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कोविड 19 / विश्व में सबसे ज्यादा, ‘भारत के एक दिन में +78,761 वायरस मामले’

नोट : कोविड 19 का डाटा हर दिन बढ़ रहा है, यह आलेख 30 अगस्त, 2020 के डाटा पर केंद्रित है।

भारत में रविवार 30 अगस्त के दिन तक 35,42,733 मामले थे, जिनमें कोरोनोवायरस संक्रमण में दुनिया की सबसे बड़ी दैनिक वृद्धि दर्ज की गई है, इस दिन +78,761 नए मामले सामने आए हैं।

मध्यप्रदेश में हर रविवार लॉकडाउन होता है। राज्य सरकार ने बहुत पहले निर्धारित किया है, लेकिन यहां ऐसा नहीं होता है। दोपहिया-चारपहिया वाहनों का आवागमन दिन भर चलता है। बात चाहे राजधानी भोपाल की हो या राज्य के किसी अन्य शहर की।

  • रविवार को राज्य स्वास्थ्य विभाग ने कोविड-19 रिपोर्ट जारी की और बताया कि पिछले 24 घंटे में मध्यप्रदेश में 1,558 नए कोविड-19 मामले, 1,054 डिस्चार्ज और 29 मौतें दर्ज की गईं। राज्य में 13,592 सक्रिय मामले हैं (यह हर दिन बढ़ रहे हैं), 47,467 रिकवर मामले और मौत का आंकड़ा 1,374 है।
  • पड़ोसी राज्य उत्तरप्रदेश का भी यही हाल है। वहां पिछले 24 घंटों में 6233 नए कोविड-19 मामले, 4,802 रिकवरी और 67 मौतें दर्ज की गईं। राज्य में कुल मामलों की संख्या 2,25,632 है, जिनमें 54,666 सक्रिय मामले, 1,67,543 रिकवर मामले और 3423 मौतें शामिल हैं। (यह हर दिन बढ़ रहे हैं)
  • दिल्ली सरकार की कोविड-19 रिपोर्ट कहती हैं कि वहां पिछले 24 घंटे में 22 मौतें और 2,024 कोविड-19 के मामले रिपोर्ट किए गए, जिससे पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 1,73,390 हो गई है, जिनमें 1,54,171 रिकवर/डिस्चार्ज, 14,793 सक्रिय मामले और 4426 मौत शामिल हैं।

भारत में रविवार तक कोविड-19 केस की बात करें तो एक्टिव +78,761 केस हैं। आरोग्य सेतु एप महराष्ट्र में सबसे ज्यादा 185467 केस एक्टिव हैं तो मध्यप्रदेश अभी 16वें स्थान पर है तो उत्तर प्रदेश 5वें स्थान पर तो दिल्ली 6वें पायदान पर है मध्यप्रेदश की स्थिति इन दो अन्य राज्यों की अपेक्षा थोड़ी ठीक है लेकिन जिस तरह यहां ऐहितिहात नहीं बरती गई तो स्थितियां अनियंत्रित भी हो सकती हैं।

– हर राज्य का मूल्यांकन करना संभव नहीं ऐसे में आप भारत सरकार के एप आरोग्य सेतु पर राज्यवार जानकारी हासिल कर सकते हैं।

कोविड-19 संक्रमण के मामले में भारत ने दुनिया के सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए रविवार को एक नया रिकॉर्ड बनाया, यहां पिछले 24 घंटे में +78,761 नए मामले सामने आए। भारत पहले से ही 3.5 मिलियन से अधिक मामलों के साथ अमेरिका और ब्राजील के बाद दुनिया का तीसरा सबसे संक्रमित देश है।

भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 63,000 से अधिक लोगों की मौत की सूचना दी है। रविवार को ही ‘मन की बात’ रेडियो संबोधन में, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बारे में कुछ नहीं कहा, लेकिन लोगों से कोरोना महामारी के संक्रमण से बचने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘यह महत्वपूर्ण है कि प्रत्येक नागरिक स्वस्थ और खुश हो और हम कोरोनोवायरस को पूरी तरह से एक साथ हराएं।कोरोना (वायरस) को तभी हराया जा सकता है जब आप सुरक्षित रहें, जब आप दो गज की दूरी तय करने और मास्क पहनने के संकल्प को पूरा करते हैं।’

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि हाल के महीनों में परीक्षण में तेजी से किए गए, लेकिन संक्रमण को रोक पाना सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। वायरस ने शुरूआत से ही आर्थिक राजधानी मुंबई और राजधानी नई दिल्ली जैसे मेगासिटी को बुरी तरह से प्रभावित किया है, लेकिन अब छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से बढ़ रहा है।

अंग्रेजी वेबसाइट डेली मेल से वेलकम ट्रस्ट/ डीबीटी इंडिया अलायंस के प्रमुख, वायरोलॉजिस्ट शाहिद जमील ने बताया कि भारत में प्रति मिलियन परीक्षण 30,000 है। यह शीर्ष 10 (वायरस से संक्रमित) देशों में दूसरे स्थान पर है। मेक्सिको लगभग 10,000 पर सबसे कम परीक्षण दर पर है। भारत में अभी भी हर 11-12 परीक्षणों में एक सकारात्मक केस मिल रहा है, यह दर्शाता है कि कोरोना का प्रकोप अभी भी बढ़ रहा है।

लाखों नौकरियां गईं, लेकिन चर्चा नहीं

लॉकडाउन की शुरुआत के बाद से लाखों लोगों ने अपनी नौकरी खो दी है, भारत जैसे विकाशशील देश के लिए यह बेहतर नहीं लेकिन इस बारे में कहीं कोई चर्चा नहीं, यदि है तो कोई निवारण नहीं हो पा रहा है। केंद्र/राज्य सरकार सिर्फ योजनाएं बना रहीं हैं। कागजों में डाटा लिखा जा रहा है लेकिन जमीनी स्तर पर मामला जस का तस बना हुआ है।

आर्थिक मंदी रहेगी पूरे साल बरकरार

रॉयटर्स के एक पोल के मुताबिक, ‘भारत की अब तक दर्ज सबसे गहरी आर्थिक मंदी इस पूरे साल बरकरार रहने वाली है। पोल के मुताबिक कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों की वजह से अब भी खपत में बढ़ोतरी नहीं दिख रही है और आर्थिक गतिविधियों पर लगाम लगी हुई है। चालू तिमाही में अर्थव्यवस्था के 8.1 प्रतिशत और अगली तिमाही में 1.0 प्रतिशत कम होने का अनुमान है। यह स्थिति 29 जुलाई को किए गए पिछले पोल से भी खराब है। उसमें चालू तिमाही में अर्थव्यवस्था में 6.0 फ़ीसदी और अगली तिमाही में 0.3 प्रतिशत की कमी आने का अनुमान था।’

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