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इंसानियत / बुजुर्ग भिखारी ने दिया केरल आपदा राहत कोष में दान, लेकिन कितना?

केरल में आई भीषण बाढ़ के बाद मदद के लिए ‘केरल राहत कोष’ में कई लोग दान कर रहे हैं। चाहे वह मछली बेचने वाली, कॉलेज की लड़की हो या ऐसे कई लोग, किसी ने अपनी गुल्लक के सारे रुपए दान कर दिए तो किसी ने इलाज, शादी और घर बनाने के लिए रखे रुपयों को दान कर दिया।

तो वहीं, रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी ने केरल मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में 21 करोड़ रुपए दान करने की घोषणा की है। इन लोगों ने बताया है कि हम भारतवासी कैसे आपदा आने पर दूसरों की मदद और देखभाल के लिए एक हो जाते हैं। यही हम भारतीयों की विशेषता है।

लेकिन, मोहनन की कहानी इनसे अलग है। वह आज भले ही भिखारी हों, लेकिन वह कभी हाथी की देखभाल करने वाले वर्कर हुआ करते थे। एक दुर्घटना में वो घायल हो गए, नौकरी चली गई तो वो भीख मांगकर गुजारा करते हैं।

मोहनन की कहानी प्रेरणादायक और तर्कसंगत रूप से सर्वश्रेष्ठ हो सकती है। वह कोट्टयम जिले के पुंजर में रहते हैं, भीख मांगकर गुजारा करने वाले मोहनन केरल राहत कोष में दान करने के लिए 4 किलोमीटर दूर नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष के घर पहुंचे।

‘केरल राहत कोष’ में दान करने के लिए मोहनन जब केरल के इराट्टूपेटा नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष टीएम रशीद यहां पहुंचे तो रशीद ने उन्हें 20 रुपए का नोट दिया, लेकिन मोहहन ने रुपए लेने से मना कर दिया और अपने साथ सिक्कों की गिनती शुरू कर दी, जो कि 94 रुपए थे। मोहनन ने कहा कि, ‘इन्हें केरल राहत कोष में जमा कर लीजिए। इस बात का जिक्र बाद में टीएम रशीद ने सोशल मीडिया साइट्स फेसबुक पर भी किया’।

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