Press "Enter" to skip to content

जीवन प्रबंधन

राय एक कल्पना है। जैसे ‘यह तो बहुत बुद्धिमान है, यह मूर्ख है, यह अच्छा है, यह बुरा है।’ ये सब कल्पना है। क्यों न हम कल्पना किए बिना यूं ही देखें? आप लोगों को कम उम्र में ही यह गुण अपने अंदर पैदा करना चाहिए। अगर आप राय नहीं…
मन वो उपकरण है जो हमारे आस पास होने वाली हर चीज़ का बोध कराता है। ऐसे में अगर मन पुरानी बातों की छाप अपने ऊपर ढो रहा हैं, तो चीजों को साफ-साफ और गहराई से देखना मुश्किल हो जाएगा। सब कुछ साफ देखने के लिए मन दर्पण की तरह…
स्वामी विवेकानंद भारतीय आध्यात्मिकता और भारतीय जीवन दर्शन को विश्वपटल पर स्थापित करने वाले नायक हैं। वो अद्वैत के प्रवर्तक हैं। भारत की संस्कृति, भारतीय जीवन मूल्यों और उसके दर्शन को उन्होंने ‘विश्व बंधुत्व और मानवता’ को स्थापित करने वाले विचार के रूप में प्रचारित किया। अपने निरंतर प्रवासों, लेखन…

प्रबंधन / ‘मानसिक तनाव को मैनेज’ करने के ‘तनाव’ से कैसे बचें?

दुनिया में स्ट्रेस मैनेजमेंट या तनाव प्रबंधन का बहुत चलन है। दरअसल, जब भी आपकी इच्छा के अनुरूप काम नहीं होता, तब आपको गुस्सा आता है। जब भी आपकी उम्मीदों के अनुसार दूसरे लोग व्यवहार नहीं करते तब आपको गुस्सा आता है। इसलिए स्ट्रेस मैनेजमेंट की जरूरत महसूस की गई।…

तर्क / बुद्धिमान हैं भक्त, फिर तार्किक उन्हें मूर्ख क्यों कहते हैं?

भक्त बहुत बुद्धिमान होता है। उनमें जीवन का भाव बहुत गहराई तक होता है, क्योंकि भक्त को यह बात समझ आ गई होती है कि सबसे महत्वपूर्ण चीज आनंद में रहना है। अगर आप जीवन के इस अनुभव को खूबसूरत बना लें, आप दिन के 24 घंटे खुश रह सकें,…

चिंतन / अच्छाई और बुराई में क्यों फंसा है इंसान

हमें बचपन से सिखाया जाता है ये चीजें अच्छी हैं और वो चीजें बुरी हैं। समय के साथ अच्छे और बुरे का यही भेद कैसे हमारे लिए बंधन बन जाता है? आप अपने आस-पास देखें, ऐसे बहुत से गुरु हैं, जिन्होंने लोगों को अच्छाई का पाठ पढ़ाया है। कुछ लोग…

प्रेरणा / बेहतर व्यक्ति की जिंदगी में होती हैं ये 5 चुनौतियां

जीवन एक अनिश्चित रोलर कोस्टर की तरह है। यह आप पर निर्भर करता है कि आप इसे किस नजरिए से देखते हैं। खुशी के साथ अपने अनुभवों से सीख ले लेते हैं या दुःखी होकर स्थिर हो जाते हैं। यहां सीखने और करने के लिए काफी कुछ है, ऐसे में…