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जीने की राह

तमिल में लोकतंत्र को जननायक कहते हैं जिसका मलतब है कि जनता ही नेता है। दुर्भाग्य की बात है कि आम लोग यह भूल गए हैं कि वे नेता हैं। लोकतंत्र में न कोई नेता होता है और न कोई जनता। बस लोग होते हैं। होना यह चाहिए कि हर…
अगर आपके अंदर वाकई में काबिलियत है तो उसे कोई कब तक ठुकराएगा, वह तो कहीं न कहीं अपना स्‍थान पा ही लेगी। काबिलियत को कोई नजरअंदाज़ नहीं कर सकता है। नेतृत्व का मतलब है, हर किसी की उन्नति को आसान बनाना। जब आप अपने आस-पास की बहुत सी चीजों…
आपके जो भी अनुभव हों, उनका आनंद लीजिए और जाने दीजिए उन्हें एकत्र मत कीजिए। यदि आप इन्हें बटौरते हैं तो एक समय बाद यह आपका वहम बन जाएंगे और आपको मतिभ्रम होने लगेगा। इसको देजा-वू कहते हैं। देजा-वू फ्रेंच भाषा का एक शब्द है, जिसका मतलब होता है ‘पहले…

जीवंतता / जीवन बेकार क्यों लगने लगता है

आप को अपना ध्यान हर समय उस चीज़ पर केंद्रित करना चाहिए, जो आप करना चाहते हैं। किसी चीज़ पर अपना ध्यान लगातार एक घंटे तक लगाना शुरू कीजिए, फिर उसे बढ़ा कर एक पूरे दिन तक ऐसा करिए। अगर आप अपना ध्यान लगाए रख सकते हैं और उसमें पर्याप्त…

सत्य / क्या हर रिश्ते के पीछे कुछ स्वार्थ छुपा होता है?

इस दुनिया में ऐसा कुछ भी नहीं है जिसे नि:स्वार्थ कहा जा सके। हर चीज़ अपने खुद के मतलब के लिए ही होती है, हर कोई स्वार्थी है। दूसरा कुछ भी नहीं है। आपके विचार और आपकी भावनाएं मूल ढंग से आपके अंदर से हैं, तो वे स्वार्थी ही हैं।…

कोविड-19/ तबाही के बाद की दुनिया को कुछ इस तरह बनाएं बेहतर

प्रतीकात्मक चित्र। इस समय, हमने अपनी आर्थिक व्यवस्था का ढांचा कुछ ऐसा बना रखा है और अपने आर्थिक इंजन को हम कुछ इस तरह चला रहे हैं कि अगर हम सफल नहीं होते तो डिप्रेस हो जाते हैं और अगर सफल हो जाते हैं तो भी परेशान ही रहते हैं।…

समाधान / आत्महत्या रोकने का सबसे आसान तरीका है योग

प्रतीकात्मक चित्र। हर साल दुनिया में 8 लाख लोग आत्महत्या कर रहे हैं। यह हत्याओं और युद्ध के कारण मरने वाले लोंगों की कुल संख्या से भी ज्यादा है। इसका मतलब है कि हर 40 सेकंड में 1 व्यक्ति अपनी जान ले रहा है। लेकिन जब ऐसा कोई व्यक्ति जिसे…

समाधान / ऑफिस में नए बॉस का सामना कैसे करें?

प्रतीकात्मक चित्र। जब कोई नया बॉस किसी कंपनी में आता है, तो वह कई तरह के बदलाव करता है जो कंपनी की पिछली संस्कृति से अलग होते हैं। इससे कंपनी के भीतर बहुत हल-चल मच जाती है। हमें इससे कैसे निपटना चाहिए? यह आज के दौर में एक ऐसा सवाल…

कोरोना / कोविड 19 संक्रमण के बीच ऑनलाइन कक्षाएं कितनी सार्थक

कोरोना काल ने सही मायने में भारत को डिजीटल इंडिया बना दिया है। पढ़ाई-लिखाई के क्षेत्र में इसका व्यापक असर हुआ है। प्राइमरी से लेकर उच्चशिक्षा संस्थानों ने ऑनलाइन कक्षाओं का सहारा लेकर नए प्रतिमान रचे हैं। आने वाले समय में यह चलन कितना प्रभावी होगा यह तो नहीं कहा…

जीवन / क्या सभी के साथ, विनम्र रहना जरूरी है?

कभी किसी को आदर के साथ मत देखो। कभी किसी के को तिरस्कार के साथ मत देखो। सिर्फ जीवन को उसके असली रूप में देखना सीखें। तो सहजता से अपने जीवन से गुजर जाएंगे। यह वो मूल सिद्धांत है जो आपको ताउम्र खुश और तनाव मुक्त रखेगा। आप देखेंगे स्कूल…

समाधान / कोरोना से लड़ाई में, मसाला या औषधि? क्या है हल्दी!

हल्दी भारतीय मसाला और औषधि है। गले में खराश हो या शरीर में दर्द, दूध में हल्दी मिलाकर पी लीजिए सब ठीक हो जाता है। रामबाण औषिधि के तौर पर सदियों से मशहूर हल्दी कोरोना संकट में इम्युनिटी बढ़ाने का काम भी करती है। विदेशों में हल्दी को सुपरफूड कहा…

भावना / प्रेम को नफरत में बदल देती है यह गलती!

सबसे खराब स्थिति दुश्मनों के बीच नहीं बल्कि तथाकथित प्रियजनों के बीच होती है। प्यार का मतलब है कोई राय बनाना नहीं बल्कि एक दूसरे जीवन को पोषित करना है। यदि आप यह सोचते हैं कि आप से जुड़े यह लोग आपके प्रियजन हैं तो यह आपके प्रियजन नहीं है…

विडंबना / अंधविश्वास का वैज्ञानिक आधार नहीं तो किसने किया विकृत?

बहुत से लोग हमेशा भाग्यशाली सितारों, भाग्यशाली ग्रहों, भाग्यशाली संख्याओं, हर तरह की चीजों को खोजते रहते हैं। चीजों को खोजने और उनके घटित होने की प्रतीक्षा करने की इस प्रक्रिया में, जिन चीजों को वे खुद ही साकार कर सकते थे, वो पूरी तरह से खो जाती हैं। जीवन…

समाधान / पारिवारिक कलह मिटाकर, प्रेम के पौधे करें रोपित

घर-परिवार में कलह, विवाद, लड़ाई-झगड़ा आम बात है। लेकिन कैसे संभालें, ये बड़ा पेचीदा सवाल है। कई बार ऐसे हालात भी बन जाते हैं कि पारिवारिक कलह के कारण घर टूट जाते हैं या ये कलह लोगों की अंतिम सांस बन जाती है। मतभेद हर जगह हैं, मनभेद नहीं होना…

अस्तित्व / सफलता मिलने के बाद क्यों हो जाते हैं लोग तनाव के शिकार

अमूमन सफल लोग, असफल लोगों की तुलना में कहीं अधिक ज्यादा तनावग्रस्त और पीड़ित होते हैं। सफलता का मतलब यही लिया जाता है कि आप एक ऊंचे स्थान पर हैं। अगर कोई उस जगह बैठने का अधिकारी न हो तो सफलता उसे मार डालती है। अगर लोग सामाजिक चलन, शैक्षिक…