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प्रकृति / असम के रियल-लाइफ ‘टार्ज़न’ जो एक ट्री-हाउस में रहते है

चित्र सौजन्य से: द न्यू इंडियन एक्सप्रेस।

बिजॉय ब्रह्म असम के बक्सा जिले में एक पेड़ पर रहते हैं। पेड़ पर ही उनका घर है। हाथियों का इस क्षेत्र में काफी उत्पात है ऐसे में बिजॉय पेड़ पर बने घर पर ही खाना बनाते हैं और सोते हैं क्योंकि यह जगह उन्हें जंगली जानवरों से बचाती है।

वो यहां पिछले 13 साल से रह रहे हैं। बिजॉय सिर्फ जंगल में भोजन की तलाश में ही निकलते हैं। उनका पेड़ पर बना घर काफी रोचक है। उन्होंने यह घर लकड़ी के तख्तों और बांस से बनाया है, जोकि शहर की भीड़ से काफी दूर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक आदमी जो जंगल में कई साल से रह रहा है वो उसके बारे में ज्यादा नहीं जानते हैं।

बिजॉय खानाबदोश की तरह रहते हैं, जो अकेलपन से प्यार करते हैं। वह सुबह पेड़ से उतरते हैं। और दिन भर बिना किसी योजना के घूमते हैं और शाम को पेड़ पर बने घर पर पहुंचते हैं। उनके पास उस समय शकरकंद, मछली, केकड़ा और घोंघे होते हैं जो वो रात के भोजन में उपयोग करते हैं।

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस अखबार को मनोहर नाम के स्थानीय ने बताया कि, ‘वह 2007 में किसी समय यहां चले गए थे। कोई नहीं जानता कि उनका जन्म कहां हुआ था, लेकिन उन्होंने एक बार बताया था कि उन्होंने अपने माता-पिता को कम उम्र में खो दिया था। एक बच्चे के रूप में, वह जीवित रहने के लिए घरेलू मदद के रूप में काम करते थे। बाद में, उन्होंने चौकी जंगल (बक्सा में) के अंदर रहना शुरू कर दिया।’

बिजॉय गांव के लोगों से बात नहीं करते हैं। वो टार्जन की तरह जिंदगी जी रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है हाथी, जो पूरे साल गांवों में छापा मारते हैं, घरों और फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने कई मौकों पर वन अधिकारियों से संपर्क किया लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली। असम में हाथियों की बड़ी आबादी है। पिछले साल संघर्षों में राज्य में अस्सी हाथियों और 100 लोगों की मौत हो चुकी है। शायद यही वजह हो कि बिजॉय पेड़ पर ही अब ताउम्र गुजार दें।

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