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हरित विकास / कुछ इस तरह, चीन कर रहा ‘ग्रामीण क्षेत्र का विकास’

  • अखिल पाराशर, बीजिंग, चीन।

चीन का हरित विकास देश की गरीबी उन्मूलन के प्रयासों और ग्रामीण क्षेत्रों के सतत विकास को मजबूत बना रहा है। 1970 के दशक के उत्तरार्ध में सुधार और खुलेपन के बाद से, चीन ने 77 करोड़ से अधिक लोगों की गरीबी कम की है, जो कि वैश्विक आंकड़े का 70 प्रतिशत से अधिक है।

संयुक्त राष्ट्र सहस्राब्दी विकास लक्ष्यों के गरीबी राहत लक्ष्य को प्राप्त करने वाला चीन पहला विकासशील देश है। हालांकि, हरित विकास के जरिए गरीबी राहत के उपाय अभी भी व्यापक आर्थिक वातावरण, पारिस्थितिक संसाधनों, और अर्थव्यवस्था व पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन खोजने के लिए दबाव का सामना करते हैं।

पहला, चीनी अर्थव्यवस्था नीचे की ओर दबाव का सामना कर रही है। साल 2013 से 2019 तक, देश की वार्षिक जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत से घटकर 6 प्रतिशत हो गई, जिससे नए सामान्य विकास चरण का सामना करना पड़ रहा है जिसमें स्थानीय अधिकारियों को हरित गरीबी राहत प्रयासों के लिए वित्तीय दबाव का सामना करना पड़ रहा है, जिसके कारण कई कार्यक्रमों को स्थगित या विलंबित किया जा रहा है।

दूसरा, हरित गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम तत्काल लाभ नहीं देते हैं और इसके लिए लगातार और दीर्घकालिक प्रयासों की आवश्यकता होती है। इसके अलावा, हरित उद्योगों से प्राप्त आर्थिक लाभ को पारिस्थितिक संसाधनों के संरक्षण में आंशिक रूप से फिर से निवेश किया जाता है, जिसका अर्थ है कम तात्कालिक रिटर्न।

तीसरा, प्राकृतिक संसाधन जैसे कि नदी, वायु और वन, एक विशिष्ट क्षेत्र तक ही सीमित नहीं हैं, और विभिन्न प्रशासनिक निकायों द्वारा संरक्षण और विकास के प्रयासों में असंगति है, जबकि पारिस्थितिक संरक्षण कानून प्रवर्तन के लिए सीमाएं धुंधली हैं। इन बाधाओं का सामना करते हुए, चीन को गरीबी राहत कार्यों में हरित विकास की विचारधारा को नया रूप देने और दीर्घकालिक रूप से ‘हरा ही खरा है’ के सिद्धांत को लागू करने की आवश्यकता है।

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 18वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के बाद से, यह विचारधारा देश की गरीबी कम करने के प्रयासों का मार्गदर्शन कर रही है, जिसने लगातार अपनी नीतियों में सुधार करने में मदद की है। अपनी कमजोर आबादी के लिए बेहतर जीवन-यापन के लिए पर्यावरण की मांग करते हुए, देश ने पारिस्थितिक तंत्र के पुनर्वास के लिए भी प्रयास किया है।

हरित विकास के जरिए गरीबी राहत को बढ़ावा देने के दौरान चीन को कई पहलुओं पर ध्यान देने की आवश्यकता है। पहला, लंबे समय तक हरित विकास की विचारधारा को बरकरार रखना चाहिए। दूसरा, पारिस्थितिक संरक्षण के लिए लाल रेखा को कभी भी पार नहीं करना चाहिए, और तीसरा, क्षेत्रीय बाधाओं को तोड़ना चाहिए।

बाहरी वातावरण और आंतरिक विकास के बीच बेमेल होने के कारण कुछ क्षेत्रों में हरित गरीबी उन्मूलन मुश्किल है। गरीब पारिस्थितिक संसाधनों वाले क्षेत्रों के प्रभावित लोगों को अधिक रहने योग्य स्थानों में बसाया जाना चाहिए, जहां वे अपनी क्षमताओं को बढ़ावा देने के लिए विकास के अवसर हासिल कर सकते हैं।

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