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पहल / इलाहाबाद में ‘योगी’ बनाने जा रहे हैं कुछ ऐसा जो बन जाएगा अजूबा

  • निशा गर्ग।

धर्म-कर्म और महाकुंभ के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध ‘इलाहाबाद’ त्रिवेणी के संगम तट पर बना एक आध्यात्मिक शहर है। हिंदू धर्म के अनुसार प्रयाग (इलाहाबाद का प्राचीन नाम) में समुद्र मंथन के समय अमृत की एक बूंद गिरी थी, जिसे वर्तमान में योगी कुमार अपनी विशाल पेंटिंग से इस पूरे घटनाक्रम के सौंदर्य को जीवंत कर रहे हैं।

मूलतः गुरुग्राम के रहने वाले योगी बताते हैं कि भारत में ज्ञान का भंडार है। हर शहर और हर गली पौराणिक कथाओं की याद दिलाती है। दोनों हाथ से चित्रकारी करने वाले योगी आगे कहते हैं, ‘इस बार मैनें कला साधना के लिए इलाहाबाद को चुना है, हम शहर की हर दीवार को अपनी पेंटिग के जरिए सुंदर बना देना चाहते हैं। मेरे साथ 100 कलाकार हैं। हम इलाहाबाद के 20 हजार वर्ग फुट क्षेत्र को सुंदर पेंटिग से खूबसूरत बना देंगे। इस विशाल चित्रकारी का सबसे बड़ा आकर्षण होगा समुद्र मंथन का विहंगमय दृश्य जो 1 किलोमीटर क्षेत्र में बनाया जाएगा।’

योगी दावा करते हैं कि समुद्र मंथन का ये विशाल दृश्य ना सिर्फ अद्भुत होगा बल्कि एक रिकार्ड भी कायम करेगा। योगी बताते हैं, ‘हमारी योजना के अनुसार अक्टूबर से दिसबंर तक दीवारों पर पेंटिंग का वर्क पूरा कर लिया जाएगा।

इसके लिए हमने दीवारों का चयन कर लिया है और पूरी योजना प्रयागराज मेला प्राधिकरण के सचिव विजय किरण आनंद को दी गई है। योगी की योजना है कि कुंभ के पहले सागर मंथन का दृश्य तैयार हो जाए।’

समुद्र मंथन के दृश्य के अलावा योगी की टीम फेस ऑफ इंडिया जिसमें अब्दुल कलाम, अटल बिहारी वाजपेयी, अमिताभ बच्चन, लता मंगेशकर जैसे व्यक्तित्व के चित्रों को दीवारों पर अपने रंगों के जरिए बनाएंगे।

तो वहीं, डेली लाइफ ऑफ इलाहाबाद थीम में इलाहाबाद के आम जनजीवन से रू-ब-रू करवाएंगे। इनमें कुंभ का मेला, धार्मिक कथाएं जैसे शिव पुराण, संतों और ऋषि मुनियों के जीवन चरित्र पर आधारित कथाओं का वर्णन, भारत और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को पेंटिंग के जरिए लोगों तक पहुंचाएंगे।

योगी के इस अद्वितीय कार्य की सराहना करते हुए कई कंपनियां भी अपना योगदान धन के माध्यम से कर रही हैं। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड से भी कलाकारों का आमंत्रित किया गया है। योगी एक अनुभवी कलाकार हैं, जो अपनी इस अभूतपूर्व योजना को लेकर पूरी तरह से कॉन्फीडेंट हैं।

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