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समाधान / हजारों लोग होते थे परेशान, महिलाओं ने बना दी 72 घंटे में सड़क

बिहार में बांका जिले के 3 गांव के 2,000 से ज्यादा लोग सड़क नहीं होने के कारण परेशान थे। सरकार भी उनकी मांग नहीं सुन रही थी तब गांव की महिलाओं ने ही सड़क बनाने का निर्णय लिया और यही नहीं उन्होंने 72 घंटे यानी 3 दिन में 2 किमी सड़क बना दी।

गांव के पुरुषों ने भी उनका साथ दिया और कड़ी धूप में उनकी मेहनत रंग लाई। आलम यह है देश आजाद हुए कई दशक बीत चुके हैं, लेकिन यहां सड़क आज तक नहीं बनी थी।

बांका जिले के नीमा, जोरारपुर और दुर्गापुर वो गांव है जहां सड़क न होने से लोग कई दशकों से परेशान थे। सड़क न होने से कई तरह की परेशानियां थीं। लोग समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाते थे तो बारिश के समय मौजूद दलदल भरे रास्ते लोगों के लिए परेशानी का सबब बन जाते थे।

शहर, सड़क और सरकार…

एक ओर तो सड़क बनाने के लिए लोगों को इतनी मशक्कत करनी पड़ रही है तो वहीं यूपी गवर्मेंट का पीडब्ल्यूडी विभाग शहरों में आईटी पेव तकनीक से सड़क बना रहा है। इस तरह की सड़क सिर्फ शहरों में ही बनाई जा रही है, जिसमें सड़क बनाने में गिट्टी के साथ सीमेंट और इमल्शन का प्रयोग किया जाता है इसके कारण सड़क की उम्र 2 गुना बढ़ जाती है।

सड़क और प्रेगनेंट महिला

सड़क होने से किस तरह की परेशानियों का समाना करना पड़ता है इसका उदाहरण हाल ही में सुनने में आया था। मामाल आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम का था जहां एक प्रेगनेंट महिला को चादर के स्‍ट्रेचर में 6 किलोमीटर ढोकर अस्पताल पहुंचाना पड़ा। वह भी इसलिए, क्योंकि सड़क खराब होने का हवाला देकर एंबुलेंस भेजे जाने से इनकार कर दिया गया था। विशाखापट्टनम के अनुकु गांव के निवासियों ने बांस के डंडे और बिस्तर के चादर की मदद से छह किलोमीटर तक एक गर्भवती महिला को ले गए थे।

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