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अध्यात्म

नोट : सद्‌गुरु इस आलेख में एक ऐसे विषय के बारे में बता हैं जिस पर चर्चा करना ही गलत समझा जाता है, पर आध्यात्मिक मार्ग पर चलने वालों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है। हम लोग, हमेशा, किसी न किसी बात से छुटकारा पाने के बारे में ही…
क्या काला जादू एक हकीकत है? ‘हां’ और शायद ‘नहीं’। क्या ऊर्जा को एक नकारात्मक रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, जैसे किसी पर काला जादू करना? इन सारे सवालों के बारे में सद्गुरु बताते हैं कि आपको यह समझना होगा कि ऊर्जा सिर्फ ऊर्जा होती है, वह न…
राय एक कल्पना है। जैसे ‘यह तो बहुत बुद्धिमान है, यह मूर्ख है, यह अच्छा है, यह बुरा है।’ ये सब कल्पना है। क्यों न हम कल्पना किए बिना यूं ही देखें? आप लोगों को कम उम्र में ही यह गुण अपने अंदर पैदा करना चाहिए। अगर आप राय नहीं…

समाधान / हर समस्या का हल है आपके पास, बस! तलाश कीजिए

मन वो उपकरण है जो हमारे आस पास होने वाली हर चीज़ का बोध कराता है। ऐसे में अगर मन पुरानी बातों की छाप अपने ऊपर ढो रहा हैं, तो चीजों को साफ-साफ और गहराई से देखना मुश्किल हो जाएगा। सब कुछ साफ देखने के लिए मन दर्पण की तरह…

प्रकृति / मानसिक शांति के लिए ये तरीका है बेमिसाल

प्रतीकात्मक चित्र। यदि शरीर के अंदर की रासायनिक व्यवस्था को सही तरीके से रखना है, तो शांतिपूर्ण होना आवश्यक है और योग ही इसके लिए एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है। हम सभी को अपने जीवन में शांति चाहिए। आप शांति से रहना चाहते हैं पर मन अधिकतर उत्तेजित रहता है, अतः…

प्रकृति / श्रीकृष्ण हों या ईसा मसीह क्यों थे इनके जीवन में भी कष्ट

शिव हों या कृष्ण या फिर ईसा मसीह सबको अपने जीवन में कुछ ऐसे हालातों का सामना करना पड़ा जिससे एक आम आदमी बचना चाहता है। तो फिर क्या वे ईश्वर नहीं थे? या फिर उनमें हालात को बदलने की काबीलियत नहीं थी? यह ऐसे प्रश्न हैं जो सदियों से…

ध्यान / अपने आस-पास देखिए खुद को समझना आसान होगा

अगर आप यह आलेख नहीं पढ़ेंगे तो क्या आपको पता चल सकेगा कि यहां आपके लिए कुछ खास लिखा जा रहा है। जीवन का हर पहलू इसी तरह है यदि आप ध्यान नहीं देते हैं, तो आपको पता नहीं चलेगा कि आप क्या खा रहे हैं? कैसी सांस ले रहे…

तर्क / बुद्धिमान हैं भक्त, फिर तार्किक उन्हें मूर्ख क्यों कहते हैं?

भक्त बहुत बुद्धिमान होता है। उनमें जीवन का भाव बहुत गहराई तक होता है, क्योंकि भक्त को यह बात समझ आ गई होती है कि सबसे महत्वपूर्ण चीज आनंद में रहना है। अगर आप जीवन के इस अनुभव को खूबसूरत बना लें, आप दिन के 24 घंटे खुश रह सकें,…

मंथन / ‘भक्ति और नशा’ का मन से है ये गहरा संबंध

भक्ति और नशा इन दोनों का ही मन से गहरा संबंध है। यह दोनों ही सुखद अवस्थाएं हैं। लेकिन यह दोनों ही एक दूसरे के विपरीत है और इन दोनों के बीच अंतर यह है कि भक्ति आपके मन का विकास करती है, जबकि नशा उसे बर्बाद कर देता है।…

चिंतन / अच्छाई और बुराई में क्यों फंसा है इंसान

हमें बचपन से सिखाया जाता है ये चीजें अच्छी हैं और वो चीजें बुरी हैं। समय के साथ अच्छे और बुरे का यही भेद कैसे हमारे लिए बंधन बन जाता है? आप अपने आस-पास देखें, ऐसे बहुत से गुरु हैं, जिन्होंने लोगों को अच्छाई का पाठ पढ़ाया है। कुछ लोग…

दिशा / यदि आध्यात्मिक बनना चाहते हैं? तो ये हैं वो सरल तरीके!

आध्यात्मिक प्रक्रिया तक पहुंचने के तीन तरीके हैं। पहला तरीका है, कुछ जीवनकालों के दौरान सही चीजें करते हुए आप धीरे-धीरे वहां तक पहुंच सकते हैं। दूसरा तरीका है कि आप अपनी वर्तमान परिस्थितियों में बने रहें, अपनी ओर से बेहतरीन काम करें, खुद को खुला और केंद्रित रखें और…

त्योहार / दिल से मनाएं हर दिन दिवाली, जिंदगी में रहेंगे खुशियों के रंग

दुनिया में जहां भी दिवाली के महत्व को लोग जानते हैं वो अपने पूरे परिवार के साथ इस त्योहार को मनाने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। यह त्योहार ही कुछ ऐसा है दीपों का त्योहार, खुशियों का त्योहार और धन-वैभव-स्वच्छता का वो त्योहार जो दीपावली के नाम से सदियों…

समाधान / आध्यात्मिक रूप से ‘पानी’ क्यों है महत्त्वपूर्ण

भारत में पानी का संकट इतना तेजी से बढ़ रहा है कि आने वाले दिनों में यह संकट एक विकराल समस्या के तौर पर हमारे सामने मौजूद होगी। पिछले साल चैन्नई में पानी का संकट था, अनुमान लगाया जा रह है कि दक्षिण भारत के बेंगलुरू अब अगले पायदान पर…

भविष्य / यहां जानें, आने वाले 30 साल मानवता के लिए क्यों हैं महत्वपूर्ण

यदि अगले 15 से 30 वर्षों में पारंपरिक योग लोगों को बहुत बड़े पैमाने पर उपलब्ध नहीं होता है, तो मानव जाति की योग्यता बहुत तेजी से कम होती जाएगी। मनुष्य होने के कारण हम बहुत सारी अलग-अलग गतिविधियां कर सकते हैं। हमारी गतिविधि चाहे जिस भी तरह की हो,…

शिक्षा / मन में होते हैं ‘राम’ सीखिए कैसे किया जाता है ‘रावण का अंत’

राम और रावण त्रेतायुग में जन्में दो चरित्र हैं, जिनके बारे में हमें महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण से जानकारी मिलती है। रामायण के बाद कई ओर रामायण अलग-अलग नाम से लिखी गईं, और संभव है भविष्य में भी लोग लिखते रहेंगे। राम को हमने भगवान के रूप में स्थापित…