल से बोलता है। उसकी आवाज में आवाज में असर है। कहते हैं, ‘गालिब का है अंदाजें बयां और’। ऐसी तमाम बातें हमने अच्छी बातचीत करने वालों, बेहतर भाषण देने वालों के बारे में…

रंगमंच / इरफान की तरह, प्रतिभावान लोगों को भी करना पड़ता है इंतजार

चित्र: वरिष्ठ रंगमंच अभिनेता आलोक चटर्जी।  रंगमंच जिसे अंग्रेजी में हम थियेटर कहते हैं, एक ऐसी विद्या है जो न केवल आपके व्यक्तित्व विकास में सहायक है बल्कि वो समाज और आस-पास होने वाली हर गतिविधि को देखने का नजरिया बदल सकती है। वैसे तो इस विद्या में पारंगत कई…