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जीने की राह

दलाई लामा ऑनलाइन प्रवचन देते हुए/ चित्र सौजन्य : तेनज़िन जैम्फेल। दलाई लामा, लेखक आध्यात्मिक गुरू हैं। तिब्बत में बौद्ध धर्म की स्थापना नालंदा परंपरा के आचार्य शांतरक्षित ने की थी। हम भारत से प्राप्त त्रिपिटकों का अध्ययन करते हैं और तीन प्रशिक्षणों की साधना में संलग्न होते हैं। यही…
बुजुर्गों की दुआएं और पुरखों की आत्माएं जब आशीष देती हैं, तो हमारी जिंदगी में रहमतें बरसने लगती हैं। धरती पर हमारे बुजुर्ग और आकाश से हमारे पुरखे हमारी जिंदगी को रौशन करने के लिए दुआ करते हैं। उनकी दुआओं-आशीषों से ही पूरा घर चहकता है। किलकारियों से गूंजता है…
प्रतीकात्मक चित्र। जे. कृष्णमूर्ति, दार्शनिक एवं आध्यात्मिक गुरु। प्रश्न पूछना आसान है और यदि आप केवल एक उत्तर की तलाश करते हैं, तो आपको वह नहीं मिलेगा, क्योंकि आप समस्या से दूर उत्तर की तलाश करेंगे। जैसे हम विवाह के संदर्भ में समझें तो इसे एक आदर्श के रूप के…

मनोविज्ञान / ‘रूढ़िवादिता से संतुलन’ या ‘हमेशा के लिए ‘समाधान’

प्रतीकात्मक चित्र। जे. कृष्णमूर्ति, लेखक दर्शानिक एवं आध्यात्मिक गुरु हैं। अब, कोई रूढ़िवादी क्यों नहीं रह गया है? इससे पहले कि आप कहें, ‘मैंने रूढ़िवादी होना बंद कर दिया है’, क्या आपको यह नहीं पता होना चाहिए कि क्यों, किस कारण से? क्या यह इसलिए है क्योंकि आप देखते हैं…

मार्गदर्शक / जिंदगी को ‘संतुलित और सरल’ रखती है ‘श्रीमद्भगवद गीता’

चित्र : भगवान श्रीकृष्ण, अर्जुन को श्रीमद्भगद गीता का दिव्य ज्ञान देते हुए। भगवान श्रीकृष्ण का संदेश श्रीमद्भगवद गीता, जिंदगी जीने का एक संतुलित दर्शन प्रस्तुत करती है। गीता में उल्लेखित है कि मनुष्य जीवन में दो रास्ते हैं प्रवृत्ति, ‘क्रिया और प्रगति का मार्ग’ और निवृत्ति, ‘आंतरिक चिंतन और…

राष्ट्र / आजादी के पहले की वो घटनाएं, जो देती हैं ‘विजयी भव:’ का आशीष

कैप्टन राम चरण सिंह जिन्होंने देशभक्ति गीत ‘कदम कदम बढ़ाए जा’ की रचना की और हरिजन कॉलोनी, 1945 में गांधीजी के लिए वायलिन बजाया। चित्र सौजन्य : नेशनल गैलरी ऑफ़ मॉडर्न आर्ट, नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दांडी यात्रा की वर्षगांठ 12 मार्च को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी…

प्रेरणा / कठिन चुनौतियों के बीच, ऐसे रखें ‘मन को शांत’

प्रतीकात्मक चित्र। संकलन : अमित कुमार सेन। हम एक ऐसी दुनिया, या कहें एक ऐसे क्षण में रह रहे हैं जहां ज्ञान, करुणा, आशावाद, लचीलापन, साहस और स्पष्ट नज़रिए की बेहद जरूरत है। हमें इन गुणों को अपने अंदर जागृत करने की जरूरत है। यह हम तभी कर सकते हैं,…

विचार / यदि एक बेहतर दुनिया चाहिए तो हमें क्या करना होगा?

