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प्रकृति

जीवन एक अनिश्चित रोलर कोस्टर की तरह है। यह आप पर निर्भर करता है कि आप इसे किस नजरिए से देखते हैं। खुशी के साथ अपने अनुभवों से सीख ले लेते हैं या दुःखी होकर स्थिर हो जाते हैं। यहां सीखने और करने के लिए काफी कुछ है, ऐसे में…
यदि अगले 15 से 30 वर्षों में पारंपरिक योग लोगों को बहुत बड़े पैमाने पर उपलब्ध नहीं होता है, तो मानव जाति की योग्यता बहुत तेजी से कम होती जाएगी। मनुष्य होने के कारण हम बहुत सारी अलग-अलग गतिविधियां कर सकते हैं। हमारी गतिविधि चाहे जिस भी तरह की हो,…
रिश्तों की परिभाषा में भाषा ठीक उसी तरह होती है जैसे चाय में चीनी। ये भाषा चीनी यानी मंदारिन भी हो सकती या दुनिया के किसी ओर स्थान की या हिंदी और अंग्रेजी जो आप बोलते हैं। स्थानीय भाषा भी हो सकती है या फिर कुछ इस तरह की भाषा…

भावनाएं / अहंकार का अर्थ ‘ईगो’ नहीं, यह आपकी पहचान है

अहंकार ईगो नहीं, स्वयं धारण की हुई पहचान है। मन के दूसरे आयाम को अहंकार कहा जाता है। इसका अर्थ उस पहचान से है, जो आपने धारण कर रखी है। आमतौर पर अंग्रेजी भाषा में लोग अहंकार को ‘ईगो’ समझ लेते हैं। यह ईगो नहीं है, यह आपकी पहचान है।…