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मनरेगा के तहत उत्तरप्रदेश में काम करती महिलाएं। चित्र : यूएन वुमन/ गगनजीत सिंह चंडोक मनु मुद्गिल, स्वतंत्र पत्रकार। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत देशभर के ग्रामीण क्षेत्र में प्राकृतिक संपदा बचाने की कोशिश से कार्बन का अवशोषण भी होता है। अनुमान है कि 2030…
छत्तीसगढ़ के पारिस्थितिकी तौर पर संवेदनशील क्षेत्र में कोयला खनन को लेकर हमेशा विवाद रहा है। चित्र : आलोक प्रकाश पुतुल। आलोक प्रकाश पुतुल। लगभग महीने भर के अंतराल में छत्तीसगढ़ में कोयले के खनन को लेकर दो महत्वपूर्ण रिपोर्ट आयीं हैं। सरकार ने दूसरे रिपोर्ट का इंतजार किये बिना…
ग्लासगो में कॉप-26 आयोजन स्थल से सटे एक पुल पर विरोध प्रदर्शन करता एक आदमी। जलवायु परिवर्तन को रोकने संबंधित बैनर-पोस्टर के साथ ग्लासगो शहर में ऐसे कई प्रदर्शनकारी देखे जा सकते हैं। चित्र : सौम्य सरकार सौम्य सरकार। ग्लासगो, स्काटलैंड ‘जलवायु परिवर्तन सम्मेलन कॉप- 26 से’ विशेष रिपोर्ट। भारत…

कॉप – 26 / क्या भारत 2070 तक ‘नेट जीरो’ का लक्ष्य हासिल करेगा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कॉप -26 जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में मंच के नजदीक से जाते हुए। चित्र सौजन्य : नरेंद्र मोदी/फेसबुक। सौम्य सरकार। ग्लासगो, स्काटलैंड ‘जलवायु परिवर्तन सम्मेलन कॉप- 26 से’ विशेष रिपोर्ट। भारत ने ग्लासगो अंतरराष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन सम्मेलन यानी कॉप – 26 में, साल 2070 तक नेट जीरो का…

जल प्रदूषण / यहां जानें, नदियां कैसे बन गईं ‘प्लास्टिक कचरे’ की हाइवे?

हरिद्वार में नियमित रूप से लगभग 11 टन प्लास्टिक कचरा उत्पन्न होता है। तस्वीर– विज़ एम/विकिमीडिया कॉमन्स अनुषा कृष्णनन। गंगा और उसकी सहायक नदियां प्लास्टिक कचरे से पटी हुई हैं। नदी के सहारे यह कचरा समुद्र में जा मिलता है। अध्ययनकर्ता गंगा के अलावा दूसरी नदियों और तालाबों में प्लास्टिक की…

कॉप – 26 / तो क्या अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन से सिर्फ उम्मीदें या ‘ग्लोबल वार्मिंग’ का समाधान?

सतपुड़ा थर्मल पावर प्लांट से निकलता कोयले का धुआं। तस्वीर– आशीष प्रजापति/विकिमीडिया कॉमन्स सौम्य सरकार। ग्लासगो, स्काटलैंड ‘जलवायु परिवर्तन सम्मेलन कॉप- 26 से’ विशेष रिपोर्ट। यदि ग्लासगो में शुरू हो रही संयुक्त राष्ट्र जलवायु शिखर सम्मेलन में, तमाम देशों के शीर्ष नेता, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के लिए…

लक्ष्य / चीन में, साल 2030 और 2060 क्यों हैं खास?

चीन का ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन प्लांट। चित्र सौजन्य : चाइना पावर सीएसआईएस आर्गनाइजेशन। अखिल पाराशर, बीजिंग, चीन। साल 2060 तक, ‘कार्बन तटस्थता’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, चीन ने एक मार्गदर्शक दस्तावेज प्रकाशित किया है, जिसमें आने वाले दशकों में जलवायु और पर्यावरण के मुद्दों को विशेषतौर…

भविष्य / पर्यावरण के लिए ‘साल 2030 से पहले’ हम क्या कर सकते हैं?

