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रहस्य / फेंटेसी नहीं हकीकत हैं ‘सेंटोसा द्वीप’ से जुड़ी ये बातें

सेन्टोसा जिसे सेन्तोसा के नाम से भी जाना जाता है। यह सिंगापुर का एक द्वीप है, जो सिंगापुर के मुख्य द्वीप से दक्षिण में एक जलडमरू के पार स्थित है। यहां सिंगापुर की सरकार ने पूरे द्वीप को एक पर्यटन स्थल बना दिया है, जहां यूनिवर्सल स्टूडियो, एक्वेरियम और दक्षिणी छोर पर समुद्र-तट (बीच) सैलानियों को आकर्षित करता है। सिंगापुर टूरिज्म के मुताबिक यहां हर साल 2 करोड़ से भी ज्यादा पर्यटक आते हैं!

सेंटोसा द्वीप का भारतीय कनेक्शन यह है कि सेंटोसा शब्द संस्कृत भाषा के ‘संतोष’ शब्द का रूप है। भारतीय पर्यटकों की पंसद को ध्यान में रखकर यहां कई भारतीय रेस्तरां खुल रहे हैं, जिनमें रंगमहल रेस्तरां काफी लोकप्रिय है। हनीमून डेस्टीनेशन के लिहाज से यह द्वीप काफी फेमस है।

यहां के बीचों पर समुद्र में नहाना या तैरना प्रतिबंधित है। द्वीप का 70 प्रतिशत क्षेत्रफल पर जंगल सुरक्षित रखे गए हैं, जिनमें कई स्थानीय वन्य प्राणी रहते हैं और यह टूरिस्ट को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।

इन दिनों यह द्वीप काफी चर्चा में है। चर्चा की वजह है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग की मुलाकात। सन् 1972 तक सेंटोसा द्वीप को ‘पुलाऊ बेलकांग मति’ नाम से जाना जाता था। जिसका मतलब होता था मौत का द्वीप। लेकिन बाद में सिंगापुर में सरकारी अभियान के हिस्से के रूप में इसका नाम बदलकर रिसॉर्ट द्वीप कर दिया गया था।

इतिहास में दफ्न सेंटोसा द्वीप की ये बातें….

  • सेंटोसा द्वीप पर जाने से लोग कभी लोग डरते थे। क्योंकि सेंटोसा को युद्ध बंदियों को कैद करने के लिए इस्तेमाल किया जाता था।
  • यहां 400 से ज्यादा अलायड ट्रूप्स (सहयोगी सेना) के सैनिकों को भीषण हालातों में कैदी बना कर रखा जाता था।
  • जब सिंगापुर में 1942 में जापानियों का कब्जा हो गया था। तो कुछ सालों में यहां जापान विरोधी विचार रखने वाले हजारों लोगों को मार दिया गया।
  • यहां उस समय 18 से 50 साल की उम्र के बीच वाले चीनी लोगों को मशीन गनों के सामने खड़ा करके गोली मार दी जाती थी और उनकी लाश को समुद्र में फेंक दी गई थीं।
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