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जज्बा / घर में थी पानी की कमी, 18 महीने में खोदा 33 फीट गहरा कुंआ

सीताराम लोधी की उम्र 70 साल है, लेकिन वह किसी 30 साल के युवा से कम नहीं। उन्होंने वो कर दिखाया, जिसे लोग कहने से भी पहले कई बार सोचते हैं। सीताराम ने अपने क्षेत्र और घर में जल संकट दो दूर करने के लिए 33 फीट गहरे कुएं को खोद डाला।

मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में प्रतापपुरा गांव पंचायत के अंतरगत आने वाले हडुआ गांव के निवासी हैं ‘सीताराम’। उन्होंने 2015 के आखिर में यह कुंआ खोदने की शुरूआत की थी। इस तरह 33 फुट गहरे कुए को बनाने में करीब 18 महीने लग गए। लेकिन, उन्हें दीवारों पर प्लास्टर के लिए कोई सरकारी समर्थन नहीं मिला।

सीताराम अविवाहित है और अपने छोटे भाई हल्के के साथ रहते हैं। हल्के के दो बेटे हैं और परिवार के पास करीब 20 एकड़ जमीन है।

 TOI की रिपोर्ट के मुताबिक सीताराम बताते हैं, ‘यहां बारिश कम होती है। घर में पानी कमी रहती है। हमारे पास कुंआ खोदने के लिए रुपए नहीं थे। तब मैंने अपने खेत पर एक कुआं खोदने का फैसला किया। मेरे परिवार के सदस्यों ने कहा कि मुझे ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए, लेकिन मुझे खुद पर यकीन था कि पानी मिलेगा। मैं सुबह से दोपहर तक और फिर शाम से सूर्यास्त तक रोजाना खोदता था। मैंने मिट्टी को खोद दिया और फिर इसे अच्छी तरह से बाहर फेंक दिया। मैं यह काम हर दिन लगभग 18 महीने तक लगातार करता रहा।’

तो वहीं, राज्य में कपिल धर योजना सहित कई सरकारी योजनाएं हैं, जो कि किसानों को अपने खेतों में बेहतर सिंचाई के लिए कुएं खोदने में मदद करती हैं।

इस बारे में लवकुश नगर जनपद पंचायत सीईओ, आर के शर्मा ने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि किसान ने कपिल धर्म योजना के तहत कुंआ खुदवाने के लिए आवेदन किया था या नहीं। इस मामले में परियोजना की कुल लागत 1.8 लाख रुपए है जो राज्य सरकार द्वारा दिए जाते हैं। फिलहाल ऐसी कोई भी योजना नहीं है जो किसी को भी मदद प्रदान करे जो बिना सरकार की अनुमति लिए अपना कुंआ खोद रहा हो।’

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