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जीने की राह

अगर कोई इंसान आज भूखा है और उसकी किस्मत ऐसी है कि उसे दो दिन बाद खाना मिलेगा तो वह क्या करे? आम जिंदगी में हमेशा ऐसा ही होता है कि इंसान को किसी चीज की जरूरत आज है और उसे वह मिलती दो दिन के बाद है। हर कोई…
54 साल पहले जन्में शाहरुख खान हिंदी सिनेमा के उन चुनिंदा सितारों की फेहरिस्त में हैं जो यहां अपना वर्चस्व बनाए रखने में कामयाब रहे हैं। किंग खान के नाम से मशहूर शाहरुख 2 नवंबर,1965 को जन्में थे। उनके अभिनय से सजी एक फिल्म डियर जिंदगी में अपनी को- स्टार…
जीवन एक अनिश्चित रोलर कोस्टर की तरह है। यह आप पर निर्भर करता है कि आप इसे किस नजरिए से देखते हैं। खुशी के साथ अपने अनुभवों से सीख ले लेते हैं या दुःखी होकर स्थिर हो जाते हैं। यहां सीखने और करने के लिए काफी कुछ है, ऐसे में…

प्रेरणा / कुछ इस तरह ‘बेहतर कम्युनिकेशन’ से जीत सकते हैं दुनिया

प्रतीकात्मक चित्र। वह बोलता है तो लगता है कि सुनते ही जाएं। ऐसा लगता है कि दिल से बोलता है। उसकी आवाज में आवाज में असर है। कहते हैं, ‘गालिब का है अंदाजें बयां और’। ऐसी तमाम बातें हमने अच्छी बातचीत करने वालों, बेहतर भाषण देने वालों के बारे में…

रंगमंच / इरफान की तरह, प्रतिभावान लोगों को भी करना पड़ता है इंतजार

चित्र: वरिष्ठ रंगमंच अभिनेता आलोक चटर्जी।  रंगमंच जिसे अंग्रेजी में हम थियेटर कहते हैं, एक ऐसी विद्या है जो न केवल आपके व्यक्तित्व विकास में सहायक है बल्कि वो समाज और आस-पास होने वाली हर गतिविधि को देखने का नजरिया बदल सकती है। वैसे तो इस विद्या में पारंगत कई…

गरिमा / रिश्तों में भाषा की कैसी होनी चाहिए भूमिका, यहां जानें

रिश्तों की परिभाषा में भाषा ठीक उसी तरह होती है जैसे चाय में चीनी। ये भाषा चीनी यानी मंदारिन भी हो सकती या दुनिया के किसी ओर स्थान की या हिंदी और अंग्रेजी जो आप बोलते हैं। स्थानीय भाषा भी हो सकती है या फिर कुछ इस तरह की भाषा…

भावनाएं / क्या जिंदगी में बार-बार हो सकता है प्यार?

प्रतीकात्मक चित्र। बहुत सी चीजें हमें प्यार करना सिखाती हैं। लेकिन कोई यह नहीं सिखाता कि प्यार को मिटाया कैसे जाए। यह एक ऐसा प्रश्न है जो अमूमन उन युवाओं के मन में रहता है जो ब्रेकअप जैसी भावना से रू-ब-रू हो चुके हैं। दरअसल आप जीवन में जो भी…

स्मृति शेष / विनम्र और शालीन थीं नीलम शर्मा, उनसे सीखें एंकर ये ज्ञान

Picture courtesy : Neelam Sharma/facebook वो समाचार की दुनिया का शालीन और सौम्य चेहरा थीं। गरिमामयी एंकरिंग हो या बड़े से बड़े मसले पर आक्रामक बहस उनकी विनम्र और संयमित भाषा का अंदाज़ सबसे जुदा था। तो कुछ ऐसी थीं दूरदर्शन की एंकर नीलम शर्मा। 17 अगस्त, 2019 दिन था…

बिश्नोई / भारत के पहले पर्यावरणविद जिनकी पहचान है करुणा और त्याग

Image courtesy : Bishnoisafari 15 वीं शताब्दी के बाद से राजस्थान में बिश्नोई समुदाय पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित रहे है। पर्यावरण के लिए करुणा और त्याग समुदाय के मन में हमेशा रहता है। सन् 1485 में पश्चिमी राजस्थान में मारवाड़ के राजपूत सरदार, गुरु जम्बेश्वर बिश्नोई पंथ का संस्थापक…

स्वास्थ्य / दुनियाभर में लोकप्रिय है योग, ये है सबसे बड़ी वजह

योग आदिकाल से है। शुरूआत भगवान शिव ने की और इसे निरंतर आगे बढ़ाने का काम इंसान कर रहे हैं। योग अनंतकाल से इंसान के स्वास्थ्य उपचार का एक अमिट जरिया रहा है। बहुत सी बातें बदलते फैशन के साथ आती हैं और जाती हैं लेकिन योग हज़ारों वर्षों से…

टेक्नोलॉजी / पेरू की वो महिलाएं जो सहेज रही हैं पारंपरिक ज्ञान

Pic Courtesy: Conservation International दुनिया आगे बढ़ रही है और पीढ़ियां पीछे छूटती जा रही हैं। इस बात को मद्देनजर रखते हुए पेरू की महिलाओं ने एक अनोखा प्रयोग शुरु किया है। वो औषधीय पौधों और खाद्य फलों जैसी चीजों के बारे में उनके पारंपरिक ज्ञान को सुनिश्चित करते हुए…

भावनाएं / आखिर क्यों हो जाता है प्यार, ये है इसके पीछे का मनोविज्ञान

विलियम शेक्सपीयर की पुस्तक सॉनेट 116 में, उन्होंने लिखा था कि, ‘प्यार वह प्यार नहीं है जो बदल जाता है जब वह बदल जाता है वो प्यार नहीं।’ प्यार एक ऐसी क्षमता है जिसे आप मानसिक एकाग्रता, भावनात्मक जुड़ाव और देखभाल कार्यों के माध्यम से अपने भीतर बना सकते हैं।…

स्वास्थ्य / प्री वर्कआउट या पोस्ट वर्कआउट करना कितना है जरूरी

एक बेहतर वर्कआउट आपको दिन भर तरोताजा रखने में मदद करता है। इस बात का बेहद ध्यान रखें कि प्री वर्कआउट या पोस्ट वर्कआउट करते हैं तो इन दोनों के बीच भोजन सर्व करने में थोड़ा अंतर रखना चाहिए। भोजन का अंतर इतना भी न हो कि आप कुछ भी…

संशय / क्या हंसी एक औषधि है?

हंसी को सर्वोत्तम औषधि के रूप में माना जाता है, लेकिन यह एक बंधन भी बन सकता है। आप को हंसी के स्रोत पर ध्यान देना चाहिए। अपने आप को इस तरह बनाने का प्रयत्न कीजिये कि आप आनंद की स्वाभाविक अवस्था में रहें। बहुत लंबे समय से लोग कह…

भावनाएं / अहंकार का अर्थ ‘ईगो’ नहीं, यह आपकी पहचान है

अहंकार ईगो नहीं, स्वयं धारण की हुई पहचान है। मन के दूसरे आयाम को अहंकार कहा जाता है। इसका अर्थ उस पहचान से है, जो आपने धारण कर रखी है। आमतौर पर अंग्रेजी भाषा में लोग अहंकार को ‘ईगो’ समझ लेते हैं। यह ईगो नहीं है, यह आपकी पहचान है।…