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तकनीक / ऐसा कैफे जहां इंसान नहीं रोबोट हैं ‘वेटर्स’, जो खास कस्टमर्स के लिए देते हैं विशेष सुविधा

Picture Courtesy: PR Times

ये चेतावनी नहीं हकीकत है कि तकनीक मनुष्य की नौकरियों को खत्म कर सकती है, लेकिन कुछ अलग तरह से… यह तरीका कितना सही और कितना गलत है इस बात पर हमें गंभीर होने के साथ इस बात पर गौर करना बेहद जरूरी है हम तकनीक के साथ मिलकर कैसे कुछ नया और इंसानियत के लिए बेहतर कर सकते हैं।

ऐसा ही कुछ देखा जा सकता है जापान की राजधानी टोक्यो के डॉन कैफे में, जहां इंसान की मदद से रोबोट पैरालाइज्ड मरीजों के लिए एक वरदान बनकर सामने आए हैं। नवंबर-दिसंबर के माह में डॉन कैफे में एक प्रयोग के जरिए इस कल्पना को मूर्त रूप देने की कोशिश की गई, जो सफल रही है। कैफे में कैफे के कर्मचारियों की निगरानी में ओरीहेम-डी रोबोट द्वारा पैरालाइज्ड मरीजों के लिए कॉफी पेश की जाती है। इन रोबोट को स्टार्टअप कंपनी रोबोटिक्स ओरी द्वारा विकसित किया गया है, जो इस कैफे के माहौल को रोमांचक बना रहा है।

‘दिलचस्प बात यह है कि डॉन कैफे को विशेष रूप से 2008 में टाइम ऑफ ईव से एनीम श्रृंखला के तहत एक काल्पनिक कैफे की तरह दिखने के लिए डिज़ाइन किया गया था।’

यह एक प्रयोग है जहां रोबोट को रिमोट कंट्रोल के जरिए नियंत्रित किया गया है। यहां कई पैरालाइज्ड मरीज इस रोमांचक अनुभव को यादों में कैद करने के लिए आते हैं। जहां ये रोबोट जो कि 4 फुट लंबे, बॉट कैमरे, माइक्रोफोन और स्पीकर से लेस इनसे बातें करते हैं। यहां अमूमन एएलएस रोगी (क्या एमीट्रोफिक पार्श्व स्केलेरोसिस यानी (एएलएस) एक ऐसी बीमारी है जो मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी को प्रभावित करती है।) हाथों या पैरों के जरिए ठीक से नहीं चलने वाले लोग यहां आते हैं। वह अपनी आंखों के जरिए इन रोबोट से संपर्क कर सकते हैं और रोबोट बॉट्स (रोबोटिक्स कम्युनिकेशन तकनीक) उनकी बात को समझ जाते हैं।

Video Courtesy: Kazumichi Moriyama

कैफे ने पिछले कुछ सप्ताह में रोबोट के बीटा परीक्षण किए और स्थानीय मीडिया को बताया कि हम इनका प्रयोग करने में सुरक्षित हैं। यह रोबोट सेंसेटिव टेक्स्ट इंटरफेस का उपयोग कर बोले गए शब्दों और आंखों की भाषा पढ़ लेते हैं और कस्टमर्स के लिए बेहतर और तुरंत सुविधाएं देते हैं।

दिलचस्प बात यह है कि डॉन कैफे को विशेष रूप से 2008 में टाइम ऑफ ईव से एनीम श्रृंखला के तहत एक काल्पनिक कैफे की तरह दिखने के लिए डिज़ाइन किया गया था। कैफे की यह कोशिश थी कि मनुष्य और एंड्रॉइड रोबोट यहां शांतिपूर्वक तरह से अपने अस्तित्व में रहते हुए उचित व्यवहार करें और यह संभव होता यहां दिखाई दे रहा है।

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