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जीने की राह

जीवन अनिश्चित है, लेकिन अनिश्चितता से घृणा नहीं करनी चाहिए क्योंकि जब आप एक नई जगह में जाते हैं, तो अनिश्चितता होती है, लेकिन कई नई संभावनाएं भी सामने आती हैं। दरअसल, ये सच है की बाहरी दुनिया में कुछ भी निश्चित नहीं है और ये अनिश्चितता ही चीज़ों को…
अमूमन हम परिस्थितियां संभालने को सिर्फ आर्थिक संदर्भ में ही देखते हैं, जीवन को पूरी तरह से संभालने के संदर्भ में नहीं। पर, मूल रूप से, जीवन की सारी प्रक्रिया प्रबंधन ही है। आपके जीवन की गुणवत्ता इस बात पर निर्भर करती है कि आप कितनी अच्छी तरह से अपने…
सभी तरह का आराम, सभी तरह की सुविधाएं होते हुए भी लोग खालीपन क्यों महसूस करते हैं, क्यों असंतुष्ट रहते हैं? यह एक ऐसा सवाल है जो हर व्यक्ति अपने जीवन में कभी न कभी महसूस करता है। दरअसल, मनुष्य होने का महत्व अपनी सीमाओं से परे जाने में है,…

समाधान / मूर्खता से भरा विचार है सफल और असफल होना, लेकिन कैसे?

आपके सभी विचार, सोच, भावनाएं या मूल्य आपके नहीं हैं, ये आपने किसी ओर से लिए हैं और ये आपके अंदर राज करते हैं। ठीक इसी तरह सफलता का विचार आपका अपना विचार है, ही नहीं। सफलता क्या है, ये किसी ओर का विचार है। आपके धर्म, समाज और संस्कारों…

लोकतंत्र / …तो क्या जनता ही ‘नेता’ है लेकिन कैसे? यहां जानें

तमिल में लोकतंत्र को जननायक कहते हैं जिसका मलतब है कि जनता ही नेता है। दुर्भाग्य की बात है कि आम लोग यह भूल गए हैं कि वे नेता हैं। लोकतंत्र में न कोई नेता होता है और न कोई जनता। बस लोग होते हैं। होना यह चाहिए कि हर…

नेतृत्व / ऐसा क्या है जिसे नजरअंदाज़ नहीं किया जा सकता

अगर आपके अंदर वाकई में काबिलियत है तो उसे कोई कब तक ठुकराएगा, वह तो कहीं न कहीं अपना स्‍थान पा ही लेगी। काबिलियत को कोई नजरअंदाज़ नहीं कर सकता है। नेतृत्व का मतलब है, हर किसी की उन्नति को आसान बनाना। जब आप अपने आस-पास की बहुत सी चीजों…

देजा-वू / जब घटने लगे, एक ही घटना बार-बार

आपके जो भी अनुभव हों, उनका आनंद लीजिए और जाने दीजिए उन्हें एकत्र मत कीजिए। यदि आप इन्हें एकत्र करते हैं तो एक समय बाद यह आपका वहम बन जाएंगे और आपको मतिभ्रम होने लगेगा। इसको देजा-वू कहते हैं। देजा-वू फ्रेंच भाषा का एक शब्द है, जिसका मतलब होता है…

जीवंतता / जीवन बेकार क्यों लगने लगता है

आप को अपना ध्यान हर समय उस चीज़ पर केंद्रित करना चाहिए, जो आप करना चाहते हैं। किसी चीज़ पर अपना ध्यान लगातार एक घंटे तक लगाना शुरू कीजिए, फिर उसे बढ़ा कर एक पूरे दिन तक ऐसा करिए। अगर आप अपना ध्यान लगाए रख सकते हैं और उसमें पर्याप्त…

सत्य / क्या हर रिश्ते के पीछे कुछ स्वार्थ छुपा होता है?

इस दुनिया में ऐसा कुछ भी नहीं है जिसे नि:स्वार्थ कहा जा सके। हर चीज़ अपने खुद के मतलब के लिए ही होती है, हर कोई स्वार्थी है। दूसरा कुछ भी नहीं है। आपके विचार और आपकी भावनाएं मूल ढंग से आपके अंदर से हैं, तो वे स्वार्थी ही हैं।…

कोविड-19/ तबाही के बाद की दुनिया को कुछ इस तरह बनाएं बेहतर

प्रतीकात्मक चित्र। इस समय, हमने अपनी आर्थिक व्यवस्था का ढांचा कुछ ऐसा बना रखा है और अपने आर्थिक इंजन को हम कुछ इस तरह चला रहे हैं कि अगर हम सफल नहीं होते तो डिप्रेस हो जाते हैं और अगर सफल हो जाते हैं तो भी परेशान ही रहते हैं।…

समाधान / आत्महत्या रोकने का सबसे आसान तरीका है योग

प्रतीकात्मक चित्र। हर साल दुनिया में 8 लाख लोग आत्महत्या कर रहे हैं। यह हत्याओं और युद्ध के कारण मरने वाले लोंगों की कुल संख्या से भी ज्यादा है। इसका मतलब है कि हर 40 सेकंड में 1 व्यक्ति अपनी जान ले रहा है। लेकिन जब ऐसा कोई व्यक्ति जिसे…

समाधान / ऑफिस में नए बॉस का सामना कैसे करें?

प्रतीकात्मक चित्र। जब कोई नया बॉस किसी कंपनी में आता है, तो वह कई तरह के बदलाव करता है जो कंपनी की पिछली संस्कृति से अलग होते हैं। इससे कंपनी के भीतर बहुत हल-चल मच जाती है। हमें इससे कैसे निपटना चाहिए? यह आज के दौर में एक ऐसा सवाल…

कोरोना / कोविड 19 संक्रमण के बीच ऑनलाइन कक्षाएं कितनी सार्थक

कोरोना काल ने सही मायने में भारत को डिजीटल इंडिया बना दिया है। पढ़ाई-लिखाई के क्षेत्र में इसका व्यापक असर हुआ है। प्राइमरी से लेकर उच्चशिक्षा संस्थानों ने ऑनलाइन कक्षाओं का सहारा लेकर नए प्रतिमान रचे हैं। आने वाले समय में यह चलन कितना प्रभावी होगा यह तो नहीं कहा…

जीवन / क्या सभी के साथ, विनम्र रहना जरूरी है?

कभी किसी को आदर के साथ मत देखो। कभी किसी के को तिरस्कार के साथ मत देखो। सिर्फ जीवन को उसके असली रूप में देखना सीखें। तो सहजता से अपने जीवन से गुजर जाएंगे। यह वो मूल सिद्धांत है जो आपको ताउम्र खुश और तनाव मुक्त रखेगा। आप देखेंगे स्कूल…

समाधान / कोरोना से लड़ाई में, मसाला या औषधि? क्या है हल्दी!

हल्दी भारतीय मसाला और औषधि है। गले में खराश हो या शरीर में दर्द, दूध में हल्दी मिलाकर पी लीजिए सब ठीक हो जाता है। रामबाण औषिधि के तौर पर सदियों से मशहूर हल्दी कोरोना संकट में इम्युनिटी बढ़ाने का काम भी करती है। विदेशों में हल्दी को सुपरफूड कहा…