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उपाय / ये फूल बेचकर लाखों रुपए कमाता है किसान, Next हो सकते हैं आप!

हमारे देश में ऐसे कई किसान हैं जो सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर खेती में नए प्रयोग कर ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमा रहे हैं। ये वो किसान हैं जो जागरुक हैं, शिक्षित हैं और नई सोच रखते हैं। ये वो किसान हैं जो समस्या नहीं उनका समाधान खोजते हैं और भारी मुनाफा कमाते हैं।

ऐसे ही एक किसान है मध्यप्रदेश के छिन्दवाड़ा जिले में रहने वाले ‘शरद सिंह’, वह एक एकड़ से कम रकबे में जरबेरा फूल (अफ्रीकन डेजी) लगाते हैं और फूलों के उत्पादन से सालाना 30 लाख रुपए कमा रहे हैं। शरद ने 4 हजार वर्ग मीटर में 3 साल पहले 58 लाख रुपए की लागत से पॉली-हाऊस बनाया था। पॉली-हाऊस में जरबेरा फूलों के उत्पादन से लगातार वह 30 लाख रुपए कमा रहे हैं।

यहां से मिली थी मदद

देश की केंद्र/राज्य सरकारें किसानों के लिए कई योजनाएं चलाती हैं। शरद सिंह मध्यप्रदेश से हैं। यहां उनको पॉली-हाऊस बनाने के लिए 50 प्रतिशत शासकीय अनुदान के रूप में 28 लाख रुपए की मदद मिली थी। इसके बाद पॉली हाऊस से सालाना 7-8 लाख जरबेरा फूलों की स्टिक होती है। यह स्टिक 5 रुपए प्रति स्टिक के भाव से कुल 35 से 40 लाख रुपए में बाजार में बिकती है। इस तरह तमाम खर्चों को निकालकर उन्हें 30 लाख रुपए से अधिक की सालाना आय होती है।

शरद बताते हैं कि मार्केट में फूलों की बिक्री की कोई समस्या नहीं है। शरद के जरबेरा फूल नागपुर की मंडी में बिकते हैं। इन फूलों की सुन्दरता और बड़े आकार के कारण मार्केट में इनकी मांग दिनों-दिन बढ़ती जा रही है।

कहां होता है जरबेरा फूल का उत्पादन

भारत में पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, ओडिशा, कर्नाटक, गुजरात, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश में जरबेरा फूलों की पैदावार ज्यादा होती है। फूलों की व्यावसायिक खेती करने में क्षेत्रफल के आधार पर भारत का प्रथम स्थान है, उसके बाद चीन, जापान, इंडोनेशिया, अमेरिका आते हैं। भारत में फूलों की खेती की 50 प्रतिशत इकाई कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और तमिलनाडु में की जाती है।

जरबेरा फूल की खेती से जुड़ी जरूरी बातें…

– जरबेरा को आमतौर पर ‘अफ्रीकन डेजी’ के नाम से भी जाना जाता है।
– भारत में पहाड़ी क्षेत्रों के अलावा, इसकी खेती ग्रीन हाउस में सभी प्रदेशों में की जाती है।
– इन फूलों की खेती के लिए दिन का तापमान 22 से 25 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 12 से 16 डिग्री सेल्सियस आदर्श होता है।
– जरबेरा जिसे एस्टेरेसी कुल का पौधा है जो कि दक्षिणी अफ़्रीकी मूल का है। इसलिए जरबेरा को ‘अफ्रीकन डेजी’ के नाम से जाना जाता हैं।
– अच्छी गुणवत्ता के फूल लेने के लिए जरबेरा को पॉली हाउस/ग्रीन हाउस में ही खेती की जाती है।
– सांगरिया, सनसेट, तारा, जपाका, चोनी, रोजेरियन, रोजुला, ओपरव रोमोना, सलीना, टिकोरा और स्टार लाइट आदि जरबेरा की प्रमुख किस्में हैं।

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