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सोशल हलचल

छत्तीसगढ़ के इंद्रावती नदी का चित्रकोट वाटर फॉल। चार दशक पहले इंद्रावती नदी पर ही बोधघाट बांध बनना तय हुआ था। छत्तीसगढ़ सरकार इसे पुनः शुरू करने जा रही है। चित्र: विकिमीडिया कॉमन्स  -आलोक प्रकाश पुतुल। पर्यावरण और पारिस्थितिकी का हवाला देकर बोधघाट इंदिरा सरोवर जल विद्युत परियोजना को 1994…
भारत के कई जंगलों में पाए जाने वाले भौंकने वाले हिरण के ऊपर अधिक शोध न होने की वजह से इसके बारे में कम जानकारी उपलब्ध है। चित्र : दिनेश कन्नमबड़ी/विकिमीडिया कॉमन्स -भानू श्रीधरन। भारत के कई हिस्सों में यह भौंकने वाला हिरण पाया जाता है पर इसके बारे में…
कोसी में बाढ़ की वजह से विस्थापित हुए लोग सड़क किनारे झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं। कोसी पर बनने वाले इस नए प्रोजेक्ट की वजह से इलाके में एक बार फिर विस्थापन होगा। चित्र : इंडिया वाटर पोर्टल/फ्लिकर -पुष्पमित्र। 130 मेगावाट की पनबिजली परियोजना के लिए कोसी नदी पर दूसरे बराज…

समाधान / …तो क्या ये है ‘तिब्बत समस्या’ का हल?

तिब्बत के दूसरे सर्वोच्च आध्यात्मिक नेता,गेदुन चोएक्यी न्यिमा। चित्र सौजन्य : दार्जलिंग अनलिमिटेड प्रो. श्यामनाथ मिश्र। लेखक राजनीति विज्ञान विभाग, राजकीय महाविद्यालय, तिजारा (राजस्थान) में कार्यरत हैं। यह घटना है, 14 मई, 1995 की, तब चीन ने सिर्फ छः वर्षीय पंचेन लामा गेदुन चोएक्यी न्यिमा का उनके परिजनों सहित अपहरण…

रिपोर्ट / जलवायु परिवर्तन के संघर्ष में, ‘लोगों को साथ लेकर चलने की’ कोशिश

विंड टरबाइन की पृष्ठभूमि में तालाब में खेलते बच्चे। भारत ने वर्ष 2030 तक अक्षय ऊर्जा की अपनी क्षमता 450 मेगावाट करने की ठानी है। प्रतीकात्मक चित्र- वेस्तास/याहू/फ्लिकर – कुंदन पांडे। जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए नई नीतियां बनाई जा रही हैं। जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने की बात…

आपदा / उत्तराखंड के कई गांव में ‘जल संकट’, क्या रेल परियोजना है जिम्मेदार?

स्थानीय लोगों का आरोप है कि काम शुरू होने के कुछ महीने बाद उन्होंने यहां से एक पनचक्की चलाने लायक पानी बाहर निकलते देखा, तब से लगातार पानी बह रहा है। सभी चित्र : त्रिलोचन भट्ट – त्रिलोचन भट्ट। उत्तराखंड में तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों के मद्देनजर आवागमन को सुगम…

अकादमी / तिब्बती बौद्ध धर्म का वो स्थल जहां मिलते हैं, ‘संस्कार’

चित्र : तिब्बत बौद्ध धर्म अकादमी। अखिल पाराशर, ल्हासा/तिब्बत। तिब्बत के छूशुई काउंटी में स्थित तिब्बत बौद्ध धर्म अकादमी का निर्माण 18 अक्टूबर, 2008 में शुरू हुआ और सितंबर, 2011 को बनकर तैयार हो गया। इसका कुल निर्माण क्षेत्र 30,800 वर्ग मीटर है। यहां बौद्ध भिक्षुओं और भिक्षुणियों के लिए…

पर्यावरण / दुर्लभ ‘आए हालू आर्द्रभूमि’, जो तिब्बत को बनाती है विशेष

चित्र : आए हालू आर्द्रभूमि, तिब्बत। अखिल पाराशर, ल्हासा/तिब्बत। तिब्बत की राजधानी ल्हासा के पश्चिम-उत्तर क्षेत्र में एक विशिष्ट आर्द्रभूमि है, जिसे आए हालू आर्द्रभूमि कहा जाता है। यह दुनिया में सबसे अधिक ऊंचाई वाली और सबसे बड़ी प्राकृतिक आर्द्रभूमि है। न केवल तिब्बत बल्कि चीन में एकमात्र शहरी अंतर्देशीय…

कला / जहरीला है ‘तिब्बती कागज’ जो हजारों साल तक नहीं होता खराब

चित्र : तिब्बती कागज। अखिल पाराशर, ल्हासा/तिब्बत। चीन के तिब्बत स्वायत्त प्रदेश में कागज बनाने की कला और संस्कृति सदियों से चली आ रही है। तिब्बती कागज की गुणवत्ता अन्य कागजों की तुलना में बेहद खास और अच्छी है। जैसे-जैसे तिब्बती समाज का विकास होता गया, वैसे-वैसे तिब्बत के विभिन्न…

मंत्रिमंडल / बीते 7 साल, ‘गलत निर्णय और नुकसान के बाद’ नए लक्ष्य

चित्र : मोदी सरकार 0.2 का नया मंत्रीमंडल। डॉ. वेदप्रताप वैदिक। स्वतंत्र भारत में इंदिरा गांधी के ‘कामराज प्लान’ के बाद यह सबसे बड़ी साहसिक पीएम नरेंद्र मोदी ने की है। इन नए और युवा मंत्रियों को अपने अनुशासन में रखना और उनसे अपने मन मुताबिक काम करवाना आसान रहेगा…

संशय / भारत में, नया मंत्री मंठल गठित, ‘विदेश नीति’ किसके भरोसे?

चित्र : एस जयशंकर, भारत के विदेश मंत्री। डॉ. वेदप्रताप वैदिक। दुनिया में इन दिनों काफी हलचल चल रही है हालही में अफगानिस्तान से अमेरिकी फौजें जैसे सिर पर पांव रखकर भागी हैं, क्या उससे भी भारत सरकार ने कोई सबक नहीं लिया। बगराम सहित सात हवाई अड्डों को खाली…

एसडीजी रैंकिंग / पर्यावरण से जुड़े मुद्दे पर ‘नीति आयोग की नीतियों’ ने बढ़ाई उलझन

चित्र : हुगली नदी में मछली पकड़ता एक मछुआरा। तस्वीर– फिल पार्सोन्स/फ्लिकर – कुंदन पांडे। हर साल की तरह इस साल भी नीति आयोग ने विभिन्न सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को ध्यान में रखते हुए देश के राज्यों की रैंकिंग की है। इसमें भूख, शिक्षा और स्वास्थ्य, गरीबी इत्यादि के आकड़ों के…

कतर्नियाघाट / …तो क्या तराई क्षेत्र में बढ़ रही, ‘गिद्धों की संख्या’?

चित्र : अंकित सिन्हा/उत्तर प्रदेश के बहराइच जनपद के कतर्नियाघाट इलाके में गिद्धों की वापसी हो रही है। इसकी एक वजह इलाके में ऊंचे पेड़ों की उपलब्धता भी है, जहां गिद्ध आराम फरमाते हैं। – अज़ीम मिर्जा। गिद्धों की कम होती संख्या का असर तराई इलाके के कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य…

संरक्षण / यहां जानें, ‘चाय की प्याली’ से क्या है ‘हाथियों का कनेक्शन’

जिंग बोडोसा के चाय बागान को एलीफेंट फ्रेंडली टीम टी सर्टिफिकेट मिला हुआ है। चित्र : सर्टिफाइड एलिफेंट फ्रेंडली टीम टी प्रोग्राम – साहना घोष। असम में जंगल से निकलकर हाथी विशाल चाय बागानों में शरण ले रहे हैं। चाय बागान में इंसानी आवाजाही होती है ऐसे में हाथी और…

राज्य / अब जो कश्मीर वे देखेंगे, वह नया कश्मीर होगा

डॉ. वेदप्रताप वैदिक। कश्मीर के गुपकार-गठबंधन ने जो संयुक्त बयान जारी किया है, उसमें कोई बुराई नहीं है। प्रधानमंत्री के साथ 24 जून को हुई बैठक के बाद यह पहला बयान है। इस बयान में कहा गया है कि 24 जून की बैठक ‘निराशाजनक’ रही लेकिन उनका अब यह कहना…