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जानकारी / तराना ने शुरू किया था #MeToo, महिलाएं ही नहीं पुरुषों ने भी उठाई है आवाज

– मेघा शर्मा

साल 2017 में सोशल मीडिया पर #MeToo किसी वायरस की तरह वायरल होने लगा था, लेकिन दुनियाभर के ऐसे कई देश थे जहां #MeToo पर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। लेकिन यह कहां से आया? किसने शुरू किया और मीटू क्या है? जैसे सवाल लोगों के मन में उठ रहे थे।

दरअसल, 15 अक्टूबर, 2017 को हॉलीवुड एक्ट्रेस एलीसा मिलानो ने एक ट्वीट करते हुए लिखा था, ‘मी टू, मेरे एक दोस्त द्वारा दी गई सलाह। अगर कोई भी महिला जो यौन उत्पीड़न का शिकार हुई है अपने स्टेटस में मीटू लिखती है तो हम इस समस्या के बारे में लोगों को बता सकते हैं।’

तराना ने 10 साल पहले की शुरूआत

लेकिन, #MeToo की शुरुआत एलीसा द्वारा 2017 में नहीं बल्कि उससे भी लगभग 10 साल पहले एक्टिविस्ट तराना ब्यूर्क द्वारा की गई थी। तराना द्वारा इस मूवमेंट की शुरुआत लगभग 10 साल पहले की थी। उन्होंने इसकी शुरुआत यौन दुर्व्यवहार से प्रभावित रंग की वंचित महिलाओं की सहायता के लिए की थी। उन्हें इसके लिए एक छोटी लड़की से प्रेरणा मिली थी। जब वह 1996 में एक कार्यक्रम में शामिल हुई थीं। उस वक्त एक लड़की ने अपनी मां के ब्वॉयफ्रेंड द्वारा खुद के शोषण के बारे में बताया था।

जब हार्ले वेन्स्टाइन को मिली सजा

एक्ट्रेस एलीसा द्वारा सोशल मीडिया पर #MeToo की शुरुआत किए जाने के बाद हॉलीवुड की कई एक्ट्रेस ने हॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर और प्रोड्यूसर हार्ले वेन्स्टाइन के खिलाफ आवाज उठाई थी और अपने साथ हुए यौन शोषण पर बात करना शुरू की थी। जिसके बाद हार्ले वेन्स्टाइन पर कोर्ट में कार्रवाई के बाद उन्हें सजा भी सुनाई गई।

पुरुषों ने भी बताई अपनी #MeToo स्टोरी

अमूमन ऐसा माना जाता है कि यौन शोषण की घटनाएं केवल महिलाओं के साथ होती हैं लेकिन ऐसा नहीं है। मीटू मूवमेंट के शुरू होने के बाद जहां एक ओर कई एक्ट्रेस ने अपने साथ हुए यौन शोषण पर आवाज उठाई और अपनी कहानी दुनिया को बताई। वहीं ऐसे ही कुछ पुरुष भी हैं जिन्होंने अपने साथ हुए शोषण की कहानियां सबके साथ शेयर कीं।

इंसाइडर द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक हॉलीवुड एक्टर टेरी क्र्यूस, ब्रेंडन फ्रेज़र, एंथनी रैप, जेम्स वान डेर बीक, माइकल गैस्टन और अलेक्जेंडर पोलिंस्क्या भी शोषित हुए हैं और इन एक्टर्स ने भी मी टू के जरिए अपने साथ हुए शोषण के बारे में बताया।

तब हॉलीवुड में शुरू हुआ ‘Times Up’

2017 में अचानक मीटू के शुरू होने के बाद हॉलीवुड में हार्वे वाइन्स्टाइन के खिलाफ कई महिलाओं या एक्ट्रेस ने आवाज उठाई जिसके चलते एक ओर जहां हार्वे को उसी की कंपनी से निकाला गया। वहीं दूसरी ओर इसके असर से टाइम्स अप की भी शुरूआत हुई। इसकी शुरुआत 1 जनवरी 2018 से हुई और इस मूवमेंट को हॉलीवुड के कई बड़े सेलेब्स का साथ मिला। जिसके तहत शुरुआत में ही इस मूवमेंट को $20 मिलियन का लीगल फंड भी मिला। साथ ही यौन शोषण का शिकार हुई महिलाओं की मदद के लिए 200 वकील भी वोलन्टीयर के तौर पर आगे आए।

फेसबुक और ट्विटर बना जरिया

फ्रीली मेगजीन में प्रकाशित एक खबर के मुताबिक फरवरी 2018 तक 15 अक्टूबर को जब एक्ट्रेस एलीसा मिलानो द्वारा इसे शुरू किया गया था तो उनके ट्वीट पर अपनी स्टोरी शेयर करते हुए इसे कम से कम 5 लाख बार रीट्वीट किया गया था। वहीं फेसबुक पर इस पोस्ट को 85 देशों में 85 मिलियन बार पोस्ट किया गया था।

लैंगिक समानता में दुनिया में सबसे पीछे है भारत

देश  और % में लैंगिक समानता

यूके (100%), जर्मनी (50%), जापान (50%),रूस (50%), अमेरिका (50%), ऑस्ट्रेलिया (40%), फ्रांस (37%), चीन (30%), द.कोरिया (30%) और भारत (20%)

*डेटा IPSOS सर्वे के आधार पर

– लेखिका, समसामयिक विषयों, ट्रेवल और करियर पर लिखती हैं।

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