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प्रदूषण / दिल्ली में ‘ऑक्सीजन बार’, कई फ्लेवर में मिलती है शुद्ध हवा

दिल्ली अब वो दिल्ली नहीं रही जब मुगल सल्तनत का हर बादशाह उस पर राज करने की ख्वाहिश लिए लूट-पाट करता दुनिया के अन्य देशों से आता था। दिल्ली अब प्रदूषण की गिरफ्त में आ चुकी है। वजह हैं वो लोग जो यहां रहते हैं और जो यहां रहने कई जगह से आते हैं। वजह हैं वो राज्य जिनके नेता राजनीति से इतर पराली का ठीक तरह से निपटान करने के विचार को पूरा न करे सके।

बहरहाल, दिल्ली में अब साफ हवा की कमी है इसी कमी को करते हुए शहर के साकेत में ‘Oxy Pure’ नाम का बिजनेस भी शुरू हो चुका है। यहां कस्टमर्स को 7 सुगंध (लेमनग्रास, ऑरेंज, दालचीनी, पुदीना, स्पीयरमिंट, यूकेलिप्टस और लैवेंडर) में शुद्ध ऑक्सीजन बेची जा रही है। ऑक्सीजन बार में जहां ऑक्सीजन वाली हवा बेची जा रही है, वो भी अलग-अलग सुगंध में, कस्टमर इस बार में आकर ऑक्सीजन वाली हवा इनहेल कर सकते हैं या फिर इसका कैन खरीद कर अपने साथ ले जा सकते हैं।

यहां आने वाले कस्टमर खुश हैं क्योंकि कुछ नया देखने और महसूस करने को मिल रहा है तो विक्रेता अपने नए बिजनेस को हिट करने की कोशिश में लगे हुए हैं। मंदी और बेरोजगारी के दौर में दिल्ली में बिजनेस हिट हो या न हो लेकिन इतना तय है कि दिल्ली को यदि प्रदूषण से रोका न गया तो ये धीरे-धीरे गैस चेम्बर में तब्दील हो जाएगी।

एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक एक कस्टमर बताते हैं, ‘इतने पॉल्यूशन में ये बार हमें सांस लेने के लिए ताजी ऑक्सीजन उपलब्ध करा रहा है, इससे बुजुर्गों और बच्चों को काफी राहत मिल सकती है।’ दिल्ली में ये ऐसा पहला बार है. इस स्टोर के ऑपरेटर अजय जॉनसन ने कहा, ‘अभी पॉल्यूशन का लेवल बहुत ज्यादा है, ऐसे में हमारा प्रोडक्ट कुछ राहत दे सकता है. यहां रोजाना 10-15 कस्टमर आते हैं। हम ऑक्सीन कैन भी बेच रहे हैं, जिसे लोग कहीं भी ले जा सकते हैं।’

सन् 1776 ये वो साल था जब थॉमस हेनरी नाम के व्यक्ति ने ऑक्सीजन बार की परिकल्पना की, तो इस तरह के बार का पहला उल्लेख जूल्स वर्ने के उपन्यास में पढ़ा गया जो 1870 में प्रकाशित हुआ। इतिहास के पन्नों को पलटें तो जापान के टोक्यो और चीन के बीजिंग में ‘एयर स्टेशनों’ के बाद, टोरंटो, कनाडा में 1996 में पहला आधिकारिक ऑक्सीजन बार (ओ-2 स्पा बार) खोला गया। लेकिन इसके पहले उत्तरी अमेरिका में यह चलन जारी रहा और 1990 के दशक में लोग इस तरह के बार का उपयोग कर रहे थे। न्यूयॉर्क, कैलिफोर्निया, फ्लोरिडा, लास वेगास और रॉकी पर्वत क्षेत्र के इन बार में ग्राहक अपने नथुने (नाक) में डाली गई प्लास्टिक की नली से ऑक्सीजन की सांस लेते थे। ऑक्सीजन बार कई स्थानों जैसे नाइट क्लब, सैलून, स्पा, हेल्थ क्लब, रिसॉर्ट, टैनिंग सैलून, रेस्तरां, कॉफी हाउस, बार, हवाई अड्डे, स्की शैलेट, योग स्टूडियो, और कैसीनो में पाए जा सकते हैं। उन्हें व्यापार शो, सम्मेलनों और कॉर्पोरेट बैठकों, साथ ही निजी पार्टियों और प्रचार कार्यक्रमों में भी देखा जा सकता है। लेकिन भारत में ‘Oxy Pure’ पहला ऑक्सीजन बार है।

भारत में ऑक्सीजन की दुकान सुनकर अजीब लगता है। लगना भी जाहिए क्योंकि हम उस दौर में हैं जहां प्राकृतिक संसाधनों का दुरपयोग इतना ज्यादा कर रहे हैं, जिसका अंजाम हमें और हमारी आने वाली पढ़ियों को भुगतन होगा।


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