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बुराड़ी कांड / क्या किसी व्यक्ति का पुर्नजन्म होता है? इस प्रश्न का ये है सही जवाब

दिल्ली का बुराड़ी कांड भी फेक न्यूज का शिकार हुआ है। जहां एक ओर दिल्ली पुलिस बुराड़ी इलाके में एक परिवार के 11 लोगों के रहस्यमय तरीके से सुसाइड केस को नहीं सुलझा सकी है, तो वहीं परिवार के सभी 11 लोगों का पुनर्जन्म होने की सनसनीखेज बात सामने आई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गुजरात के सूरत शहर में एक पारसी महिला ने एक साथ 11 बच्चों को जन्म दिया है। इन 11 बच्चों को लेकर सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि यह बुराड़ी के 11 लोगों को पुनर्जन्म है। इस बारे में सोशल मीडिया पर एक-दो तस्वीरें वायरल हुई हैं।

एक तस्वीर में गर्भवती महिला को दिखाया जा रहा है, जबकि अन्य तस्वीरों में 11 नवजात अस्पताल के डॉक्टरों के साथ हैं। यह तो बात हुई उस सनसनीखेज की लेकिन सवाल वही है क्या किसी व्यक्ति का पुर्नजन्म होता है?

पुर्नजन्म के बारे में सद्गुरु जग्गी वासुदेव कहते हैं, मान लीजिए एक हजार साल पहले सिर्फ एक अरब लोग थे। अगर लोग पुनर्जन्म लेकर वापस आते हैं, तो वे कहां से आए? क्या सभी बंदर इंसान बन गए? हो सकता है। हजार साल पहले दुनिया में जितने बंदर थे, अब उतने नहीं हैं। क्या इतनी व्याख्या आपके प्रश्न के लिए काफी है?

मान लीजिए हमने हजार बुलबुले बनाए जो हवा में उड़ रहे हैं। अगर हम दस हजार बुलबुले बनाना चाहें, तो क्या हवा कम पड़ जाएगी?

मगर ऐसा नहीं है। सृष्टि का आधार एक असीम शून्यता या खाली जगह है। खालीपन इतना अधिक है कि सृष्टि किसी भी स्तर पर घटित हो सकती है। अगर खालीपन नहीं होता, तो सृष्टि की संभावना नहीं होती। ‘कुछ’ को जगह देने के लिए ‘कुछ नहीं’ की जरूरत होती है। इन सारी चीजों का आधार वही ‘कुछ नहीं’ यानी शून्यता है।

आप एक दिन में दस जीवनकालों के लिए कर्म एकत्रित कर सकते हैं। भौतिक दुनिया के मामले में देखें तो क्या आज आपका एक काम दस सालों तक आपके लिए मुसीबत नहीं पैदा कर सकता? आप ऐसा कर सकते हैं।

अगर इस साल बहुत सी स्त्रियों ने गर्भ धारण कर लिया, तो इन नए शरीरों में प्रवेश करने के लिए पर्याप्त जीवन नहीं होगा!

तो चाहे हम बच्चे पैदा करके इन सात अरब को सौ सालों में बीस अरब बना दें, तब भी उस पदार्थ की कोई कमी नहीं होगी, जो जीवन का आधार है। उसकी कभी कमी नहीं होगी। आप शरीर बनाएंगे, और उसमें जीवन भर जाएगा।

जब आप एक बुलबुला बनाते हैं, उसमें हवा भर जाती है। इसी तरह जब आप शरीर तैयार करते हैं, तो उसमें जीवन भर जाता है। जब भी कोई उपयुक्त शरीर होगा, जो जीवन को धारण करने लायक होगा, तो जीवन वहां चला जाएगा।

ऐसी कोई समस्या नहीं होगी कि अगर इस साल बहुत सी स्त्रियों ने गर्भ धारण कर लिया, तो इन नए शरीरों में प्रवेश करने के लिए पर्याप्त जीवन नहीं होगा! इसलिए पुर्नजन्म जैसी अवधारणा पुराणों तक केंद्रित हैं। वास्तविक्ता क्या है कोई नहीं जानता?

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