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सफलता / ज़ोमैटो से सीखें, ऐसा होना चाहिए स्टार्टअप बिजनेस का टारगेट

चित्र : ज़ोमैटो /को-फाउंडर पंकज चड्डा और दीपिंदर गोयल

कुछ स्टार्टअप अपनी सफलता के साथ बाजार में एक अलग पहचान बना चुके हैं। ऐसा ही एक स्टार्टअप जो अब एक सफल एक बड़ी कंपनी बन चुका है वो है ‘ज़ोमैटो’। भारतीय स्टार्टअप में ‘ज़ोमैटो’ एक ऐसा ही नाम है, जो ऑनलाइन फूड डिलेवरी करने वाली विदेशी कंपनी स्विगी सहित अंतरराट्रीय फूड डिलेवर ऑनलाइन मार्केट को टक्कर दे रहा है। आलम यह है कि आज अधिकांश लोगों के स्मार्टफोन पर ज़ोमेटो उपलब्ध है।

ज़ोमैटो से पहले, को-फाउंडर पंकज चड्डा और दीपिंदर गोयल की एक वेबसाइट foodiebay.com थी, जहां कई रेस्टोरेंट्स और कैफे के बारे में समीक्षा मौजूद थी, एक दिन जब एक मॉल में भोजन करते समय ज़ोमैटो के फाउंडर ने महसूस किया कि मॉल में आने वाले अधिकांश लोग खाने की प्रॉब्लम फेस कर रहे हैं तो उन्होंने समय बर्बाद न करते हुए अपने आईटी इंजीनियर से एक ऐसा ऑनलाइन ऐप बनाने का जिक्र किया, जिसके जरिए कोई भी व्यक्ति कहीं से भी फूड ऑर्डर कर सकता है। जहां सभी तरह के भोजन के मेनू होंगे। शुरूआत दिल्ली से हुई। इस तरह ज़ोमैटो ने अपना हैड क्वाटर दिल्ली को ही बनाया।

ऐसा बिल्कुल नहीं था कि foodiebay.com एक असफल प्रोडक्ट था, बल्कि इसकी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही थी, लेकिन लोगों ने ebay.com के साथ इसे उलझा दिया और फिर foodiebay को इसे पंकज और दीपिंदर ने आकर्षक और आसान नाम Zomato नाम के रूप मार्केट में फिर से लांच किया।

बिजनेस के लिए यहां से मिला फंड

फंड की आवश्यकता जब हुई तो तब ज़ोमैटो ने कुछ नई सुविधाओं को जोड़ने और व्यवसाय को अन्य शहरों में विस्तारित करने का निर्णय लिया। इसके लिए उन्होंने निवेशकों की तलाश शुरू की और उनके व्यापार मॉडल ने उन्हें आसानी से धन प्राप्त किया। 2010 में Nnaukri.com के संस्थापक संजीव बिचचंदानी ने 1 मिलियन डॉलर का निवेश किया और 2011 में उन्होंने फंडिंग के दूसरे दौर में 3.5 मिलियन डॉलर जोड़े। 2013 में इंफो एज ने 10 मिलियन डॉलर का निवेश किया। 2013 में सिकोइया, विकैपिटल और टेमासेक सहित अन्य निवेशकों ने संयुक्त रूप से 37 डॉलर मिलियन दिए, जिससे ज़ोमैटो आज फूड डिलेवर मार्केट में अपनी एक अलग पहचान बना चुका है।

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जब विदेशी कंपनी ने किया अधिग्रहण और विलय

ज़ोमैटो ने Menu-mania का अधिग्रहण किया जो एक न्यूजीलैंड आधारित कंपनी थी और कुछ समय बाद Lunchtime.cz और Obedovat.sk का अधिग्रहण किया। ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए ज़ोमैटो ने Urbanspoon (उरबांसपून) का अधिग्रहण किया गया था। जनवरी 2015 में, मेकनिस्ट नाम की तुर्की फर्म का भी अधिग्रहण किया गया था, जिसके बाद दिल्ली के मैपलग्राफ का अधिग्रहण हुआ। इस प्रकार, विलय और अधिग्रहण की सूची काफी लंबी है।

ज़ोमैटो के कौन हैं मार्केट में प्रतिद्वंद्वी

इस प्रतिस्पर्धी दुनिया में किसी भी व्यवसाय के लिए सफलता बनाए रखना काफी चुनौतीपूर्ण है ऐसे में उनके प्रतिद्वंद्वी कस्टमर पर टारगेट करते हैं। मार्केट में ज़ोमैटो जैसे कई ऑनलाइन फूड डिलेवर करने वाली कंपनियां मौजूद हैं। जैसे Yelp, OpenTable, Zagat औस स्विगी जो ज़ोमैटो ऑनलाइन फूड डिलीवर करने वाले बिजनेस को मात देने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा है।

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