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पर्यावरण

सद्गुरु जग्गी वासुदेव। ‘जंगलों का उत्पाद’ (जंगल से मिलने वाली चीज़ें) इस चीज़ को अब हमें भूल जाना चाहिए, अपनी शब्दावली में से ही निकाल देना चाहिए। अब इस तरह की कोई बात रह नहीं जाती क्योंकि पृथ्वी पर अब पर्याप्त जंगल बचे ही नहीं हैं, जहां से हम कोई…
सद्गुरु जग्गी वासुदेव। पर्यावरण में मिट्टी का स्वस्छ होना उतना ही जरूरी है, जितना की हवा में कोई जहरीली गैस का ना होना। हमें यह पक्का करना होगा कि हमारी मिट्टी समृद्ध और उपजाऊ है, सिर्फ तभी हम इस पर्यावरण से जुड़ी आपदा से बच पाएंगे। इस धरती पर जीवन…
चित्र : वायु प्रदूषण। वायु प्रदूषण रोकने का एक ही समाधान है और वो है हम पर्यावरण में कम से कम जहरीली गैसों का उत्सर्जन करें। हम यानी इंसान और कम करने का मतलब पब्लिक ट्रांसपोर्ट यूज करें। यदि आप टू या फॉर व्हीलर चलाते हैं तो उससे कम से…

वाल्मी : यहां जानें, बारिश के पानी को, ‘भूमि में कैसे’ सुरक्षित रखें!

विश्व पृथ्वी दिवस पर वाल्मी में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद युवा प्रतिभागी। चित्र सौजन्य : वाल्मी/ग्लोबकॉम ग्रुप जलवायु परिवर्तन, मौजूदा समय में सबसे भयावह संकट है। मध्य प्रदेश जल एवं भूमि प्रबंध संस्थान, वाल्मी, भोपाल इस समस्या का समाधान करने के लिए दुनिया भर में हर संभव प्रयास और नवाचार…

रिपोर्ट : भारत में ‘कार्बन संबंधी असमानता’, कौन जिम्मेदार?

कार्बन प्रदूषण। प्रतीकात्मक चित्र। अखिलेश सती। लिदिया पॉवेल । विनोद कुमार तोमर । हाल ही में जारी विश्व असमानता रिपोर्ट 2022 (World Inequality Report 2022) में बताया गया है कि निम्न और मध्यम आय वाले देशों के समूह में भारत और ब्राज़ील में असमानता चरम पर है। इस सूची में चीन की…

क्षिप्रा नदी : अशुद्ध हो रहा ‘पवित्र जल’, कौन जिम्मेदार सरकार या जनता?

प्रदूषित क्षिप्रा नदी का जल। चित्र सौजन्य : नईदुनिया। मध्य प्रदेश का इंदौर शहर भारत का सबसे स्वच्छ शहर है, लेकिन इंदौर की स्वच्छता के लिए आस-पास के ग्रामीण अंचल, छोटे शहर और पवित्र नदी क्षिप्रा भारी कीमत चुका रही है। इस बात की पुष्टि प्रदूषण विभाग की रिपोर्ट करती…

प्रदूषण : उनका लाहौर और हमारी दिल्ली सब भगवान भरोसे!

डॉ. वेदप्रताप वैदिक। भारत के मुकाबले यूरोप और अमेरिका के शहरों में वाहन ज्यादा चलते हैं। वहां कल-कारखाने भी बहुत ज्यादा हैं, फिर भी उनका प्रदूषण-अंक 50 और 100 के बीच ही रहता है। यदि हमारी सरकारें भी प्रदूषण के स्थायी हल की कोशिश करें तो भारत की स्थिति उनसे…

लक्ष्य : चीन में, साल 2030 और 2060 क्यों हैं खास?

चीन का ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन प्लांट। चित्र सौजन्य : चाइना पावर सीएसआईएस आर्गनाइजेशन। अखिल पाराशर, बीजिंग, चीन। साल 2060 तक, ‘कार्बन तटस्थता’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, चीन ने एक मार्गदर्शक दस्तावेज प्रकाशित किया है, जिसमें आने वाले दशकों में जलवायु और पर्यावरण के मुद्दों को विशेषतौर…

भविष्य : पर्यावरण के लिए ‘साल 2030 से पहले’ हम क्या कर सकते हैं?

जलवायु परिवर्तन की संभावना का एक द्श्य। चित्र सौजन्य : मार्सिन जोज़्विआक/पिक्साबे मोन्स अब्राहम, नई दिल्ली। दुनिया के सबसे ज्यादा प्रभावशाली और धनवान लोगों में एक बिल गेट्स ने कहा था, ‘अधिकांश लोग एक वर्ष में जो कुछ कर सकते हैं उसे अधिक महत्व देते हैं और दस वर्षों में…

पर्यावरण : दुर्लभ ‘आए हालू आर्द्रभूमि’, जो तिब्बत को बनाती है विशेष

चित्र : आए हालू आर्द्रभूमि, तिब्बत। अखिल पाराशर, ल्हासा/तिब्बत। तिब्बत की राजधानी ल्हासा के पश्चिम-उत्तर क्षेत्र में एक विशिष्ट आर्द्रभूमि है, जिसे आए हालू आर्द्रभूमि कहा जाता है। यह दुनिया में सबसे अधिक ऊंचाई वाली और सबसे बड़ी प्राकृतिक आर्द्रभूमि है। न केवल तिब्बत बल्कि चीन में एकमात्र शहरी अंतर्देशीय…

पर्यावरण : प्लास्टिक से कई गुना बेहतर विकल्प है बांस की ये बोतल

प्लास्टिक एक हानिकारक तत्व है, जो मिट्टी में बहुत लंबे समय के बाद नष्ट होता है और इसे जलाया जाए तो ये वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेदार होता है। ऐसे में हमारे पास एक विकल्प मौजूद है कि हम प्लास्टिक से बनी पानी की बोतल की वजह क्यों न बांस…

समस्या : पृथ्वी पर 40 साल में 60% कम हो गए ये वन्यजीव, क्या है वजह

ग्लोबल वार्मिंग पृथ्वी पर रहने वाले जीवों के लिए उस बुरे सपने की तरह है, जो आने वाले दिनों में हमारे सामने कई समस्याएं लेकर आएगा। तो वहीं, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने ‘लिविंग प्लैनेट रिपोर्ट’ में बताया गया है कि पिछले 40 साल में स्तनधारियों, पक्षियों, सरीसृप, उभयचर और मछली की आबादी में…

मुद्दा : तेजी से पिघल रही अंटार्कटिका की बर्फ, तो क्या सन् 2100 में डूब जाएगा भारत!

वैज्ञानिकों की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने अंटार्कटिका की एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें कहा गया है कि धरती का एकमात्र महाद्वीप जो बर्फ से पूरी तरह से ढका हुआ है मानव गतिविधि और ग्लोबल वार्मिंग के कारण, बहुत तेजी से ये बर्फ पिघल रही है। 1992 से 2011 तक,…