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पहल / ऑस्ट्रेलिया की शानदार कोशिश, दुनिया के सभी देश जुड़ें तो सुरक्षित रहेगी पृथ्वी

हम पृथ्वी के लिए… हमारे पर्यावरण के लिए… ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन रोकने में मदद कर सकते हैं, इनमें से एक तरीका यह है कि हम अधिक से अधिक पौधे लगाएं, जो आगे चलकर पेड़ बनेंगे और कई साल तक वो कार्बन-डाय-ऑक्साइड को अवशोषित करेंगे।

हमारे ग्रह के गर्म होने के दो कारण हैं पहला है हम ग्रीनहाउस गैसों को बाहर निकालते रहते हैं, और दूसरा हम उन पेड़ों को काटते रहते हैं जो इसका संतुलन बनाने में हमारी मदद करते हैं। हमें हानिकारक प्रदूषण को समाप्त करने के लिए 1.2 ट्रिलियन पेड़ लगाने की जरूरत है, ताकि पृथ्वी को फिर से स्वस्थ बनाया जा सके।

ऑस्ट्रेलिया ने पहल करते हुए आने वाले 30 साल के भीतर एक अरब पौधे लगाने के लिए एक बड़े पैमाने पर परियोजना शुरू की है। ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने नए पेरिस समझौते द्वारा निर्धारित जलवायु लक्ष्यों को पूरा करने के प्रयास के तहत अभियान की शुरुआत की है।

ऑस्ट्रेलिया का अनुमान है कि परियोजना 2050 तक चलेगी, जिसका लक्ष्य हर साल 18 मिलियन टन ग्रीनहाउस गैसों को निकालना है। अभी, देश में हर साल लगभग 500 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड का उत्पादन होता है। इस बारे में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने ट्वीट किया है।

ईटीएच ज्यूरिख के एक नए अध्ययन से संकेत मिलता है कि दुनिया के ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन की भरपाई के लिए हमें लगभग 1.2 ट्रिलियन नए पेड़ लगाने चाहिए। लीड शोधकर्ता थॉमस क्रॉथर ने कहा है कि पेड़ जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में हमारा सबसे शक्तिशाली हथियार हैं। आखिरकार, यह पूरी तरह से गैर-तकनीकी समाधान है जिसे नियमित लोग भी दुनिया में कहीं भी अपना सकते हैं।

क्रॉथर ने कहा, ‘पेड़ सचमुच शहरी वातावरण में लोगों को खुश करते हैं, वे हवा की गुणवत्ता, पानी की गुणवत्ता, भोजन की गुणवत्ता, पारिस्थितिक तंत्र सेवा में सुधार करते हैं, यह इतनी आसान, ठोस चीज है।’

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