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अध्यात्म

देवी मां के रूप में, मां दुर्गा मानवता को शांति और खुशी के एक नए युग में ले जाती हैं। लेकिन वह ऐसा अंधकार यानी नकारात्मक शक्तियों को समाप्त करने के बाद ही करती हैं, उनसे समझौता करके नहीं, उन्हें सांत्वना देकर या उन्हें खुश करके तो बिलकुल भी नहीं।…
भारत दुनिया का एक ऐसा देश है, जहां स्त्री को देवी माना गया है। दुनिया का कोई भी देश स्त्री के संदर्भ में स्थायी श्रद्धा नहीं दिखाता, जितना भारत में है। यहां देवी यानी शक्ति और इस अमिट शक्ति को पर्व के रूप में मनाया जाता है, जिसे हम नवरात्रि…
चित्र : भगवान श्री गणेश। बुद्धि के देवता, जिनके दोनों हाथों में रत्नजड़ित आभूषण हैं। वह ईश्वर में सर्वप्रथम पूज्य हैं, जिनका आगमन हम गणेश चतुर्थी के रूप में इस पृथ्वी पर हर साल मनाते हैं। गणपति, आध्यात्मिक शक्ति और सर्वोच्च बुद्धि प्रदान करते हैं। उन्हें रिद्धि और सिद्धि के…

अंश / क्या ‘धर्म में सत्य’ पाया जा सकता है?

प्रतीकात्मक चित्र। जे. कृष्णमूर्ति, आध्यात्मिक गुरु। एक प्रश्न अमूमन लोगों के मन में जरूर आता है और वो यह है कि सभी धर्म, सिद्धांत, विचार और विश्वास में सत्य के अंश मिलते हैं। उन्हें अलग करने का सही तरीका क्या है? दरअसल, असत्य, असत्य है, और आप असत्य को सत्य…

पवित्रता / क्या जीवन में कुछ पवित्र है, यदि ‘हां’ तो वो क्या है?

प्रतीकात्मक चित्र : जीवन में पवित्रतता। जे. कृष्णमूर्ति, आध्यात्मिक गुरु। क्या जीवन में कुछ पवित्र है? यह विचार या कहें प्रश्न आविष्कार द्वारा नहीं बनाया गया है, क्योंकि मनुष्य, अनंत काल से, हमेशा यह प्रश्न पूछता आया है। क्या इस भ्रम, दुख, अंधकार, भ्रम से परे, संस्थानों और सुधारों से…

चिंतन / जब स्वयं को जागृत करेंगे तभी अभूतपूर्व परिणाम मिलेंगे

प्रतीकात्मक चित्र। जे. कृष्णमूर्ति, आध्यात्मिक गुरु। दुनिया भर में मौजूद संकट, बिना किसी मिसाल के असाधारण है। पूरे इतिहास में, सामाजिक, राष्ट्रीय, राजनीतिक, अलग-अलग अवधियों में अलग-अलग प्रकार के संकट आते रहे हैं। संकट आते हैं और चले जाते हैं। आर्थिक मंदी, अवसाद, आते हैं, संशोधित होते हैं, और एक…

श्रीमद्भगवत् गीता / सोच बदलना है तो दृष्टिकोण बदलें

अमोघ लीला दास। निश्चित ही सकारात्मक सोचना बेहतर है लेकिन यह सोच तभी विकसित होगी, जब हम अपने दृष्टिकोण को बदलेंगे। दृष्टिकोण हम बदल सकते हैं। हम कैसे देखते हैं, कहां देखते हैं, यह इसके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। मान लीजिए हम किसी ऊंची इमारत के नीचे खड़े हैं। हम…

त्योहार / दिल से मनाएं हर दिन दिवाली, जिंदगी में रहेंगे खुशियों के रंग

दुनिया में जहां भी दिवाली के महत्व को लोग जानते हैं वो अपने पूरे परिवार के साथ इस त्योहार को मनाने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। यह त्योहार ही कुछ ऐसा है दीपों का त्योहार, खुशियों का त्योहार और धन-वैभव-स्वच्छता का वो त्योहार जो दीपावली के नाम से सदियों…

शिक्षा / मन में होते हैं ‘राम’ सीखिए कैसे किया जाता है ‘रावण का अंत’

राम और रावण त्रेतायुग में जन्में दो चरित्र हैं, जिनके बारे में हमें महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण से जानकारी मिलती है। रामायण के बाद कई ओर रामायण अलग-अलग नाम से लिखी गईं, और संभव है भविष्य में भी लोग लिखते रहेंगे। राम को हमने भगवान के रूप में स्थापित…

दर्शन / …तो क्या योग प्रथाओं के खिलाफ है अद्वैत?

