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जज्बा / 96 साल की कार्थ्यायनी अम्मा ने किया साबित ‘पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती’

Pic Courtesy : The News Minute

पढ़ने का जज्बा हो तो पढ़ाई किसी भी उम्र में शुरू की जा सकती है। इस बात को हकीकत में साबित किया है 96 साल की कार्थ्यायनी अम्मा ने वह 10वीं तक पढ़ने की ख्वाहिश रखती हैं।

कार्थ्यायनी अम्मा केरल के आलप्पुषा जिले में रहती हैं। उन्होंने यहा कक्षा 4 में नामंकित किया गया है। इस तरह वह संभवतः राज्य की सबसे पुरानी स्टूडेंट बन गई हैं। इतना ही नहीं, वह राज्य सरकार की साक्षरता अभियान के तहत कक्षा 10 तक अध्ययन करने का दृढ़ संकल्प है, जिसका लक्ष्य 100% साक्षरता हासिल करना है।

साल 2018 के जनवरी माह में, राज्य का साक्षरता दल चेपड़ ग्राम पंचायत में लक्ष्मी वेदू कॉलोनी में गए। वह लोगों को साक्षर करने के लिए साक्षरता कैंपेन चलाते हैं जहां लोगों को शिक्षा के प्रति जागरुक किया जाता है। इस कार्यक्रम में कई बुजुर्ग भी मौजूद थे। उनमें से एक थीं कार्थ्यायनी अम्मा उन्होंने खुद पढ़ने की इच्छा जाहिर की और कक्षा 4 में उन्हें प्रवेश की अनुमति मिल गई। यह रिपोर्ट अप्रैल 2018 में अंग्रेजी बेवसाइट The News Minute ने प्रकाशित की थी लेकिन अब स्कूलों में नया सत्र शुरू होने पर कार्थ्यायनी अम्मा को कक्षा 4 में नामंकित किया गया है।

वर्तमान में, कार्थ्यायनी अम्मा गणित सीख रही हैं और तीन और मलयालम अक्षरों तक गुणात्मक तालिकाओं को याद रखने में भी व्यस्त है। हालांकि, उनकी उम्र के कारण, उन्हें विशेष तौर पर घर पर ट्यूटर पढ़ाते हैं।

आने वाले साल में, कार्थ्यायनी अम्मा न केवल कक्षा 4 में पढ़ाई शुरू करेगी बल्कि अंग्रेजी सीखना शुरू कर देगीं जिसे उसके पाठ्यक्रम में एकीकृत किया जाएगा। उनके बाद कॉलोनी के 30 बुजुर्ग निवासियों ने भी पाठ्यक्रम के लिए खुद को नामांकित किया है।

कार्थ्यायनी बताती हैं कि उनके पिता एक शिक्षक थे, फिर भी वो और उनकी बहन पढ़ाई पूरी नहीं कर पाईं। उस समय उनकी उम्र 12 साल थी। दशकों बाद वह उनका पढ़ाई का सपना पूरा हुआ है, जिसे वह किसी भी हालत में खोना नहीं चाहती थीं।

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