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कोरोना संकट / गलतियां किसने कीं? अब सिर्फ समाधान पर देना होगा ध्यान

चित्र सौजन्य ‘रायटर्स’ : नई दिल्ली का एक श्मशान जहां कोरोनावायरस से मृत हुए लोगों का सामूहिक दाह संस्कार किया गया।

यह बात काफी लोग, कई दिनों से कह रहे हैं, लेकिन तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव की मतगणना के दौरान कोविड प्रोटोकॉल के पालन संबंधी एक याचिका की सुनवाई में मद्रास हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को कड़ी फटकार लगाई है।

कोर्ट का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर के लिए चुनाव आयोग ज़िम्मेदार है और अफसरों पर हत्या का मुक़दमा होना चाहिए। अदालत ने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य सर्वोपरि है और यह चिंताजनक है कि संवैधानिक अधिकारियों को इस बारे में याद दिलाना पड़ रहा है।

कई मीडिया रिपोर्टस में यह बताया जा रहा है कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर आने से पहले देश के कई राज्यों ने अपने स्पेशल कोविड सेंटर बंद कर दिए थे, जिससे राज्य सरकार कोरोना की अगली लहर की क्षमता का आकलन करने में पूरी तरह नाकाम रहीं। हालांकि देश के दिग्गज मेडिकल संस्थानों के डॉक्टर्स ने केंद्र के आला नेताओं को अगाह भी किया लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया उन्हें नहीं मिली।

कटघरे में मोदी सरकार

तो वहीं, कांग्रेस ने बीते रविवार को टीकाकरण से जुड़ी नीति को ‘भेदभावपूर्ण’ और असंवेदनशील करार देते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मुनाफाखोरों को 1.11 लाख करोड़ रुपए की मुनाफाखोरी करने की अनुमति दे रही है। कांग्रेस महासचिव और मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने दावा किया कि सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया 35,350 करोड़ रुपए और भारत बायोटेक 75,750 करोड़ रुपए का मुनाफ़ा बनाएंगे।

सीरम इंस्टिट्यूट द्वारा निर्मित कोविशील्ड टीका राज्य सरकारों को 400 रुपए प्रति खुराक और निजी अस्पतालों को 600 रुपए में मिलेगा। वहीं भारत बायोटेक का टीका कोवैक्सीन प्रति खुराक राज्यों को 600 रुपए और निजी अस्पतालों को 1200 रुपए में मिलेगा। सुरजेवाला ने यह दावा भी किया कि सरकार ने गरीबों और युवाओं को मुफ्त टीका उपलब्ध कराने की अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है।

बीसीसीआई उवाच, ‘आईपीएल जारी रहेगा’?

भारत में बढ़ते कोरोना संकट के बीच इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के सुरक्षित बायो बबल में भी खिलाड़ियों को चिंतित कर दिया है और भारत के अनुभवी ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के अलावा कुछ ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने लीग बीच में छोड़ दी है जबकि बीसीसीआई ने कहा है कि खेल जारी रहेगा।

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी एडम गिलक्रिस्ट व ओलंपिक विजेता अभिनव बिंद्रा ने भारत में कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान आईपीएल जारी रखने पर सवाल उठाए हैं, वहीं एक अंग्रेज़ी दैनिक इंडियन एक्प्रेस ने इसकी कवरेज बंद कर दी है। इस बीच भारतीय खिलाड़ी आर. अश्विन समेत कुछ ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने लीग बीच में छोड़ दी है।

मृत्यु की वास्तविक संख्या 5 गुना अधिक

भारत में कोरोना से मौतों की वास्तविक संख्या 5 गुना अधिक, असल संख्या छिपाने के लिए राज्य सरकारों पर केंद्र का दबाव सरकार ने हर बार मृत्यु की संख्या छिपाई है। जब द फीचर टाइम्स ने भोपाल, इंदौर और दिल्ली और लखनऊ के श्मशानघाटों में लोगों से पता किया तो जानकारी मिली कि मौतों की सही संख्या सरकारी आंकड़ों से बहुत ज्यादा है। कुल मौतों का आंकड़ा 2 लाख के नजदीक पहुंचने की सरकारी जानकारी संदिग्ध है।

विशेषज्ञों और कई आला अधिकारियों ने नाम ना प्रकाशित करने की शर्त पर कहा कि नेता और प्रशासक बड़ी संख्या में मौतों की अनदेखी करते हैं या गिनती कम कर रहे हैं। तो वहीं, परिजन भी शर्म के मारे कोरोना से मौतों की जानकारी छिपाते हैं।

अनगिनत भारतीय सोशल मीडिया पर अस्पताल, बेड, दवाइयों और सांस लेने के लिए ऑक्सीजन दिलाने के दिल दहला देने वाले मैसेज कर रहे हैं। विश्व का प्रमुख वैक्सीन निर्माता होने के बावजूद अब तक सिर्फ 10 प्रतिशत भारतीयों को वैक्सीन लग पाई है।

भारत में स्थिति ‘दिल तोड़ देने वाली’

इसी बीच, डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस एडनॉम गैंब्रायस ने सोमवार को कहा कि भारत में, जहां कोविड-19 के मामले बढ़े हैं, वह दिल तोड़ देने वाली स्थिति है। विश्व स्वास्थ्य संगठन अतिरिक्त कर्मचारियों और आपूर्ति भेज रहा है। डब्ल्यूएचओ हम सब कुछ कर रहा है, जो महत्वपूर्ण है जैसे उपकरण और आपूर्ति प्रदान करना और जिसमें हजारों ऑक्सीजन, पूर्वनिर्मित मोबाइल फील्ड अस्पताल और प्रयोगशाला आपूर्ति शामिल हैं। यह जल्द भारत को मिलेगा।

डब्ल्यूएचओ ने भारत में लगभग 2,600 कर्मचारियों को बीमारी से लड़ने के प्रयास में मदद करने के लिए फिर से नियुक्त किया है। भारत में जल्द सशस्त्र बल नए कोरोनोवायरस संक्रमणों से निपटने में मदद करने के लिए तैयार है, तो वहीं, ब्रिटेन, जर्मनी और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे देशों ने भारत को तत्काल चिकित्सा सहायता भेजने का वादा किया है।

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