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स्मृति शेष / अमेरिका के इस अखबार ने कहा था उन्हें भारत की ‘सुपरमॉम’

चित्र : दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज।

भारत की लोकप्रिय राजनीतिज्ञ और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का निधन हो गया है। दिल का दौरा पड़ने के कारण उनका निधन 6 अगस्त, 2019 को हुआ। उन्होंने मृत्यु से कुछ घंटे पहले अपने ट्विटर अकाउंट से एक ट्वीट भी किया था।

न्यूज 18 ने बताया कि सुषमा स्वराज 67 वर्ष की थीं। ब्रेकिंग न्यूज रिपोर्ट्स के तुरंत बाद बताया गया कि दिल का दौरा पड़ने के बाद उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था। जब उनका निधन हुआ तब उनका परिवार उनके साथ था, साथ ही कुछ राजनीतिक नेता भी मौजूद थे।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने ट्वीट कर विनम्र श्रद्धांजलि दी।

मौत से कुछ घंटे पहले ही उन्होंने ट्विटर पर ट्वीट किया था। जिसमें कश्मीर पर सरकार के रुख के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया। उन्होंने लिखा, ‘शुक्रिया प्रधानमंत्री। आपका बहुत बहुत धन्यवाद। मैं इस दिन को अपने जीवनकाल में देखने का इंतजार कर रहा था।’

सन् 2016 में स्वराज का किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था और स्वास्थ्य कारणों के कारण टाइम्स ऑफ इंडिया ने बताया कि उन्होंने हाल ही में आम चुनाव नहीं लड़ा था। टाइम्स ऑफ इंडिया यह भी बताया कि उस समय उन्होंने कहा था कि उन्हें ‘धूल से खुद को बचाने और संक्रमण से सुरक्षित रहने की जरूरत थी। वह स्वस्थ रहने के लिए सावधानी बरतना चाहती थी।

मोदी सरकार 2.0 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शपथ ग्रहण समारोह के बाद उन्होंने एक भावनात्मक ट्वीट किया। जिसमें उन्होंने लिखा था कि ‘प्रधान मंत्री, आपने मुझे पांच साल के लिए विदेश मंत्री और व्यक्तिगत रूप से हमारे देशवासियों और विदेशी भारतीयों की सेवा करने का मौका दिया, साथ ही मुझे अपने पूरे कार्यकाल में सम्मान दिया। मैं आपकी बहुत शुक्रगुजार हूं। मैं प्रार्थना करता हूं कि हमारी सरकार बहुत सफल हो।’

वह ट्विटर पर सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले राजनेताओं में से एक थीं।

वाशिंगटन पोस्ट ने एक बार स्वराज को भारत की ‘सुपरमॉम’ कहा था। वह 13 मिलियन से अधिक अनुयायियों के साथ ट्विटर पर सबसे अधिक फॉलो किए जाने वाले राजनेताओं में से एक थीं।

टाइम्स ऑफ इंडिया ने कहा कि सुषमा स्वराज ने 2014 से 30 मई, 2019 तक भारत के विदेश मंत्री के रूप में कार्य किया। वह उस पद को संभालने वाली केवल दूसरी महिला थीं। वह सात बार संसद सदस्य चुनी गईं। 1977 में 25 वर्ष की आयु में हरियाणा में सबसे कम उम्र के कैबिनेट मंत्री थे। वह देश की राजधानी दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री थीं।

हजारों लोग सुषमा स्वराज की मृत्यु पर शोक व्यक्त कर रहे हैं और उनके परिवार के प्रति सहानुभूति व्यक्त कर रहे हैं। वह लोगों से बहुत प्यार करती थीं और उनकी मौत के बारे में लोगों को पता चला तो सुनने वाले दुःख में है साथ में उनके किए गए राष्ट्रनिर्माण और लोगों की मदद के लिए पहचानी जाने वाली कार्यशैली को याद कर बीते समय की बातें करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

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