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सोशल मीडिया / ‘कू’ ने किया फॉलो, ‘वॉट्सऐप’ कोर्ट में, ‘फेसबुक और गूगल’ की हां

भारत में बतौर सोशल मीडिया प्लेटफार्म के रूप में फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और आदि-अनादि बेतहाशा प्रचलित हैं। कुछ लोग, जो कुछ अलग करने का चाहत रखते हैं, मतलब गानों के लिरिक्स पर लिप्सिंग और बिना सिर-पैर के किस्से सुनाने के लिए भी इस प्लेटफार्म में कई ऐप मौजूद हैं।

बहरहाल, हम यहां दो शब्दो ‘सुरक्षित’ और ‘मृगतृष्णा’ पर ध्यान केंद्रित करें तो सोशल मीडिया युग में यह दो-शब्द लोगों के ज़हन में कई सवाल खड़े करते हैं। पहले शब्द पर ग़ौर करें तो आज के समय में कोई भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म सुरक्षित नहीं हैं? जानकारी कहीं से भी लीक हो सकती है।

दूसरा शब्द है मृगतृष्णा यानी हम जो देख रहे हैं वास्तविक तौर पर वो हमारी आंखों के सामने है, हमारे पास नहीं। व्यापारिक दृष्टि से दूसरा पहलू सार्थक है, सिर्फ उनके लिए जो इसका उपयोग कर रहे हैं, उनके लिए बिल्कुल नहीं जो यह देख कर अपना कीमती वक्त बर्बाद कर रहे हैं?

भारत सरकार पहले मामले यानी सुरक्षा को लेकर बेहद संवेदनशील है। सोशल मीडिया क्राइम का एक नया प्लेटफार्म भी बन गया है। इसके अलावा राजनीतिक छींटाकशी, भ्रामक/अश्लील कंटेंट, यहां आम है, गालियां एक स्टेट्स सिंबल बनती जा रही हैं, तो अपमानजनक और नफरत से भरी टिप्पणी को ट्रोल करना यहां आम है।

भारतीय नियम को अब तक ‘कू’ ने किया फॉलो

सवाल हर बार यही होता है इसे कैसे रोका जाए इसके लिए भारत सरकार दवारा नई गाइडलाइन जारी की गई, यह सभी विदेशी या स्वदेशी सोशल मीडिया फर्म पर लागू होती हैं।

शीर्ष आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, ट्विटर, फेसबुक और अन्य जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, जिन्हें मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता नियम, 2021 के तहत 25 फरवरी को भारत के राजपत्र में अधिसूचित नियमों का पालन करना आवश्यक था, लेकिन वह अनुपालन करने में विफल रहे हैं।

उनका कहना है, ‘यदि सोशल मीडिया कंपनियां नियमों का पालन नहीं करती हैं, तो वे भारत के मौजूदा कानूनों के अनुसार आपराधिक कार्रवाई के लिए उत्तरदायी हो सकती हैं।’ सिर्फ, एक भारतीय सोशल मीडिया कंपनी, ‘कू’ को छोड़कर, किसी ने भी अभी तक शिकायत अधिकारी, एक मुख्य अनुपालन अधिकारी और एक नोडल संपर्क व्यक्ति नियुक्त नहीं किया है।

तथाकथित कांग्रेस टूलकिट विवाद

यह मामला चर्चा में इसलिए भी है क्योंकि कथिततौर पर कांग्रेस टूलकिट विवाद में है। दिल्ली पुलिस ने सोमवार को नई-दिल्ली (भारत की राजधानी) क्षेत्र में ट्विटर इंडिया के स्थानीय कार्यालयों का दौरा किया, ऐसा इसलिए किया गया क्यों कि ट्विटर ने भारतीय जनता पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा के एक ट्वीट को मेनूपुलेटेड मीडिया के रूप में चिह्नित किया था। इस तरह ट्विटर के अनुमानित फैसले ने देश भर में जो मौजूदा केंद्र सरकार के समर्थक हैं उन भारतीय उपयोगकर्ताओं के बीच आक्रोश पैदा कर दिया।

यह पहला मामला नहीं है, जब ट्विटर या किसी अन्य सोशल मीडिया पर भारतीय कानून की मांग को अमल में लाने की बात कही जा रही हो, क्योंकि ऐसे मामले पहले भी होते रहे हैं। यही कारण है कि डिजिटल मीडिया आचार संहिता नियम, 2021 को सोशल मीडिया के इन प्लेटफार्म पर लागू किया जा रहा है। हालांकि गूगल ने भारतीय नियम मानने को लेकर सहमति दे दी है, लेकिन वॉट्सऐप ने न्यायालय के दरवाजे पर दस्तक दी है। फेसबुक ने जल्द नियम मान लेने की बात कही है।

फेसबुक व इंस्टाग्राप में छिपा सकेंगे ‘लाइक्स’

इस बीच, सोशल मीडिया दिग्गज फेसबुक ने घोषणा की है कि इंस्टाग्राम और फेसबुक पर अब सभी के पास अपने पब्लिक लाइक काउंट को छिपाने का विकल्प होगा। इसका मतलब है कि अब आपको दूसरे लोगों की पोस्ट पर लाइक देखने और अपनी पोस्ट पर मिलने वाले लाइक्स की संख्या से उनकी तुलना करने के बारे में ज़ोर देने की ज़रूरत नहीं है। इसलिए, अगर आप फेसबुक और इंस्टाग्राम से जुड़े ‘नंबर गेम’ से ब्रेक लेना चाहते हैं, तो अब आपके पास एक विकल्प है।

इस तरह, यदि आप चाहें, तो आप कितने लाइक पोस्ट प्राप्त करने के बजाय, साझा किए जा रहे फ़ोटो और वीडियो पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।’ आप किसी पोस्ट को शेयर करने से पहले लाइक काउंट को छिपाना चुन सकते हैं। साथ ही, आप पोस्ट के लाइव होने के बाद भी इस सेटिंग को चालू या बंद कर सकते हैं। ये सुविधाएं अगले कुछ हफ़्तों में उपलब्ध होंगी.

मीडिया को दिए एक बयान में इंस्टाग्राम ने कहा, ‘हमने यह देखने के लिए काउंट्स की तरह छुपाने का परीक्षण किया कि क्या यह इंस्टाग्राम पर लोगों के अनुभव को प्रभावित कर सकता है। हमने लोगों और विशेषज्ञों से जो सुना वह यह था कि लाइक काउंट्स नहीं देखना कुछ के लिए फायदेमंद था, और दूसरों के लिए कष्टप्रद था, खासकर क्योंकि लोग सेंस प्राप्त करने के लिए लाइक काउंट्स का उपयोग करते हैं। जो चलन में है या लोकप्रिय है, इसलिए हम आपको विकल्प दे रहे हैं।’

आप हमें फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, लिंक्डिन और टेलीग्राम  पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।

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