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बदलाव / बच्चों के चेहरे पर खुशी की वजह हैं गवर्मेंट स्कूल के हाईटेक क्लासरूम

Photo Courtesy: Only Ray of Hope/Twitter ‏

राजनीति से इतर दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार प्राथमिक विद्यालयों की संरचना पर बेहतर काम कर रही है। देश की राजधानी दिल्ली के सरकारी स्कूलों के पुनर्निर्माण और हाईटेक बनाने में किया गया उनका काम उन राज्यों की सरकार के लिए प्रेरणा देता है, जो आजादी के बाद भी इस स्तर पर नहीं पहुंच पाई हैं।

यहां कक्षाओं में तकनीकी को लेकर काफी वर्क किया गया है। यह सब कुछ हालही में शुरू किए गए ‘हैप्पी करिकुलम’ कार्यक्रम के तहत किया गया। आलम यह है कि यहां के कुछ सरकारी स्कूलों की क्लासेज अपने निजी स्कूल के क्लासरूम को कड़ी टक्कर दे रहे हैं।

दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने एक ट्वीट का जवाब देते हुए कहा कि 8,000 से अधिक ऐसी कक्षाएं पहले ही बन चुकी हैं और 11,000 से अधिक कक्षाएं पूरी होने वाली हैं। 2015 में, शहर के सरकारी स्कूलों में दयनीय स्थिति में 17,000 से अधिक कक्षाएं थीं। अब, 25,000 से अधिक अत्याधुनिक क्लासरूम हैं, जो निकट भविष्य में 1,000 से अधिक की प्रक्रिया के साथ 11,000 तक बढ़ सकते हैं।

मनीष सिसोदिया, जो दिल्ली के उप मुख्यमंत्री भी हैं, ने यह जानकारी अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर जानकारी साझा की।

कुछ दिनों पहले, मनीष सिसोदिया ने स्कूली बच्चों पर नई ‘हैप्पीनेस क्लास’ के प्रभाव का एक वीडियो साझा किया था। कक्षा का प्रभाव ऐसा था कि छात्र चाहते थे कि उनके अभिभावक भी उस कक्षा को लें।

हैप्पीनेस करिकुलम में ध्यान, नैतिक मूल्य और मानसिक अभ्यास शामिल हैं और इसका मुख्य विचार सर्वगुण सम्पन्न (बहुमुखी) पेशेवर और मानव प्राणी पैदा करना था जो समाज को खुशी के साथ सेवा दे सकें। इस पाठ्यक्रम पर काम पिछले साल जनवरी में 35-40 विशेषज्ञों की टीम के साथ शुरू किया गया था। इस तरह के विकास के साथ, लगता है कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों के ‘अच्छे दिन’ यहां आ चुके हैं।

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