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समाधान / गांव का नाम था कुछ ऐसा कि गांव वाले होते थे ‘बदनाम’

मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में मौजूद एक गांव के नाम को लेकर शर्मिंदगी झेल रहे गांव वाले  इन दिनों राहत की सांस ले रहे हैं। क्यों कि अब उनके गांव का नाम ‘महगवां छक्का’ से बदलकर ‘महगवां सरकार’ कर दिया गया है। गांव का नाम बदलने के लिए गांव वालों ने काफी संघर्ष किया।

TOI की रिपोर्ट के अनुसार पन्ना के राजस्व रिकॉर्ड से पता चलता है कि साल 1924 में गांव का नाम ‘महगवां छक्का’ रखा गया था। गांव के पूर्व तहसीलदार फैज मोहम्मद के अनुसार, किसी को नहीं पता कि गांव का ऐसा नाम क्यों रखा गया था। साल 2013 में गांव की पंचायत की ओर सेनाम बदलने की अपील की गई थी।

तिलिया शब्द था जाति सूचक

इसी तरह एक दूसरे गांव महगवां तिलिया का नाम बदलकर महगवां घाट रख दिया है। लोगों का कहना था कि तिलिया शब्द जाति सूचक है। दोनों गांव पन्ना जिले के शाहपुरा तहसील में स्थित हैं। जिला कलेक्टर पन्ना मनोज खत्री ने गांव के नाम बदले जाने की खबर की पुष्टि की। उन्होंने बताया, ’25 मई को भोपाल स्थित राजस्व विभाग ने इस बारे में नोटिफिकेशन जारी किया था।’

पिछले साल दी थी केंद्र ने नाम बदलने की मंजूरी

दो साल पहले, राज्य सरकार ने नाम बदलने को लेकर प्रस्ताव केंद्र को भेज दिया। इसके बाद 7 सितंबर 2017 को केंद्र ने नाम बदलने को लेकर सहमति दे दी। फैज ने कहा, ‘भले ही इसमें पांच साल लग गए लेकिन आखिरकार यह संभव हुआ।’ साल 2011 की जनगणना के अनुसार महगवान सरकार गांव में 280 परिवार रहते हैं और गांव की कुल आबादी 1139 लोगों की है। इससे पहले भी देश में अलग-अलग राज्यों से गांवों के नाम बदलने की खबरें सामने आती रहीं हैं।

पांच साल पहले, छतरपुर की एक तहसील मुख्यालय को ‘लूंडी’ (Laundi) कहा जाता था। जिसका नाम बदलकर लवकुश नगर रखा गया था। इसके सभी सरकारी भवनों में नाम बदल दिया गया था, डाकघर और राष्ट्रीयकृत बैंकों जैसे कुछ स्थानों में इसे अभी भी लुंडी के नाम से जाना जाता है।

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