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जीने की राह

डॉ. वेदप्रताप वैदिक। केरल के कायमकुलम कस्बे के मुसलमानों ने सांप्रदायिक सदभाव की ऐसी मिसाल कायम की है, जो शायद पूरी दुनिया में अद्वितीय है। उन्होंने अपनी मस्जिद में एक हिंदू जोड़े का विवाह करवाया। निकाह नहीं, विवाह! विवाह याने हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार मंत्र-पाठ, पूजा, हवन, द्वीप-प्रज्जवलन, मंगल-सूत्र आदि…
स्वामी विवेकानंद भारतीय आध्यात्मिकता और भारतीय जीवन दर्शन को विश्वपटल पर स्थापित करने वाले नायक हैं। वो अद्वैत के प्रवर्तक हैं। भारत की संस्कृति, भारतीय जीवन मूल्यों और उसके दर्शन को उन्होंने ‘विश्व बंधुत्व और मानवता’ को स्थापित करने वाले विचार के रूप में प्रचारित किया। अपने निरंतर प्रवासों, लेखन…
प्रतीकात्मक चित्र। अनुभव दो तरह के होते हैं पहले, जो आप व्यक्तिगत रूप में सीखते हैं। अपने आस पास होने वाली उस हर गतिविधि से जो आप अपनी इंद्रियों के जरिए दिमाग तक पहुंचा रहे हैं। और दूसरे, दूसरों के अनुभव से सीखना। स्वामी विवेकानंद ने कहा था आपके अनुभव…

प्रकृति / कहीं खो न जाएं स्त्री के वो दिव्य गुण

प्रतीकात्मक चित्र। चाहे पुरुष हों या स्त्री, हमारे जीवन में स्त्रैण या स्त्री प्रकृति के गुणों का होना जरूरी है। क्योंकि जहां पुरुष प्रकृति जीवन यापन से जुडी है, वहीं स्त्री प्रकृति के गुण संगीत, ध्यान, नृत्य, प्रेम जैसे जीवन के सुंदर पहलूओं से जुड़े हैं। स्त्री और आर्य इन…

प्रबंधन / ‘मानसिक तनाव को मैनेज’ करने के ‘तनाव’ से कैसे बचें?

दुनिया में स्ट्रेस मैनेजमेंट या तनाव प्रबंधन का बहुत चलन है। दरअसल, जब भी आपकी इच्छा के अनुरूप काम नहीं होता, तब आपको गुस्सा आता है। जब भी आपकी उम्मीदों के अनुसार दूसरे लोग व्यवहार नहीं करते तब आपको गुस्सा आता है। इसलिए स्ट्रेस मैनेजमेंट की जरूरत महसूस की गई।…

पर्यावरण / ऐसे भी होते हैं शिक्षक जो करते हैं पेड़ों का नि: शुल्क उपचार

चित्र सौजन्य से: द हिंदू/के.बीनू। के.बीनू एक स्कूली शिक्षक हैं जो कई वर्षों से ‘वृक्ष चिकित्सक’ के तौर पर पेड़ों की बीमारियों का इलाज कर रहे हैं। लोग उन्हें ‘ट्री डॉक्टर’ कहते हैं। उम्र के 51वें साल में वो एक ऐसा काम कर रहे हैं जिसके लिए सदियों तक उन्हें…

समाधान / मन की ख्वाहिश अमूमन क्यों नहीं होती पूरी?

अगर कोई इंसान आज भूखा है और उसकी किस्मत ऐसी है कि उसे दो दिन बाद खाना मिलेगा तो वह क्या करे? आम जिंदगी में हमेशा ऐसा ही होता है कि इंसान को किसी चीज की जरूरत आज है और उसे वह मिलती दो दिन के बाद है। हर कोई…

प्रेरणा / शाहरुख खान का सक्सेस फार्मुला, बना सकता है सफल!

