Press "Enter" to skip to content

भेदभाव / जब हिंदू संत नेता बन सकते हैं तो धर्मनिरपेक्ष क्यों नहीं?

  • डॉ. वेदप्रताप वैदिक।

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि अयोध्या के पास बनने वाली मस्जिद के शिलान्यास में मैं नहीं जाऊंगा, क्योंकि मैं योगी हूं और हिंदू हूं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि उन्हें निमंत्रित भी नहीं किया जाएगा।

इन दिनों खबर यह है कि मस्जिद बनाने वाले सुन्नी वक्फ बोर्ड के एक अधिकारी ने दावा किया है कि उन्हें निमंत्रण भेजा जा रहा है और उन्हें उसे स्वीकार करना चाहिए। तर्क यह है कि मस्जिदों के शिलान्यास की इस्लाम में कोई परंपरा नहीं है।

इस्लाम के चारों प्रमुख संप्रदायों की यही मान्यता है। जो शिलान्यास अयोध्या के धन्नीपुर गांव में होगा, वह होगा मस्जिद के साथ बनने वाले अस्पताल, लायब्रेरी, सामूहिक रसोई घर, संग्रहालय और शोध केंद्र का! हालांकि किसी मस्जिद या मंदिर से किसी प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री का क्या लेना-देना?

उनके उदघाटन या शिलान्यास के लिए इन कुर्सी-धारियों को बुलाने की तुक क्या है? राजनीति के दलदल में फंसे हुए इन लोगों का आचरण क्या अनुकरण के योग्य होता है? अयोध्या में जो मंदिर और मस्जिद बनेंगे, वे क्या इन नेताओं की मेहरबानी से बन रहे हैं? वे तो अदालत के फैसले की वजह से बन रहे हैं। ऐसे अवसर पर कुर्सी-धारियों को बुलाना क्या सिद्ध करता है? क्या यह नहीं कि आप धर्म को राजनीति के चरणों में लिटा रहे हैं?

योगी आदित्यनाथ का यह कहना कि वे योगी और हिंदू हैं, इसलिए मस्जिद के शिलान्यास में नहीं जाएंगे, यह भी तर्कसंगत नहीं है। ‘योग दर्शन’ या ‘योग वाशिष्ठ’ या किसी अन्य योग-ग्रंथ में क्या यह लिखा है कि योगी किसी मंदिर या मस्जिद में जाए या न जाए?

जब योग-दर्शन की रचना हुई, तब भारत में हिंदू नाम का कोई प्राणी ही नहीं था और मूर्ति-पूजा नाम की कोई चीज नहीं थी। कोई मंदिर भी नहीं था। ‘हिंदू’ नाम तो आपको हजार-डेढ़ हजार साल पहले विदेशी मुसलमानों ने ही दिया है। आप अपने नामदाता का तिरस्कार क्यों कर रहे हैं? आप मुख्यमंत्री हैं। आप सबके हैं। आपका प्रेम और सम्मान सबको समान रुप से क्यों नहीं मिलना चाहिए?

(आप हमें फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, लिंक्डिन और यूट्यूब  पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।)

More from सोशल हलचलMore posts in सोशल हलचल »

Be First to Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *