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सलाह / अकेलेपन को दूर करने के ये हैं सबसे सरल उपाय

आध्यात्मिक गुरु जग्गी वासुदेव कहते हैं, ‘आप शारीरिक रूप से अकेले नहीं हो सकते। जहां भी जाएंगे, वहां कुछ न कुछ होगा, अगर इंसान नहीं तो दूसरे जीव होंगे। खुद आपके भीतर अरबों जीव पल रहे हैं, आप अकेले होने के लिए क्‍या उन सब को बाहर निकाल देंगे? फिलहाल आप ऐसा तो बिल्कुल भी नहीं करेंगे।’

कहने का मतलब है कि चाहे आप कहीं भी चले जाएं, आप अकेले नहीं होंगे क्योंकि जीवन का कोई न कोई रूप वहां आपके साथ होगा जो आपको परेशान करेगा। अगर आप वाकई अकेले रहना चाहते हैं, तो अकेले रहने का एक ही सही तरीका है कि आप सभी चीजों को अपना हिस्सा बना लें।

चीटियों से सीखें जिंदगी की ये जरूरी बात

चीटियां और हाथी कभी अकेले नहीं रहते। पहले हम चीटियों की बात करें तो चींटियां कड़ी मेहनत और सामाजिक जिम्मेदारी को कैसे निभाती हैं यह हम बचपन से कहानियों में सुनते आए हैं। यही नहीं हम सभी ने चीटियों को मेहनत करते हुए देखा है। चीटियों की दूसरी खास बात है कि वह अपना ही नहीं अपने साथियों का भी ध्यान रखती हैं। चींटियों के दो पेट होते हैं। एक में खुद के शरीर के लिए खाना होता है और दूसरे में उनकी कॉलोनी में रहने वाली दूसरी चींटियों के लिए खाना होता है, ठीक इसी तरह हाथियों को कभी आपने आपस में लड़ते नहीं देखा होगा। जब किसी हाथी को कोई चोट लगती है, तो दूसरा हाथी उसकी सहायता जरूर करता है। प्रकृति ने उन्हें यह विशेषता, उन जीवों को समझाने के लिए दी है, जो इंसानियत और दया के मूल्य खोते जा रहे हैं।

‘यदि आप दयावान हैं तो खुद को कभी अकेला महसूस नहीं करेंगे। वह इसलिए कि आपको अपने आस-पास ऐसे कई जीव दिखाई देंगे, जो आपके नजदीक रहते हैं। दया और करुणा दो ऐसे मानवीय भाव हैं, जो किसी भी व्यक्ति को अकेलापन महसूस नहीं होने देते हैं।’

अकेलेपन को ऐसे दूर करें

बाइबल में अकेलापन दूर करने के लिए 3 उपाय बताए गए हैं। नीतिवचन 17:17 के अनुसार पहला उपाय है प्रकृति से प्रेम कीजिए कभी अकेलापन महसूस नहीं करेंगे। प्रकृति में हर जगह प्रेम है और विपत्ति के समय यह आपका साथी बन जाता है। क्योंकि विपत्तियां कैसी भी हों वो आपको अकेलापन महसूस कराती हैं।

एक कागज पर लिखिए भावनाएं

दूसरा उपाय है जब आप अकेलापन महसूस करें तो कागज पर वो सब कुछ लिख दीजिए, जिससे आपको खुशी मिलती है। जब उदासी के काले बादल ज़िंदगी में आते हैं तब वह आपके नजरिए को बिगाड़ देते हैं, विचारों को कागज पर लिखने की कोशिश कीजिए। बाइबल में नीतिवचन 3:21 के भजन क्रमांक 6:6 में उल्लेख किया गया है कि आपके मन में जो भी भावनाएं हैं, उन्हें लिखने से आपको ‘बुद्धि और विवेक की रक्षा’ होती है।

‘कुछ लोग डायरी लिखना पसंद करते हैं। अगर आप भी ऐसा करना चाहते हैं, तो आप उसमें वो सब कुछ लिखिए जो आपको खुशी देते हैं, जब आप उदास होते हैं तो उसमें लिखिए कि आप कैसा महसूस कर रहे हैं और आपके हिसाब से उस उदासी या कहें अकेलेपन की क्या वजह है। फिर एक महीने बाद उसे दोबारा पढ़िए। जिस वजह से आप उदास थे, क्या उस बारे में अब आपका नजरिया बदल गया है? अगर ऐसी बात है तो लिखिए कि यह कैसे हुआ। यदि यह प्रक्रिया बार-बार करने से आपके अंदर जो अकेलापन होने का भाव आता है वह दूर हो जाएगा।’

परमेश्वर की करें प्रार्थना

बाइबल के फिलिप्पियों 4:7 में तीसरा उपाय मौजूद है इसके अनुसार, ‘अगर आप अपनी चिंताओं के बारे में प्रार्थना करें तो परमेश्‍वर (अलग-अलग धर्म के अनुसार आप जिस भी रूप में पूजते हों) की वह शांति जो हमारी समझने की शक्‍ति से कहीं ऊपर है,  दिल के साथ-साथ दिमाग की सोचने-समझने की ताकत की हिफाजत करेगी।’

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