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Spirituality

प्राचीन एथेन्स के विशाल मंदिर डेल्फी की दीवारों पर यह शब्द मिलते हैं, ‘अपने आप को जानो’ यानी आत्मदीपो भवः। यह वाक्य उस दौर में लोग समझते थे, लेकिन आज हम ये शब्द समझ कर भी नहीं समझ रहे हैं। यह शब्द भारतीय वैदिक ग्रंथों में मिलते हैं। ये पूरी…
आप को अपना ध्यान हर समय उस चीज़ पर केंद्रित करना चाहिए, जो आप करना चाहते हैं। किसी चीज़ पर अपना ध्यान लगातार एक घंटे तक लगाना शुरू कीजिए, फिर उसे बढ़ा कर एक पूरे दिन तक ऐसा करिए। अगर आप अपना ध्यान लगाए रख सकते हैं और उसमें पर्याप्त…
कभी किसी को आदर के साथ मत देखो। कभी किसी के को तिरस्कार के साथ मत देखो। सिर्फ जीवन को उसके असली रूप में देखना सीखें। तो सहजता से अपने जीवन से गुजर जाएंगे। यह वो मूल सिद्धांत है जो आपको ताउम्र खुश और तनाव मुक्त रखेगा। आप देखेंगे स्कूल…

अध्यात्म / कुछ ऐसा तैयार करना जिसे मृत्यु न छीन सके

अध्यात्म यानी ये प्रक्रिया जन्म और मृत्यु के बारे में नहीं है, ये कुछ ऐसा तैयार करने के बारे में है जिसे मृत्यु न छीन सके। इसे ऐसे समझिए जैसे जब हम कहते हैं कि शिव संहारक हैं, तो इसका मतलब यह नहीं होता कि शिव मृत्यु की वजह हैं,…

समाधान / पारिवारिक कलह मिटाकर, प्रेम के पौधे करें रोपित

घर-परिवार में कलह, विवाद, लड़ाई-झगड़ा आम बात है। लेकिन कैसे संभालें, ये बड़ा पेचीदा सवाल है। कई बार ऐसे हालात भी बन जाते हैं कि पारिवारिक कलह के कारण घर टूट जाते हैं या ये कलह लोगों की अंतिम सांस बन जाती है। मतभेद हर जगह हैं, मनभेद नहीं होना…

अध्यात्म से ‘ये कैसी चिढ़’, ऐसा क्यों करते हैं लोग

आज बहुत से लोग को आध्यात्मिकता के नाम से ही चिढ़ (इरीटेड होना – एक मानसिक बीमारी) जाते हैं। इसका कारण है और वो ये कि आध्यात्मिकता को दयनीय ढंग से रहने के रूप में चित्रित किया जाता है। यहां आप, यदि पढ़ रहे हैं तो आध्यात्मिक होने के सच्चे…

ज्ञान / ये संभव है! हिंदू मंदिर में मुस्लिम पुजारी

डॉ. वेदप्रताप वैदिक। कर्नाटक से चमत्कारी खबर आई है। एक हिंदू मंदिर में एक मुसलमान पुजारी को नियुक्त किया गया है। यह मठ लिंगायत संप्रदाय का है। कर्नाटक में दलितों के बाद लिंगायतों की संख्या सबसे ज्यादा है। कर्नाटक के कई बड़े नेता जैसे बी.डी. जत्ती, निजलिंगप्पा, बोम्मई, येदियुरप्पा आदि…

समाधान / इच्छाओं में उलझे मन को कुछ इस तरह सुलझाएं

इच्छा कभी आत्म ज्ञान की ओर नहीं ले जा सकती, लेकिन बिना इच्छा के कोई गति नहीं होती। इसका अर्थ है कि हमें बिना कोई इच्छा पैदा किये तीव्रता बनाए रखनी होगी। आपको समझना होगा कि यह आपकी इच्छा ही है जिसने भूत, वर्तमान और भविष्य जैसी चीजों को बनाया…

प्रबंधन / ध्‍यान देने की क्षमता को बढ़ाने के लिए यहां ध्यान दें

राय एक कल्पना है। जैसे ‘यह तो बहुत बुद्धिमान है, यह मूर्ख है, यह अच्छा है, यह बुरा है।’ ये सब कल्पना है। क्यों न हम कल्पना किए बिना यूं ही देखें? आप लोगों को कम उम्र में ही यह गुण अपने अंदर पैदा करना चाहिए। अगर आप राय नहीं…

समाधान / हर समस्या का हल है आपके पास, बस! तलाश कीजिए

मन वो उपकरण है जो हमारे आस पास होने वाली हर चीज़ का बोध कराता है। ऐसे में अगर मन पुरानी बातों की छाप अपने ऊपर ढो रहा हैं, तो चीजों को साफ-साफ और गहराई से देखना मुश्किल हो जाएगा। सब कुछ साफ देखने के लिए मन दर्पण की तरह…

प्रकृति / श्रीकृष्ण हों या ईसा मसीह क्यों थे इनके जीवन में भी कष्ट

शिव हों या कृष्ण या फिर ईसा मसीह सबको अपने जीवन में कुछ ऐसे हालातों का सामना करना पड़ा जिससे एक आम आदमी बचना चाहता है। तो फिर क्या वे ईश्वर नहीं थे? या फिर उनमें हालात को बदलने की काबीलियत नहीं थी? यह ऐसे प्रश्न हैं जो सदियों से…

तर्क / बुद्धिमान हैं भक्त, फिर तार्किक उन्हें मूर्ख क्यों कहते हैं?

भक्त बहुत बुद्धिमान होता है। उनमें जीवन का भाव बहुत गहराई तक होता है, क्योंकि भक्त को यह बात समझ आ गई होती है कि सबसे महत्वपूर्ण चीज आनंद में रहना है। अगर आप जीवन के इस अनुभव को खूबसूरत बना लें, आप दिन के 24 घंटे खुश रह सकें,…

मंथन / ‘भक्ति और नशा’ का मन से है ये गहरा संबंध

भक्ति और नशा इन दोनों का ही मन से गहरा संबंध है। यह दोनों ही सुखद अवस्थाएं हैं। लेकिन यह दोनों ही एक दूसरे के विपरीत है और इन दोनों के बीच अंतर यह है कि भक्ति आपके मन का विकास करती है, जबकि नशा उसे बर्बाद कर देता है।…

चिंतन / अच्छाई और बुराई में क्यों फंसा है इंसान

हमें बचपन से सिखाया जाता है ये चीजें अच्छी हैं और वो चीजें बुरी हैं। समय के साथ अच्छे और बुरे का यही भेद कैसे हमारे लिए बंधन बन जाता है? आप अपने आस-पास देखें, ऐसे बहुत से गुरु हैं, जिन्होंने लोगों को अच्छाई का पाठ पढ़ाया है। कुछ लोग…

दिशा / यदि आध्यात्मिक बनना चाहते हैं? तो ये हैं वो सरल तरीके!

आध्यात्मिक प्रक्रिया तक पहुंचने के तीन तरीके हैं। पहला तरीका है, कुछ जीवनकालों के दौरान सही चीजें करते हुए आप धीरे-धीरे वहां तक पहुंच सकते हैं। दूसरा तरीका है कि आप अपनी वर्तमान परिस्थितियों में बने रहें, अपनी ओर से बेहतरीन काम करें, खुद को खुला और केंद्रित रखें और…