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सोशल हलचल

डॉ. वेदप्रताप वैदिक। सरकार और किसानों का आठवां संवाद भी निष्फल रहा। इस संवाद के दौरान ज़रा साफगोई भी हुई और कटुता भी बढ़ी। थोड़ी देर के लिए बातचीत रुक भी गई। सरकार के मंत्रियों और किसान नेताओं ने अपनी-अपनी स्थिति का बयान दो-टूक शब्दों में कर दिया। सरकार ने…
हाल ही में, अमेरिका में एक नया विवाद चारों ओर फैला है कि स्कूलों में योग पर प्रतिबंध लगना चाहिए, क्योंकि यह धार्मिकता और हिंदुत्व से जुड़ा है। जब कि योग एक तकनीक है और इसका धर्म से कोई लेना देना नहीं है। आप किस धर्म से हैं, इसका आपके…
लोकतंत्र में तानाशाही की कोई जगह नहीं होती, लेकिन दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में एक बार फिर तानाशाही की शुरूआत हो चुकी है। सरकार तीन कृषि कानून को बहुमत से लागू कर चुकी है। केंद्र सरकार का कहना है कि ये अभी नहीं तो कभी नहीं। लेकिन कई सवाल…

समस्या / भारत के अंदर बन सकते हैं, कई पाकिस्तान!

डॉ. वेदप्रताप वैदिक। हैदराबाद नगर-निगम चुनाव और उसके परिणामों की राष्ट्रीय स्तर पर विवेचना हो रही है लेकिन इस स्थानीय बिल में से एक अंतरराष्ट्रीय सांप निकलता दिखाई पड़ रहा है। यह स्थानीय नहीं, अंतरराष्ट्रीय चुनाव साबित हो सकता है। यह एक भारत को कई भारत बनाने वाली घटना बन…

किसान आंदोलन / यदि किसान भ्रम में हैं! तो सरकार भ्रम दूर क्यों नहीं करती?

डॉ. वेदप्रताप वैदिक। किसान नेताओं और केंद्र सरकार के नेताओं की बीच बात शुरु हो गई है। यह अच्छी बात है लेकिन यह बात कब शुरु हुई? जब पंजाब और हरियाणा के हजारों किसानों ने सीधे दिल्ली पर धावा बोल दिया? सवाल यह है कि संसद में कानून बनाने के…

लव जिहाद / राजनीतिक लाभ, धार्मिक उन्माद और इंसानियत पर सवाल

डॉ. वेदप्रताप वैदिक। जहां ‘लव’ है, वहां ‘जिहाद’ कैसा? जिहाद तो दो तरह का होता है। जिहादे-अकबर और जिहादे-अशगर! पहला, बड़ा जिहाद, जो अपने काम, क्रोध, मद, लोभ मोह के खिलाफ इंसान खुद लड़ता है और दूसरा छोटा जिहाद, जो लोग हमलावरों के खिलाफ लड़ते हैं। जहां प्रेम है, वहां…

भ्रष्टाचार / भारत में लोकतंत्र? ‘नेताशाही और नौकरशाही’

डॉ. वेदप्रताप वैदिक। ट्रांसपेरेन्सी इन्टरनेशनल की ताजा रपट के अनुसार एशिया में सबसे अधिक भ्रष्टाचार यदि कहीं है तो वह भारत में है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को इससे गंदा प्रमाण-पत्र क्या मिल सकता है ? इसका अर्थ क्या हुआ? क्या यह नहीं कि भारत में लोकतंत्र या लोकशाही…

लव जिहाद / अध्यादेश अच्छा, क्या ‘तबलीगी जमात और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ’ पर होगा लागू?

