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सलाह / विवाह करें या ना करें इस असमंजस में बिल्कुल न रहें

आध्यात्मिक गुरु जे कृष्णमूर्ति का मशहूर वक्तव्य है ‘यू आर द वर्ल्ड’, यानी आप ही जगत हैं। इस जगत में कई कार्य होते हैं। एक शिशु जब जन्म लेता है तो उसके जन्म से अंत तक की जो यात्रा शुरू होती है, उसी में सारे जगत की शक्ति समाहित होती है। जब यह शिशु किशोरावस्था में पहुंचता है तो उसका विवाह संस्कार पूरा किया जाता है।

विवाह एक यज्ञ है। जहां दो आत्मा देवताओं को साक्षी और अग्नि को मध्यस्थ बनाकर एक-दूसरे का वरण करती हैं। विवाह के बाद के संस्कारों के उत्तरदायित्व बढ़ाने में सहायक होती है। विष्णु धर्म सूत्र में आठ प्रकार के विवाह बताए गए हैं। ब्राहमण, दैव, आर्ष, प्रजापत्य, गंधर्व, असुर, राक्षस और पिशाच।

मन में क्यों उठते हैं ये सवाल

आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव कहते हैं विवाह यानी जिंदगी में व्यवस्‍था, सुंदरता और स्थिरता लाना है क्योंकि स्त्री और पुरुष नई जिंदगी को लाने के लिए कुदरती तौर पर साथ आते हैं। लेकिन यह भी जानना जरूरी है कि जब आप तीन-चार साल के होते हैं, तब आप 100 फीसदी विवाह के पक्ष में होते हैं। जब आप 45-50 साल के होते हैं तब फिर से आप 100 फीसदी विवाह के पक्ष में होते हैं। 18 से 35 साल की उम्र में ही आप इस पूरी संस्‍था पर सवाल उठाते हैं।

एक बार जब आप आध्यात्मिक प्रक्रिया के साथ अपने अंदर किसी चीज का आनंद लेना शुरू कर देते हैं तो वह आनंद आपके जीवन का केन्द्र बन जाता है, लेकिन अधिकतर रिश्ते ऐसे होते हैं जिसमें लोग यह चाहते हैं कि वे दूसरे व्यक्ति के जीवन के केन्द्र में बने रहें। यही कारण है कि वे खतरा महसूस करते हैं जैसे कि वैवाहिक रिश्ते।

जिस समय आपका शरीर आपके ऊपर हावी होता है, आप उसे मनमर्जी करने दें तो आप हर संस्‍था पर सवाल उठाएंगे। यह हार्मोन से उपजी आजादी है। हार्मोन आपकी बुद्धि पर कब्जा कर लेते हैं इसलिए आप हर चीज के मूल तत्व पर सवाल उठाते हैं। अगर आपकी चाहतें और पसंद बदलती रहती हैं, आपकी भावनाएं बदलती रहती हैं, तो ऐसे हालात में पड़िए ही मत। हर किसी के लिए विवाह करना और बच्चे पैदा करना न तो अनिवार्य है और न ही जरूरी।

ऐसा सोचते हैं तो मत कीजिए विवाह

लेकिन, अगर आप विवाह करते हैं और खासकर अगर आपके बच्चे हैं तो आपको समझना चाहिए कि यह कम से कम 20 साल का प्रोजेक्ट यानी परियोजना है। वह भी तब अगर बच्चे जीवन में कामयाब हो जाएं वरना तो यह जिंदगी भर की परियोजना है। अगर आप ऐसी परियोजना शुरू करना चाहते हैं, तो कम से कम 20 सालों तक आपको एक स्‍थायित्व भरा माहौल बनाने के लिए तैयार रहना चाहिए। वरना आपको ऐसी परियोजनाओं में नहीं पड़ना चाहिए। ऐसी किसी परियोजना में पड़िए ही मत, बेशक आप साथ छोड़कर अलग हो जाइए।

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