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अध्यात्म

दुनिया में जहां भी दिवाली के महत्व को लोग जानते हैं वो अपने पूरे परिवार के साथ इस त्योहार को मनाने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। यह त्योहार ही कुछ ऐसा है दीपों का त्योहार, खुशियों का त्योहार और धन-वैभव-स्वच्छता का वो त्योहार जो दीपावली के नाम से सदियों…
राम और रावण त्रेतायुग में जन्में दो चरित्र हैं, जिनके बारे में हमें महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण से जानकारी मिलती है। रामायण के बाद कई ओर रामायण अलग-अलग नाम से लिखी गईं, और संभव है भविष्य में भी लोग लिखते रहेंगे। राम को हमने भगवान के रूप में स्थापित…
अद्वैत वेदांत दर्शन योग प्रथाओं के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह दर्शन यौगिक अभ्यास की बात करता है। यह एक गलत धारणा है कि अद्वैत मंत्र, प्राणायाम, पूजा और भक्ति जैसी अन्य आध्यात्मिक और यौगिक प्रथाओं के खिलाफ है, जो इसके दृष्टिकोण से कम मूल्य के रूप में माना जाता…

दर्शन / रमण महर्षि क्यों कहे जाते हैं नव-अद्वैत के प्रणेता!

रमण महर्षि की शिक्षाएं अमूमन नव-अद्वैत शिक्षकों के लिए प्रारंभिक बिंदु बनाती हैं, हालाकि, रामायण की शिक्षाओं की पृष्ठभूमि और पूर्ण दायरे को देखने के बजाय, केवल उनकी शिक्षाओं पर ही ध्यान केंद्रित किया जाता है जो सभी के लिए त्वरित प्राप्ति का वादा करती प्रतीत होती हैं। कुछ नव-अद्वैत…

दर्शन / हर युग में मौजूद थे अद्वैत के सूत्रधार, जरूरत है उनके ज्ञान की

अद्वैत मुख्य रूप से अद्वैत वेदांत दर्शन का एक शब्द है, जो वेदांत की गैर-द्वैतवादी परंपरा है। यह वेदों, उपनिषदों और भगवान श्रीकृष्ण की श्रीमद् भगवद्गीता में निहित है, इसका सबसे विशिष्ट रूप आदि शंकराचार्य की शिक्षाओं में होता है, जो इन वैदिक शिक्षाओं को एक स्पष्ट तर्कसंगत भाषा में…

दर्शन / जिंदगी जीने का सीधा रास्ता है अद्वैत, फिर ये भ्रांति क्यों?

अद्वैत यानी भारतीय सनातन संस्कृति का वो आधारभूत दर्शन जो सदियों पहले हमारे वेदों से प्रस्फुटित हुआ। अद्वैत अभ्यास के द्वारा स्वयं की गलत धारणाओं को हटाने का दर्शन है, विशेष रूप से हमारे सच्चे स्वभाव के बारे में वो गलत विचार जो शरीर और बाहरी दुनिया के साथ हमारी…

अनुमान / ‘कीमिया दर्शन’ से जानें क्या हैं आपकी समस्याएं और उनका समाधान

दिशानिर्देश: चित्र को ध्यान से देखें यहां क्रमशः शेर, रेत घड़ी, चंद्रमा, चाबी, हम्सा हैंड के चिन्ह मौजूद हैं। पहली नजर में कोई भी एक आकृति चुनें जो आपको पसंद आती हो, यह आकृति वर्तमान जीवन में चल रही आपकी समस्याओं और समाधान के बारे में इंगित करती हैं। ‘कीमिया…

ज्ञान / अमृत की तरह हैं ‘जे. कृष्णमूर्ति’ की ये बातें जिन्हें जानकर हो जाएंगे तृप्त

जे कृष्णमूर्ति ने कहा था, ‘संसार विनाश की राह पर आ चुका है और इसका हल तथाकथित धार्मिक लोगों और राजनीतिज्ञों के पास नहीं है।’ 12 मई, 1895 में जन्में जे. कृष्णमूर्ति दार्शनिक और आध्यात्मिक विषयों के बड़े ही कुशल एवं परिपक्व लेखक थे। उनके अनुसार दुनिया को बेहतर बनाने…

प्रबंधन / हनुमानजी से सीखें बेहतर जिंदगी जीने के तरीके

प्रभु श्रीराम के अमिट भक्त हनुमानजी श्रीराम की तरह बेहतर कुशल प्रबंधक हैं। सदियों पहले महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण में इस बात का उल्लेख मिलता है। बाद में गोस्वामी तुलसीदास जी ने भी हनुमानजी के उन गुणों के बारे में श्रीरामचरितमानस में विस्तार से बताया है, जिनके आधार पर…

आस्था / भक्त होगा ऐसा तो भगवान भी करेंगे स्वीकार

भक्त और भगवान अध्यात्म के उस पहलु से जुड़े रहते हैं, जहां आस्था, विश्वास और उमंग की डोर उन्हें कभी अलग नहीं होने देती है। हम जिस भी रूप में अपने आराध्य को पूजते हैं, वह हमें उसी रूप में स्वीकार करते हैं। ऐसा तभी होता है, जब भक्त पूरे…

वेदांत / अध्यात्म की नजर में क्या है ‘ज्ञान’, ऐसे करें हासिल

जो लोग ज्ञान के मार्ग पर चलते हैं, वे ऐसे लोग होते हैं जिनकी बुद्धि उन्हें किसी चीज पर विश्वास नहीं करने देती, न ही वे किसी चीज पर अविश्वास करते हैं। वेदों में ज्ञान के मार्ग पर चलने के लिए ज्ञान योग के अंतर्गत चार सिद्धांत बताए गए हैं।…

प्रबंधन / भगवान राम से सीखें कैसे की जाती है लाइफ मैनेज

जिंदगी में कामयाब इंसान बनना है तो लक्ष्य हासिल करने के लिए बेहतर मैनेजमेंट का होना बेहद जरूरी है। इसके लिए मूल्य, रणनीति, विश्वास, प्रोत्साहन, श्रेय, उपलब्धता और पारदर्शिता होना जरूरी हैं और भगवान श्रीराम में यह सभी गुण मौजूद थे। भगवान श्रीराम अपना हर काम लगभग मैनेजमेंट के जरिए…