54 साल पहले जन्में शाहरुख खान हिंदी सिनेमा के उन चुनिंदा सितारों की फेहरिस्त में हैं जो यहां अपना वर्चस्व बनाए रखने में कामयाब रहे हैं। किंग खान के नाम से मशहूर शाहरुख 2 नवंबर,1965 को जन्में थे। उनके अभिनय से सजी एक फिल्म डियर जिंदगी में अपनी को- स्टार…

प्रेरणा / बेहतर व्यक्ति की जिंदगी में होती हैं ये 5 चुनौतियां

जीवन एक अनिश्चित रोलर कोस्टर की तरह है। यह आप पर निर्भर करता है कि आप इसे किस नजरिए से देखते हैं। खुशी के साथ अपने अनुभवों से सीख ले लेते हैं या दुःखी होकर स्थिर हो जाते हैं। यहां सीखने और करने के लिए काफी कुछ है, ऐसे में…

प्रेरणा / कुछ इस तरह ‘बेहतर कम्युनिकेशन’ से जीत सकते हैं दुनिया

प्रतीकात्मक चित्र। वह बोलता है तो लगता है कि सुनते ही जाएं। ऐसा लगता है कि दिल से बोलता है। उसकी आवाज में आवाज में असर है। कहते हैं, ‘गालिब का है अंदाजें बयां और’। ऐसी तमाम बातें हमने अच्छी बातचीत करने वालों, बेहतर भाषण देने वालों के बारे में…

रंगमंच / इरफान की तरह, प्रतिभावान लोगों को भी करना पड़ता है इंतजार

चित्र: वरिष्ठ रंगमंच अभिनेता आलोक चटर्जी।  रंगमंच जिसे अंग्रेजी में हम थियेटर कहते हैं, एक ऐसी विद्या है जो न केवल आपके व्यक्तित्व विकास में सहायक है बल्कि वो समाज और आस-पास होने वाली हर गतिविधि को देखने का नजरिया बदल सकती है। वैसे तो इस विद्या में पारंगत कई…

गरिमा / रिश्तों में भाषा की कैसी होनी चाहिए भूमिका, यहां जानें

रिश्तों की परिभाषा में भाषा ठीक उसी तरह होती है जैसे चाय में चीनी। ये भाषा चीनी यानी मंदारिन भी हो सकती या दुनिया के किसी ओर स्थान की या हिंदी और अंग्रेजी जो आप बोलते हैं। स्थानीय भाषा भी हो सकती है या फिर कुछ इस तरह की भाषा…

भावनाएं / क्या जिंदगी में बार-बार हो सकता है प्यार?

प्रतीकात्मक चित्र। बहुत सी चीजें हमें प्यार करना सिखाती हैं। लेकिन कोई यह नहीं सिखाता कि प्यार को मिटाया कैसे जाए। यह एक ऐसा प्रश्न है जो अमूमन उन युवाओं के मन में रहता है जो ब्रेकअप जैसी भावना से रू-ब-रू हो चुके हैं। दरअसल आप जीवन में जो भी…

स्मृति शेष / विनम्र और शालीन थीं नीलम शर्मा, उनसे सीखें एंकर ये ज्ञान

Picture courtesy : Neelam Sharma/facebook वो समाचार की दुनिया का शालीन और सौम्य चेहरा थीं। गरिमामयी एंकरिंग हो या बड़े से बड़े मसले पर आक्रामक बहस उनकी विनम्र और संयमित भाषा का अंदाज़ सबसे जुदा था। तो कुछ ऐसी थीं दूरदर्शन की एंकर नीलम शर्मा। 17 अगस्त, 2019 दिन था…

बिश्नोई / भारत के पहले पर्यावरणविद जिनकी पहचान है करुणा और त्याग

Image courtesy : Bishnoisafari 15 वीं शताब्दी के बाद से राजस्थान में बिश्नोई समुदाय पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित रहे है। पर्यावरण के लिए करुणा और त्याग समुदाय के मन में हमेशा रहता है। सन् 1485 में पश्चिमी राजस्थान में मारवाड़ के राजपूत सरदार, गुरु जम्बेश्वर बिश्नोई पंथ का संस्थापक…