Press "Enter" to skip to content

भविष्य / लूसी से सोफिया तक, हर दौर में है समस्याओं का हल

मानव इतिहास का सबसे पुराना कंकाल लूसी (AL 288-1) का है, जोकि एक महिला थी। इसे 24 नवंबर, 1974 अफ्रीका के अवासबेली में हैदर नाम के गांव में खोजा गया था। यह लाखों साल पुराना है। लूसी लगभग 3 फीट 7 इंच (109 सेंटीमीटर) लंबी और लगभग 60 पाउंड (27 किलो) वजन की थीं। लूसी को डोनाल्ड सी जोहानसन और उनकी टीम के सदस्य मायूरिस, यूवेस कॉपेन्स और टॉम ग्रे ने मिलकर खोजा था।

लूसी प्रकृति की बनाई कृति थी, जिसका अंत सदियों पहले हो चुका है। ठीक इसी तरह सोफिया दुनिया की पहली रोबोट हैं, जिन्हें सऊदी अरब की नागरिकता हासिल करने का सौभाग्य मिला है। सोफिया नाम के इस रोबोट को हांगकांग की कम्पनी हैन्सन रोबोटिक्स ने तैयार किया है।

यह बात पहले ही कह चुकी हैं सोफिया

सोफिया एक रोबोट हैं। वह एक इंटरव्यू में भी कह चुकी हैं, उनके साथ यदि गलत तरीके से पेश आया गया तो वह वही करेगीं जो उन्हें करना चाहिए। यह टेक्नोलॉजी है। सोफिया को इंसान ने बनाया है। सोफिया रोबोटिक दुनिया की पहली रोबोट है, जिसे इतना सम्मान मिला।

लेकिन, यदि भविष्य में इससे बेहतर रोबोट दुनिया में आए तो इंसान के लिए यह एक खतरा बन जाएंगे। इसलिए टेक्नोलॉजी से आगे सोचिए क्योंकि इंसान ने रोबोट बनाया है, रोबोट ने इंसान नहीं बनाया है।

पिछले साल यानी 2017 की बात है। ईबे के प्रेसिडेंट और सीईओ डेविन विंग ने कहा था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी आने वाले दस सालों में अधिकतर इंडस्ट्री को खत्म कर देगी। ऐसे में भारतीयों को ऐसे हुनर में महारत हासिल करनी चाहिए, जिनमें माहिर होने में मशीनों को कई साल लगेंगे।

इंसान और रोबोट के बीच होगी प्रतिस्पर्धा

भारत की जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है। रोजगार एक गंभीर समस्या और स्वरोजगार एक चुनौती। ऐसे में आपका सामना अब टेक्नोलॉजी से है। टेक्नोलॉजी यानी जो आप फीड करते जाएंगे उसकी प्रतिक्रिया होगी। रोबोट की प्रोग्रामिंग में उसे रोबोट बनाने का फार्मुला देंगे तो वो अपनी तरह और भी लोगों को तैयार करेगा। यानी आने वाला समय काफी हद तक टेक्नोलॉजी पर निर्भर होने वाला है।

अब ऐसे में क्या करें

लूसी जब थीं तब टेक्नोलॉजी नहीं थी, जैसे ही इंसानों ने टेक्नोलॉजी को बनाया। चीजें आसान हुईं,  लेकिन कई ओर तरह की समस्याएं बढ़ती गईं। ऐसे में इंसान यदि टेक्नोलॉजी से बेहतर और पहले विचार नहीं करेगा, तो समस्याएं खत्म होने की वजह काफी बढ़ेंगी। ऐसे में सबसे आसान उपाय यही है कि कम से कम टेक्नोलॉजी का उपयोग करें। ताकि प्रकृति ने जो आपको एक शक्तिशाली मस्तिष्क दिया है, उसका उपयोग आप पूरी तरह कर सकें।

फीचर फंडा: टेक्नोलॉजी का उपयोग करना गलत नहीं है, लेकिन एक हद तक इसका उपयोग किया जाए तो बेहतर है। टेक्नोलॉजी के बढ़ने के कारण हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। लेकिन, यह मत भूलिए कि टेक्नोलॉजी को इंसान ने ही बनाया है और जब इंसान रोबोट और भी कई तरह के आविष्कार कर सकता है, तो वह प्रकृति के दिए मस्तिष्क का उपयोग कर हर समस्या का हल और भी कई तरह से ढूंढ़ सकता है।

More from उड़ानMore posts in उड़ान »

Be First to Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *