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तजुर्बा / जीवन को ऐसे बनाएं सरल ताकि कभी न हों विफल

श्रीहरि के अमिट भक्त ध्रुव को कौन नहीं जानता वह कम उम्र में इतने सरल व्यक्तित्व के थे कि केवल वह प्रभु की भक्ति में लीन रहते थे। यही कारण है, उन्हें श्रीहरि का आशीर्वाद प्राप्त हुआ बल्कि हिंदू पौराणिक ग्रंथों के अनुसार वह आसमान में तारा बनकर अमर हो गए। यही सरलता है।

आप जितने ज्यादा सरल स्वभाव के होंगे उतने ही प्रभु के करीब होते जाएंगे। जब आप सरल होते हैं तो आत्मा और परमात्मा के बीच दूरियां लाने वाले मानवीय भाव का अंत हो जाता है और इंसान स्वच्छ जल की तरह निर्मल हो जाता है।

जीवन को सरल ऐसे बनाएं

जीवन में सरलता लाना है तो मन से वो सभी विकारों का तर्पण करें जो नकारात्मक भाव को पैदा करते हैं। जब खुद को मन से शांत महसूस करेंगे तो सरलता अपने आप आपके अंदर प्रवेश करेगी। आप एक भिखारी और एक रईस आदमी में तब कोई फर्क नहीं समझेंगे। हर छोटी से छोटी सफलता आपको खुशी देगी और एक उम्मीद जो आपको सफल बनाने में सहायक होगी।

अभिनेता और खिलाड़ियों से सीखें

अभिनेता को देखा ही होगा जब वो अपने कार्यस्थल पर होते हैं तो कई तरह के भाव से उस भावना को जन्म देते हैं जो होती नहीं पर उसका अहसास होता है। वो अहसास इतना अधिक होता है कि सिल्वर स्क्रीन पर उनके अभिनय को देखने के बाद आंखें नम हो जाती हैं। ठीक इसी तरह कोई खिलाड़ी कितनी ही प्रेक्टिस कर ले, लेकिन उसकी असली परीक्षा खेल के मैदान में होती है। अभिनेता हो या खिलाड़ी दोनों जितना सरल होंगे उनके अभिनय और खेल में वह भाव जरूर दिखाई देगा यानी सरलता और सरल व्यक्ति की मदद भगवान करता है।

जीवन में कठिनाइयां और मुसीबतें तब पैदा होती हैं, जब मनुष्य उसे जटिल और आडंबरपूर्ण बना लिया करता है। जीवन की सरलता ही सुख है।

ऋषि-मुनियों का जीवन

वैदिक काल की बात करें तो उस समय ऋषि-मुनि बेहद सरल जीवन जीते थे, वह कुटिया में रहते थे। सात्विक भोजन करते थे और भौतिक सुखों से वंचित रहते थे। वह केवल प्रभु भक्ति में लीन रहते थे और इतना सरल जीवन जीते थे कि जब राजा-महाराजा किसी परेशानी में होते तो उनके आश्रम में शांति के लिए शरण लेते थे।

शिव से सीखें क्या होती है सरलता

हिंदू मत के अनुसार भगवान शिव सरलता के सबसे बडे उदाहरण है। वह आडंबर से दूर सादा जीवन जीते हैं और कैलाश पर्वत पर ध्यानवस्था में रहते हैं। पुराणों में कहा गया है कि वह एकमात्र ऐसे देव हैं जो भक्त की भक्ति से जल्द प्रसन्न हो जाते हैं। यही सरलता वह इंसान में होना चाहिए जिसका उदाहरण स्वयं भगवान दे रहे हैं।

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