अद्वैत वेदांत दर्शन योग प्रथाओं के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह दर्शन यौगिक अभ्यास की बात करता है। यह एक गलत धारणा है कि अद्वैत मंत्र, प्राणायाम, पूजा और भक्ति जैसी अन्य आध्यात्मिक और यौगिक प्रथाओं के खिलाफ है, जो इसके दृष्टिकोण से कम मूल्य के रूप में माना जाता…

दर्शन / रमण महर्षि क्यों कहे जाते हैं नव-अद्वैत के प्रणेता!

रमण महर्षि की शिक्षाएं अमूमन नव-अद्वैत शिक्षकों के लिए प्रारंभिक बिंदु बनाती हैं, हालाकि, रामायण की शिक्षाओं की पृष्ठभूमि और पूर्ण दायरे को देखने के बजाय, केवल उनकी शिक्षाओं पर ही ध्यान केंद्रित किया जाता है जो सभी के लिए त्वरित प्राप्ति का वादा करती प्रतीत होती हैं। कुछ नव-अद्वैत…

दर्शन / हर युग में मौजूद थे अद्वैत के सूत्रधार, जरूरत है उनके ज्ञान की

अद्वैत मुख्य रूप से अद्वैत वेदांत दर्शन का एक शब्द है, जो वेदांत की गैर-द्वैतवादी परंपरा है। यह वेदों, उपनिषदों और भगवान श्रीकृष्ण की श्रीमद् भगवद्गीता में निहित है, इसका सबसे विशिष्ट रूप आदि शंकराचार्य की शिक्षाओं में होता है, जो इन वैदिक शिक्षाओं को एक स्पष्ट तर्कसंगत भाषा में…

दर्शन / जिंदगी जीने का सीधा रास्ता है अद्वैत, फिर ये भ्रांति क्यों?

अद्वैत यानी भारतीय सनातन संस्कृति का वो आधारभूत दर्शन जो सदियों पहले हमारे वेदों से प्रस्फुटित हुआ। अद्वैत अभ्यास के द्वारा स्वयं की गलत धारणाओं को हटाने का दर्शन है, विशेष रूप से हमारे सच्चे स्वभाव के बारे में वो गलत विचार जो शरीर और बाहरी दुनिया के साथ हमारी…

अनुमान / ‘कीमिया दर्शन’ से जानें क्या हैं आपकी समस्याएं और उनका समाधान

दिशानिर्देश: चित्र को ध्यान से देखें यहां क्रमशः शेर, रेत घड़ी, चंद्रमा, चाबी, हम्सा हैंड के चिन्ह मौजूद हैं। पहली नजर में कोई भी एक आकृति चुनें जो आपको पसंद आती हो, यह आकृति वर्तमान जीवन में चल रही आपकी समस्याओं और समाधान के बारे में इंगित करती हैं। ‘कीमिया…

ज्ञान / अमृत की तरह हैं ‘जे. कृष्णमूर्ति’ की ये बातें जिन्हें जानकर हो जाएंगे तृप्त

जे कृष्णमूर्ति ने कहा था, ‘संसार विनाश की राह पर आ चुका है और इसका हल तथाकथित धार्मिक लोगों और राजनीतिज्ञों के पास नहीं है।’ 12 मई, 1895 में जन्में जे. कृष्णमूर्ति दार्शनिक और आध्यात्मिक विषयों के बड़े ही कुशल एवं परिपक्व लेखक थे। उनके अनुसार दुनिया को बेहतर बनाने…