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भविष्य / मन की शांति से आती है खुशी और स्वास्थ्य

  • दलाई लामा, बौद्ध आध्यात्मिक गुरु।

हम सभी शांति से रहना चाहते हैं, जानवर भी शांति से रहना चाहते हैं। अगर आग लगती है तो कीड़े भी उससे बचने की कोशिश करते हैं। हालांकि, जो चीज़ मनुष्य को अलग बनाती है, वह है हमारा अद्भुत मस्तिष्क। हम यह सोचने में सक्षम हैं कि समस्याओं से कैसे बचा जाए और कैसे दूर किया जाए। हम आगे के बारे में भी सोच सकते हैं, फिर मनुष्य संकट भी पैदा करता है।

हजारों वर्षों से हमने विभिन्न प्रकार के हथियारों का निर्माण किया है। हम कभी-कभी हथियारों को शांति के उपकरण के रूप में संदर्भित करते हैं, लेकिन वास्तव में हथियार का एकमात्र उद्देश्य चोट पहुंचाना और मारना है। हथियारों के बिना दुनिया ज्यादा शांतिपूर्ण होगी।

हम घातक से घातक हथियारों की जटिल से जटिल प्रणालियों के निर्माण में ऊर्जा लगाते हैं और इसके लिए प्रयास करते रहते हैं। फिर हम शांति की बात करते हैं। लेकिन हम इस तथ्य को नजरंदाज कर देते हैं कि वास्तविक शांति प्राप्त करने में हथियारों का कोई योगदान नहीं है। हमारी दुनिया आज बहुत

अधिक एक-दूसरे पर आश्रित है। अतीत में, हम केवल अपने इलाके के लोगों के बारे में ही चिंतित रहते थे। आजकल, जलवायु संकट और ग्लोबल वार्मिंग जैसी नई चुनौतियां हम सभी को प्रभावित करती हैं, साथ ही वैश्विक अर्थव्यवस्था के संचालन में हमें पूरी

मानवता को ध्यान में रखना चाहिए होता है। जहां तक हथियारों के निर्माण और बिक्री का संबंध है, हमें बस इतना कहना चाहिए कि अब बस करो। हमारा लक्ष्य एक सैन्यविहीन दुनिया में वास्तविक शांति प्राप्त करने का होना चाहिए। इस ग्रह पर मनुष्य के रूप में, हमें मानवता की एकता पर विचार करना होगा। हम सभी को एक साथ शांति और सद्भाव से रहने की जरूरत है। हथियारों के उत्पादन और बिक्री का इसमें कोई योगदान नहीं है।

वास्तविक विश्व शांति मन की शांति पाने में निहित है। क्रोध, ईर्ष्या और हताशा आसानी से हिंसा का स्रोत बन जाते हैं। इसलिए हमें करुणा की भावना को मजबूत करने की आवश्यकता है जो कि हमारा मूल मानव स्वभाव है। जैसा कि मैंने पहले कहा, अतीत में हमने वास्तव में केवल अपने स्थानीय समुदाय पर ध्यान दिया है, जबकि अब हमें पूरी मानवता को ध्यान में रखना है।

हमें मन की शांति पाने पर ध्यान देना चाहिए, यह याद रखना चाहिए कि करुणा वास्तविक शांति की नींव है। मनुष्य के रूप में, हमारे पास एक ही तरह का चेहरा और एक ही तरह का दिमाग है। क्योंकि हमारे पास बहुत कुछ समान है, हमें एक शांतिपूर्ण, सुखी दुनिया में साथ-साथ रहने का रास्ता खोजना होगा।

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