डॉ. वेदप्रताप वैदिक। उत्तरप्रदेश सरकार ने लव जिहाद के खिलाफ अध्यादेश जारी कर दिया है। उस अध्यादेश में लव जिहाद शब्द का प्रयोग नहीं किया गया है, यह अच्छी बात है, क्योंकि लव और जिहाद, ये दोनों शब्द परस्पर विरोधी हैं। जहां लव होगा, वहां जिहाद हो ही नहीं सकता।…

अफगानिस्तान / काबुल से फौज की वापसी, क्या हो सकेगी पूर्ण शांति कायम

डॉ. वेदप्रताप वैदिक। अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने घोषणा की है कि वह अपनी सेना के 2500 जवानों को अफगानिस्तान से वापस बुलवाएगा। यह काम क्रिसमिस के पहले ही संपन्न हो जाएगा, जिस अफगानिस्तान में अमेरिका के एक लाख जवान थे, वहां सिर्फ 2 हजार ही रह जाएं तो उस…

समाज / यदि ‘लव’ है तो ‘जिहाद’ कैसा?

डॉ. वेदप्रताप वैदिक। लव जिहाद के खिलाफ उत्तर प्रदेश, हरियाणा और मध्यप्रदेश में कानून बनाने की सरगर्मी तेज है। बीते दिनों यह मामला उस समय तूल पकड़ता दिखा जब फरीदाबाद में निकिता तोमर की हत्या इसीलिए की गई बताई जाती है कि उसने हिंदू से मुसलमान बनने से मना कर…

भारत-चीन विवाद / संयम और समझौते के बाद शांति की बयार

डॉ. वेदप्रताप वैदिक। भारत-चीन तनाव खत्म होने के संकेत मिलने लगे हैं। अभी दोनों तरफ की सेनाओं ने पीछे हटना शुरु नहीं किया है लेकिन दोनों इस बात पर सहमत हो गई हैं कि मार्च-अप्रैल में वे जहां थीं, वहीं वापस चली जाएंगी। उनका वापस जाना भी आज-कल में ही…

मजहब / कट्टरता के मद में, वो क्या थे और क्या हो गए?

डॉ. वेदप्रताप वैदिक। इधर भारतीय विदेश मंत्रालय ने विशेष कूटनीतिक साहस और स्पष्टवादिता का परिचय दिया है। उसने एक बयान जारी करके तुर्की के राष्ट्रपति तय्यब एरदोगन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को आड़े हाथों लिया है। भारत सरकार ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमेनुअल मेक्रो का खुलकर समर्थन किया…

मप्र-बिहार चुनाव / लोकप्रिय नेता के नाम पर लोक-लुभावने वायदों का सच

साल 1992 यानी उदारीकरण के ठीक एक साल बाद का समय इस दौरान हिंदी सिनेमा की एक यादगार फिल्म रिलीज हुई। नाम था ‘दिल का क्या कसूर’ इस फिल्म में वैसे तो एक से ज्यादा गाने थे लेकिन एक गाना यह भी था ‘मिलने की तुम कोशिश करना, वादा कभी…

विमर्श / जनमत से चुने नेताओं की दुनिया में कहां है ‘आत्मनिर्भर भारत’

चित्र : लॉकडाउन के दौरान मजदूर घर की ओर जाते हुए। आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी बनाम विदेशी का 20-20 मैच नहीं है बल्कि सबसे पहले हमें अपनी सोच को आत्मनिर्भर बनना होगा। आज भी ग्रामीण और शहरी तबके में रहने वाले युवा सरकारी नौकरी को ही प्राथमिकता दे रहे हैं। स्टार्टअप…

अव्यवस्था / यह देश जातिवाद से उतना ग्रस्त नहीं, जितना भारत है?

डॉ. वेदप्रताप वैदिक। भारत जातिवाद से ग्रस्त वो देश है जहां शिक्षित लोग भी जातिवाद को उतना महत्व देते हैं जितना अशिक्षित यह अमूमन दिनचर्या का हिस्सा सा बना हुआ है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत में चुनाव भी जातिवाद के इर्द-गिर्द होते हैं। दफ्तर, सार्वजनिक स्थल, मंदिर…