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पर्यावरण

कार्बन प्रदूषण। प्रतीकात्मक चित्र। अखिलेश सती। लिदिया पॉवेल । विनोद कुमार तोमर । हाल ही में जारी विश्व असमानता रिपोर्ट 2022 (World Inequality Report 2022) में बताया गया है कि निम्न और मध्यम आय वाले देशों के समूह में भारत और ब्राज़ील में असमानता चरम पर है। इस सूची में चीन की…
बेलर मशीन जो परिवहन में आसानी के लिए धान के ठूंठ को बंडलों में कंप्रेस करती है। चित्र : मनु मौदगिल मनु मौदगिल। पंजाब में 97.50 मेगावाट की कुल क्षमता के 11 बायोमास बिजली संयंत्र हैं, जिसमें हर साल 880,000 मीट्रिक टन पराली की खपत होती है। धान की भूसी…
कोले वेटलैंड्स, त्रिशूर, केरल से जल कौए। चित्र : मनोज के/ विकिमीडिया कॉमन्स साहना घोष। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूनेप) और आईयूसीएन के द्वारा जारी एक ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि जलवायु परिवर्तन के नुकसान को कम करने के लिए प्रकृति आधारित समाधान कारगर हो सकते हैं। इसके मुताबिक…

समाधान : मुगल सैनिकों की ‘कनात’, बुझा रही बुरहानपुर की प्यास

बुरहानपुर का कुंडी भंडार नेटवर्क। शहर में 102 ऐसी कुंडी (कुआं) मौजूद हैं। यह कुएं अंडरग्राउंड नहर से जुड़े हुए हैं। चित्र : लोकेंद्र ठक्कर। मनीष चंद्र मिश्रा। साल 2016-17 में प्रकाशित एक सरकारी रिपोर्ट कहा गया कि मध्य प्रदेश का बुरहानपुर, जलवायु परिवर्तन से प्रभावित होने वाले जिलों में…

क्षिप्रा नदी : अशुद्ध हो रहा ‘पवित्र जल’, कौन जिम्मेदार सरकार या जनता?

प्रदूषित क्षिप्रा नदी का जल। चित्र सौजन्य : नईदुनिया। मध्य प्रदेश का इंदौर शहर भारत का सबसे स्वच्छ शहर है, लेकिन इंदौर की स्वच्छता के लिए आस-पास के ग्रामीण अंचल, छोटे शहर और पवित्र नदी क्षिप्रा भारी कीमत चुका रही है। इस बात की पुष्टि प्रदूषण विभाग की रिपोर्ट करती…

प्रदूषण : उनका लाहौर और हमारी दिल्ली सब भगवान भरोसे!

डॉ. वेदप्रताप वैदिक। भारत के मुकाबले यूरोप और अमेरिका के शहरों में वाहन ज्यादा चलते हैं। वहां कल-कारखाने भी बहुत ज्यादा हैं, फिर भी उनका प्रदूषण-अंक 50 और 100 के बीच ही रहता है। यदि हमारी सरकारें भी प्रदूषण के स्थायी हल की कोशिश करें तो भारत की स्थिति उनसे…

लक्ष्य : चीन में, साल 2030 और 2060 क्यों हैं खास?

चीन का ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन प्लांट। चित्र सौजन्य : चाइना पावर सीएसआईएस आर्गनाइजेशन। अखिल पाराशर, बीजिंग, चीन। साल 2060 तक, ‘कार्बन तटस्थता’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, चीन ने एक मार्गदर्शक दस्तावेज प्रकाशित किया है, जिसमें आने वाले दशकों में जलवायु और पर्यावरण के मुद्दों को विशेषतौर…

भविष्य : पर्यावरण के लिए ‘साल 2030 से पहले’ हम क्या कर सकते हैं?

जलवायु परिवर्तन की संभावना का एक द्श्य। चित्र सौजन्य : मार्सिन जोज़्विआक/पिक्साबे दुनिया के सबसे ज्यादा प्रभावशाली और धनवान लोगों में एक बिल गेट्स ने कहा था, ‘अधिकांश लोग एक वर्ष में जो कुछ कर सकते हैं उसे अधिक महत्व देते हैं और दस वर्षों में वे जो कर सकते…

पर्यावरण : दुर्लभ ‘आए हालू आर्द्रभूमि’, जो तिब्बत को बनाती है विशेष

चित्र : आए हालू आर्द्रभूमि, तिब्बत। अखिल पाराशर, ल्हासा/तिब्बत। तिब्बत की राजधानी ल्हासा के पश्चिम-उत्तर क्षेत्र में एक विशिष्ट आर्द्रभूमि है, जिसे आए हालू आर्द्रभूमि कहा जाता है। यह दुनिया में सबसे अधिक ऊंचाई वाली और सबसे बड़ी प्राकृतिक आर्द्रभूमि है। न केवल तिब्बत बल्कि चीन में एकमात्र शहरी अंतर्देशीय…

पर्यावरण : प्लास्टिक से कई गुना बेहतर विकल्प है बांस की ये बोतल

प्लास्टिक एक हानिकारक तत्व है, जो मिट्टी में बहुत लंबे समय के बाद नष्ट होता है और इसे जलाया जाए तो ये वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेदार होता है। ऐसे में हमारे पास एक विकल्प मौजूद है कि हम प्लास्टिक से बनी पानी की बोतल की वजह क्यों न बांस…

समस्या : पृथ्वी पर 40 साल में 60% कम हो गए ये वन्यजीव, क्या है वजह

ग्लोबल वार्मिंग पृथ्वी पर रहने वाले जीवों के लिए उस बुरे सपने की तरह है, जो आने वाले दिनों में हमारे सामने कई समस्याएं लेकर आएगा। तो वहीं, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने ‘लिविंग प्लैनेट रिपोर्ट’ में बताया गया है कि पिछले 40 साल में स्तनधारियों, पक्षियों, सरीसृप, उभयचर और मछली की आबादी में…

मुद्दा : तेजी से पिघल रही अंटार्कटिका की बर्फ, तो क्या सन् 2100 में डूब जाएगा भारत!

वैज्ञानिकों की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने अंटार्कटिका की एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें कहा गया है कि धरती का एकमात्र महाद्वीप जो बर्फ से पूरी तरह से ढका हुआ है मानव गतिविधि और ग्लोबल वार्मिंग के कारण, बहुत तेजी से ये बर्फ पिघल रही है। 1992 से 2011 तक,…