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अध्यात्म

प्रतीकात्मक चित्र। यदि शरीर के अंदर की रासायनिक व्यवस्था को सही तरीके से रखना है, तो शांतिपूर्ण होना आवश्यक है और योग ही इसके लिए एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है। हम सभी को अपने जीवन में शांति चाहिए। आप शांति से रहना चाहते हैं पर मन अधिकतर उत्तेजित रहता है, अतः…
शिव हों या कृष्ण या फिर ईसा मसीह सबको अपने जीवन में कुछ ऐसे हालातों का सामना करना पड़ा जिससे एक आम आदमी बचना चाहता है। तो फिर क्या वे ईश्वर नहीं थे? या फिर उनमें हालात को बदलने की काबीलियत नहीं थी? यह ऐसे प्रश्न हैं जो सदियों से…
अगर आप यह आलेख नहीं पढ़ेंगे तो क्या आपको पता चल सकेगा कि यहां आपके लिए कुछ खास लिखा जा रहा है। जीवन का हर पहलू इसी तरह है यदि आप ध्यान नहीं देते हैं, तो आपको पता नहीं चलेगा कि आप क्या खा रहे हैं? कैसी सांस ले रहे…

तर्क / बुद्धिमान हैं भक्त, फिर तार्किक उन्हें मूर्ख क्यों कहते हैं?

भक्त बहुत बुद्धिमान होता है। उनमें जीवन का भाव बहुत गहराई तक होता है, क्योंकि भक्त को यह बात समझ आ गई होती है कि सबसे महत्वपूर्ण चीज आनंद में रहना है। अगर आप जीवन के इस अनुभव को खूबसूरत बना लें, आप दिन के 24 घंटे खुश रह सकें,…

मंथन / ‘भक्ति और नशा’ का मन से है ये गहरा संबंध

भक्ति और नशा इन दोनों का ही मन से गहरा संबंध है। यह दोनों ही सुखद अवस्थाएं हैं। लेकिन यह दोनों ही एक दूसरे के विपरीत है और इन दोनों के बीच अंतर यह है कि भक्ति आपके मन का विकास करती है, जबकि नशा उसे बर्बाद कर देता है।…

चिंतन / अच्छाई और बुराई में क्यों फंसा है इंसान

हमें बचपन से सिखाया जाता है ये चीजें अच्छी हैं और वो चीजें बुरी हैं। समय के साथ अच्छे और बुरे का यही भेद कैसे हमारे लिए बंधन बन जाता है? आप अपने आस-पास देखें, ऐसे बहुत से गुरु हैं, जिन्होंने लोगों को अच्छाई का पाठ पढ़ाया है। कुछ लोग…

दिशा / यदि आध्यात्मिक बनना चाहते हैं? तो ये हैं वो सरल तरीके!

आध्यात्मिक प्रक्रिया तक पहुंचने के तीन तरीके हैं। पहला तरीका है, कुछ जीवनकालों के दौरान सही चीजें करते हुए आप धीरे-धीरे वहां तक पहुंच सकते हैं। दूसरा तरीका है कि आप अपनी वर्तमान परिस्थितियों में बने रहें, अपनी ओर से बेहतरीन काम करें, खुद को खुला और केंद्रित रखें और…

त्योहार / दिल से मनाएं हर दिन दिवाली, जिंदगी में रहेंगे खुशियों के रंग

दुनिया में जहां भी दिवाली के महत्व को लोग जानते हैं वो अपने पूरे परिवार के साथ इस त्योहार को मनाने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। यह त्योहार ही कुछ ऐसा है दीपों का त्योहार, खुशियों का त्योहार और धन-वैभव-स्वच्छता का वो त्योहार जो दीपावली के नाम से सदियों…

समाधान / आध्यात्मिक रूप से ‘पानी’ क्यों है महत्त्वपूर्ण

भारत में पानी का संकट इतना तेजी से बढ़ रहा है कि आने वाले दिनों में यह संकट एक विकराल समस्या के तौर पर हमारे सामने मौजूद होगी। पिछले साल चैन्नई में पानी का संकट था, अनुमान लगाया जा रह है कि दक्षिण भारत के बेंगलुरू अब अगले पायदान पर…

भविष्य / यहां जानें, आने वाले 30 साल मानवता के लिए क्यों हैं महत्वपूर्ण

यदि अगले 15 से 30 वर्षों में पारंपरिक योग लोगों को बहुत बड़े पैमाने पर उपलब्ध नहीं होता है, तो मानव जाति की योग्यता बहुत तेजी से कम होती जाएगी। मनुष्य होने के कारण हम बहुत सारी अलग-अलग गतिविधियां कर सकते हैं। हमारी गतिविधि चाहे जिस भी तरह की हो,…

शिक्षा / मन में होते हैं ‘राम’ सीखिए कैसे किया जाता है ‘रावण का अंत’

राम और रावण त्रेतायुग में जन्में दो चरित्र हैं, जिनके बारे में हमें महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण से जानकारी मिलती है। रामायण के बाद कई ओर रामायण अलग-अलग नाम से लिखी गईं, और संभव है भविष्य में भी लोग लिखते रहेंगे। राम को हमने भगवान के रूप में स्थापित…

अस्तित्व / खुद की तलाश में निकले हैं, तो यहां मिलेगी मंजिल!

मां काली योग की प्राथमिक देवी हैं। वह योग शक्ति की क्रिया शक्ति हैं, जो हमें शाश्वत की तलाश करने के लिए प्रेरित करती हैं। वह हमारे भीतर दैवीय गूंज की आवाज है, जब हम अपने अहंकार की पृष्ठभूमि को फीका करते हैं, तब मां काली हमारे भीतर आध्यात्मिक शक्ति…

अभिव्यक्ति / क्या पुरुषों को महिलाओं के लिए स्वतंत्रता देनी चाहिए?

आध्यात्मिकता कोई नैतिक विज्ञान नहीं है। आध्यात्मिकता उस जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए होती है, जो आप हैं। भारतीय आध्यात्मिकता, हमेशा ऐसे पुरुषों और महिलाओं का एक समृद्ध मिश्रण रही है, जो अपनी चेतना के शिखर पर पहुंचे थे। जब मनुष्य के आंतरिक स्वभाव की बात होती है…

दर्शन / …तो क्या योग प्रथाओं के खिलाफ है अद्वैत?

अद्वैत वेदांत दर्शन योग प्रथाओं के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह दर्शन यौगिक अभ्यास की बात करता है। यह एक गलत धारणा है कि अद्वैत मंत्र, प्राणायाम, पूजा और भक्ति जैसी अन्य आध्यात्मिक और यौगिक प्रथाओं के खिलाफ है, जो इसके दृष्टिकोण से कम मूल्य के रूप में माना जाता…

दर्शन / रमण महर्षि क्यों कहे जाते हैं नव-अद्वैत के प्रणेता!

रमण महर्षि की शिक्षाएं अमूमन नव-अद्वैत शिक्षकों के लिए प्रारंभिक बिंदु बनाती हैं, हालाकि, रामायण की शिक्षाओं की पृष्ठभूमि और पूर्ण दायरे को देखने के बजाय, केवल उनकी शिक्षाओं पर ही ध्यान केंद्रित किया जाता है जो सभी के लिए त्वरित प्राप्ति का वादा करती प्रतीत होती हैं। कुछ नव-अद्वैत…