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इंटरव्यू / विद्या वोक्स ‘बिहाइंड द कैमरा’, यूं ही नहीं बन जाता कोई यू ट्यूब स्टार

Picture Courtesy: Vidya Vox

यूट्यूब पर विद्या वोक्स के वो गाने जरूर सुने होंगे, जिनमें वह भारतीय और पश्चिमी संगीत के फ्यूजन को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करती हैं। ‘तमिल बोर्न किला‘ और ‘कुतुथ फायर‘ जैसे हिट गानों के साथ, इंडो-अमेरिकन मूल की विद्या अय्यर बॉलीवुड के साथ-साथ तमिल, मलयालम और तेलुगू गाने को पश्चिमी पॉप गीतों  को एक विशेष शैली में गाती हैं। वह यूट्यूब स्टार हैं।

लेकिन 28 साल की विद्या ने अपने यूट्यूब चैनल पर कुछ दिनों पहले अपलोड किए गए 360 डिग्री वीडियो में, अपने परिवार पर हुए नस्लवाद के बारे में खुलासा करती हैं। 360 डिग्री का यह वीडियो सात मिनट का है। विद्या इसमें बताती हैं कि किस तरह अमेरिका में एक गहरे भूरे रंग की लड़की के रूप में उन्हें नस्लवाद का सामना करना पड़ा और उनका यूट्यबू स्टार बनने तक का सफर कितना संघर्ष से भरा हुआ था।

वह वीडियो में कहती हैं, ‘मेरा संगीत पूर्ण प्रतिबिंब है कि मैं एक व्यक्ति के रूप में हूं।’ उन्होंने कर्नाटक संगीत में प्रशिक्षण 5 साल की उम्र से लिया है, इस बारे में उन्होंने वीडियो में विस्तार से बताया है।

विद्या का बचपन अमेरिका में बीता है, उनकी भारतीय विरासत और अन्य अमेरिकी बच्चों द्वारा किए गए नस्लवाद भेदभाव के बाद उन्हें अहसास हुआ कि हम अलग-अलग दुनिया में रहते हैं। वह बताती हैं कि, मैं घर में भारतीय संगीत सुन रही थी और डोसा-सांभर खा रही थी। लेकिन, स्कूल जाने के दौरान बस चालक, डेस्टिनीज चाइल्ड, बैकस्ट्रीट बॉयज उनके साथ भेदभाव करते थे। मैंने दोनों दुनिया को बहुत अलग रखा और भारतीय-पश्चिमी अवतार यानी खुद को वहां एक सिंगर के तौर पर खुद को प्रतिस्थापित किया।

विद्या कहती हैं कि वह और उनकी बहन अपने स्कूल में एकमात्र भूरे गहरे रंग के बच्चे थे, और आलम यह था कि उनके द्वारा खाए गए सामूहिक तौर पर भोजन लेकर खाने के दौरान उन्हें धमकाया गया था।

विद्या भारतीय समाज में विशेष रूप से महिलाओं के लिए पति/पत्नी से अलग होने के आस-पास कलंक पर प्रकाश डालती है। वह कहती हैं जब मेरी मां मेरे पिता से बच निकली (घरेलू हिंसा), तो मेरे संगीत शिक्षक ने मुझे संगीत सिखाने से इंकार कर दिया था।

विद्या ने बाद में मेडिकल स्कूल में एडमिशन लेने का फैसला लिया, लेकिन संगीत अभी भी उनके मन में बसा हुआ था, जिसके लिए वह मुंबई आईं। उनकी मां ने उनका पूरा समर्थन किया।

मुंबई में आकर विद्या ने बीती बातों को तिरोहित कर खुद को संगीत में विसर्जित दिया। यहां उन्होंने पश्चिमी पॉप गाने के साथ भारतीय संगीत को मिश्रित कर एक नए तरह का सिग्नेचर मैशप शुरू किया और यह प्रयोग यूट्यूब चैनल के जरिए लोगों के बीच पहुंचा किसी ने आलोचना की तो किसी ने उनके इस संगीत को सराहा।

विद्या अपनी अनूठी फैशन शैली के बारे में कहती हैं कि अगर राजस्थान में कोचेला (‘कोचेला’ वैली म्यूजिक एंड आर्ट्स फेस्टिवल नाम का एक वार्षिक संगीत और कला उत्सव है जो कोलोराडो रेगिस्तान में अंतर्देशीय साम्राज्य के कोचेला घाटी में स्थित इंडियन, कैलिफ़ोर्निया में एम्पायर पोलो क्लब में हर साल आयोजित किया जाता है। इस बार यह 12 अप्रैल – 21 अप्रैल 2019 तक) हुआ तो क्या होगा? विद्या कहती हैं कि भारतीय संगीत, पश्चिमी कपड़े, भूरे-गहरे रंग की त्वचा और एक अमेरिकी उच्चारण यानी वो मैं हूं। मैं अंत में मुक्त हूं।

नस्लवाद और रंगभेद के बारे में एक टिप्पणी के तौर पर यह वीडियो 23 अगस्त को अपलोड किया गया था। विद्या स्वीकार करती है कि वह इंटरनेट पर अपनी व्यक्तिगत कहानी पोस्ट करने से डर गई थीं, लेकिन यहां उनको उनकी बात का समर्थन मिला।

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