जलवायु परिवर्तन की संभावना का एक द्श्य। चित्र सौजन्य : मार्सिन जोज़्विआक/पिक्साबे दुनिया के सबसे ज्यादा प्रभावशाली और धनवान लोगों में एक बिल गेट्स ने कहा था, ‘अधिकांश लोग एक वर्ष में जो कुछ कर सकते हैं उसे अधिक महत्व देते हैं और दस वर्षों में वे जो कर सकते…

संदेह /…तो क्या कोयला संकट के पीछे, छिपा एजेंडा? ताकि किए जा सकें ‘पर्यावरण कानून’ कमजोर!

कोल इंडिया लिमिटेड और रेलवे सहित कोयला आपूर्ति सुनिश्चित करने वाले जिम्मेदार एजेंसियां देश में कोयले की आपूर्ति पर नजर बनाए हुए हैं। तस्वीर- सुयष द्विवेदी/विकिमीडिया कॉमन्स। मयंक अग्रवाल। पिछले दो सप्ताह के दौरान भारत में कोयले को लेकर गहन चर्चा हो रही है। कोयले की कमी की वजह से कई स्थानों…

मौसम / ‘भारत की अर्थव्यवस्था’ और ‘किसानों के जीवन’ को मुश्किल बनाता मानसून

पिछले कुछ वर्षों में मौसमी घटनाएं जैसे बाढ़, सूखे में तेजी आई है। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा के किसान जून में सूखे की वजह से फसल नहीं लगा पा रहे थे। वहीं सितंबर की बारिश ने उनकी खड़ी फसल तबाह कर दी। चित्र : अनिल गुलाटी/इंडिया वाटर पोर्टल/फ्लिकर। सौम्या सरकार।…

कोयला खनन / आशंकाओं के अंधकार में, छत्तीसगढ़ के ‘हसदेव अरण्य का भविष्य’

हसदेव वन में एक वो भी वक्त था, जब यहां कोई गैर वन संबंधी गतिविधि नहीं हो सकती थी। खनन से यहां की संवेदनशील जलवायु प्रभावित होगी। चित्र : मयंक अग्रवाल। मयंक अग्रवाल। छत्तीसगढ़ के हसदेव अरण्य की गिनती प्राचीन जंगलों में होती है। एक अध्ययन के सामने आने के…

करुणा / आपके ही पास है ‘आपकी हर समस्या का समाधान’

दलाई लामा ऑनलाइन प्रवचन देते हुए/ चित्र सौजन्य : तेनज़िन जैम्फेल। दलाई लामा, लेखक आध्यात्मिक गुरू हैं। तिब्बत में बौद्ध धर्म की स्थापना नालंदा परंपरा के आचार्य शांतरक्षित ने की थी। हम भारत से प्राप्त त्रिपिटकों का अध्ययन करते हैं और तीन प्रशिक्षणों की साधना में संलग्न होते हैं। यही…

सौर ऊर्जा / क्या झारखंड में ‘जोहार योजना’ से बदलेगी किसानों की किस्मत?

सोलर पंप के साथ समूह की महिलाएं। भूजल संरक्षण के लिए इन सोलर पंप का इस्तेमाल सिर्फ सतही पानी को पंप करने में किया जा सकता है। चित्र : श्रीकांत चौधरी श्रीकांत चौधरी। झारखंड के अधिकतर किसान खेती के लिए बारिश पर निर्भर हैं और पानी की कमी के कारण…

बिहार / कैसे बनेगा ‘क्लाइमेट एक्शन प्लान’ अधूरी जानकारी और अधर में सरकार?

जानकारों के मुताबिक जलवायु परिवर्तन के कारण उत्तरी बिहार में बाढ़ की तीव्रता में बढोतरी हो सकती है। चित्र : उमेश कुमार राय उमेश कुमार राय। साल 2015 के क्लाइमेट एक्शन प्लान को केंद्र सरकार ने ये कहकर वापस कर वापस कर दिया था कि एक्शन प्लान में कार्बन उत्सर्जन…

विश्लेषण / केरल में ‘निपाह का प्रकोप’, यहां जानें, ‘क्या है ये, कैसे रहें सुरक्षित’

स्वास्थ्य कार्यकर्ता, रविवार 05 सितंबर को कोझीकोड के कन्नमपरंबु कब्रिस्तान में 12 वर्षीय निपाह वायरस पीड़ित के शव को दफनाते हुए। चित्र सौजन्य : एचटी/पीटीआई देश, कोरोना वायरस के प्रकोप का सामना कर रहा है और केरल में अब फिर से जानलेवा वायरस निपाह ने दस्तक दी है, जिसके संक्रमण…