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अनोखी पहल / एक स्कूल ऐसा जहां पनिशमेंट में करवाया जाता है योग

एक समय था जब भारत में बच्चे अपने घर से दूर गुरुकुल में पढ़ने जाया करते थे। ये गुरुकुल ऋषि-मुनियों के आश्रम थे, जो जंगल में होते थे, यहां स्वच्छ हवा, शांत वातावरण और दिन की शुरुआत योग से होती थी। हालांकि, अब ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है, लेकिन भारत में ऐसे कई स्कूल हैं जो इस तरह से शिक्षा देने का दावा करते हैं।

अमेरिका के एक स्कूल में पिछले दिनों एक अनोखा प्रयोग किया गया, जहां बच्चों को स्कूल में पनिशमेंट देने की वजह उनसे योग की क्रियाएं करवाई गईं। कुछ दिनों बाद उन बच्चों में काफी चौंकाने वाले परिणाम देखने को मिले, यह परिणाम उनके स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति पर सकारात्मक प्रभाव डाल रहे थे। इस स्कूल में अमेरिकन साइकोलॉजिस्ट, बीएफ एसकनर द्वारा यह पहल शुरू की गई, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए।

योग के जनक हैं भगवान शिव

अमूमन लोग जानते हैं कि योग के जनक महर्षि पतंजलि थे। लेकिन वेदिक ग्रंथों में उल्लेख मिलता है कि भगवान शिव और गुरु दत्तात्रेय को योग का जनक माना गया है। शिव के 7 शिष्यों ने ही योग को संपूर्ण धरती पर प्रचारित किया। कहते हैं कि शिव ने योगी की पहली शिक्षा अपनी पत्नी पार्वती को दी थी। दूसरी शिक्षा जो योग की थी, उन्होंने केदारनाथ में कांति सरोवर के तट पर अपने पहले सात शिष्यों को दी थी। उन्हें ही सप्तऋषि कहा ‍गया, जिन्होंने योग के अलग-अलग आयाम बताए और ये सभी आयाम योग के सात मूल स्वरूप हो गए। आज भी योग के ये सात विशिष्ट स्वरूप मौजूद हैं। इन सप्त ऋषियों को विश्व की अलग-अलग दिशाओं में भेजा गया, जिससे वे योग के अपने ज्ञान लोगों तक पहुंचा सकें।

स्ट्रेस मैनेंजमेंट कैसे करें, यहां है इंस्टीट्यूट

भारत में ऐसे कई इंस्टीट्यूट हैं जहां योग और शिक्षा दोनों के बेहतर तालमेल से बच्चों को शिक्षित किया जा रहा है। महाराष्ट्र के पुणे स्थित राममणि अयंगर मेमोरियल योग इंस्टीट्यूट, पिछले 43 साल से अयंगर योग सिखाया जाता है। यहां जॉइन करने के लिए पहले से अयंगर योग आना चाहिए क्योंकि यहां इसकी डीप स्टडी करवाई जाती है। उत्तराखंड के देहरादून जिले का एक शहर ऋषिकेश में परमार्थ निकेतन नाम से एक स्कूल है। जो योग शिक्षा के लिए जाना जाता है। इस स्कूल में स्ट्रेस मैनेंजमेंट, एक्यूप्रेशर और रेकी के कोर्स करवाए जाते हैं।

विणि योग करता है इस बीमारी को दूर

मद्रास के चेन्नई स्थित कृष्णनमाचार्या योग मंदिरम काफी प्रसिद्ध है। यह योग इंसीट्यूट योग गुरू टी. कृष्णनमाचार्या के पुत्र द्वारा चेन्नई में चलाया जा रहा है। यहां विणि योग का अभ्यास सिखाया जाता है जो सांस लेने की तकनीक से जुड़ा योग है। तो वहीं बिहार के मुंगेर स्थित बिहार स्कूल ऑफ योग की शुरूआत स्वामी सत्यानंद सरस्वती की गई। जहां योग और मेडिटेशन के बिगनर कोर्स करवाए जाते हैं। इसके अलावा विद्या भारती द्वारा संचालित सरस्वती शिशु/विद्या मंदिर में भी योग संबंधित क्रियाएं नियमित करवाई जाती हैं।

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