दलाई लामा, लेखक आध्यात्मिक गुरू हैं। स्थायी भविष्य की कुंजी एक परोपकारी मानसिकता में है जो प्रतिस्पर्धा की जगह सहयोग करती है और लोगों की भलाई के लिए काम करती हो। हम यहां जानेंगे कि, ‘कैसे 21वीं सदी में परोपकारी प्रेम का भाव रखने से हम अपने बीच के विभाजनों…

विमर्श / पुलिस कार्रवाई में ‘सहानुभूति और करुणा’ क्यों है जरूरी

चित्र: कोरोना काल में भारतीय पुलिस एक वृद्ध महिला की मदद करते हुए। दलाई लामा, लेखक आध्यात्मिक गुरू हैं। चीन दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश है, इसकी प्राचीन संस्कृति है और पारंपरिक रूप से वह बौद्ध मताबलंबी बहुल देश है। लेकिन वहां कोई आजादी नाम की चीज नहीं…

उम्मीद / संभावनाओं से भरा है ‘जीवन’, इसे यूं न गवाएं

कर्म की महत्ता अनंत है। हमारी परंपरा इसे ‘कर्मयोग’ कहकर संबोधित करती है। हताश, निराश, अवसाद से घिरे वीरवर अर्जुन को महाभारत के युद्ध में योगेश्वर कृष्ण इसी कर्मयोग का उपदेश देते हैं। इसके बाद अर्जुन में जो सकारात्मक परिर्वतन आते हैं, उसे हम सब जानते हैं। हमारे देश में कर्मयोग की…

श्वेत क्रांति / धरती पर मौजूद है अमृत, लोग इधर-उधर भटक रहे हैं

हमारी परंपरा और देशज ज्ञान ने हमें गौ-सेवा को लेकर बहुत कुछ बताया है। यही कारण है कि गाय आज भी भारतीय लोकजीवन का सबसे आदरणीय प्राणी है। अथर्ववेद में कहा गया है। ‘धेनु: सदनम् रचीयाम्’ यानी ‘गाय संपत्तियों का भंडार है।‘ हम गाय को केंद्र में रखकर देखें, तो…

कोरोना काल / कुछ इस तरह मानसिक स्वास्थ्य का रखें ख्याल, ‘वक्त है बदल जाएगा’

प्रतीकात्मक चित्र। कोविड-19 के इस दौर ने हर किसी को किसी न किसी रूप में गंभीर रूप से प्रभावित किया है। किसी ने अपना हमसफर खोया है तो किसी ने अपने घर-परिवार के सदस्य,दोस्त या रिश्तेदार को खोया है। इन अपूरणीय क्षति का किसी न किसी रूप में दिलो-दिमाग पर…

छिंगमिंग / पितृपक्ष की तरह, चीन में पूर्वजों को याद करने का पर्व

अखिल पाराशर, पेइचिंग, चीन। भारत में अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पितृपक्ष के दौरान श्राद्ध और तर्पण किए जाते हैं, और उन्हें याद किया जाता है, उसी तरह चीन में भी अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पर्व मनाया जाता है, जिसे छिंगमिंग कहा जाता…

कोरोना / कोविड 19 संक्रमण के बीच ऑनलाइन कक्षाएं कितनी सार्थक

कोरोना काल ने सही मायने में भारत को डिजीटल इंडिया बना दिया है। पढ़ाई-लिखाई के क्षेत्र में इसका व्यापक असर हुआ है। प्राइमरी से लेकर उच्चशिक्षा संस्थानों ने ऑनलाइन कक्षाओं का सहारा लेकर नए प्रतिमान रचे हैं। आने वाले समय में यह चलन कितना प्रभावी होगा यह तो नहीं कहा…

समाधान / कोरोना से लड़ाई में, मसाला या औषधि? क्या है हल्दी!

हल्दी भारतीय मसाला और औषधि है। गले में खराश हो या शरीर में दर्द, दूध में हल्दी मिलाकर पी लीजिए सब ठीक हो जाता है। रामबाण औषिधि के तौर पर सदियों से मशहूर हल्दी कोरोना संकट में इम्युनिटी बढ़ाने का काम भी करती है। विदेशों में हल्दी को सुपरफूड कहा…