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अंधविश्वास / नित्यानंद शुरू कर रहा मुद्रा और ‘रिजर्व बैंक ऑफ कैलासा’

एक तथाकथित संत जो खुद एक गंभीर आरोप में लिप्त है। लोग उसके अंध-अनुयायी हैं। उसने अपना अलग देश बसाया हुआ है और अब वो खुद का बैंक और मुद्रा रिलीज कर रहा है। यह धर्म का व्यापार है पहले कई तथाकथित संत कर चुके हैं, कर रहे हैं चाहे वो किसी भी धर्म के हों। लेकिन यहां बात नित्यानंद की हो रही है।

नित्यांनद फिलहाल फरार है और दक्षिण अमेरिका में कहीं छिपा हुआ है, उसने हालही में ‘रिज़र्व बैंक ऑफ़ कैलासा’ और अपने स्वयं के कैलाशियन डॉलर को जारी किया। उसकी ‘कैलासा वेबसाइट के दावों पर जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘कैलासा ने अपने रिजर्व बैंक की मेजबानी के लिए एक देश के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह देश कौन सा है इसमें उल्लेख नहीं है। वेबसाइट पर आगे लिखा है कि रिज़र्व बैंक ऑफ़ कैलासा एक वैध रूप से शामिल निकाय है। कैलासा की मुद्राओं का उपयोग केवल उन्हीं देशों में किया जाएगा, जिनके साथ कैलासा ने राजनयिक संबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं।’

कैसी होगी मुद्रा

  • एक कैलाशियन डॉलर एक तोला सोना होगा, यानी 11.66 ग्राम सोना।
  • एक चौथाई कैलाशियन डॉलर का सिक्का 2.91 ग्राम सोने का होगा।
  • हाफ-कैलाशियन डॉलर 5.81 ग्राम होगा। तीन-चौथाई डॉलर 8.74 ग्राम है।
  • दो कैलाशियन डॉलर का सिक्का 23.32 ग्राम का होगा।
  • तीन कैलाशियन डॉलर के सिक्के का वजन 34.99 ग्राम और चार कैलाशियन डॉलर का 46.65 ग्राम सोना है।
  • पांच कैलाशियन डॉलर 58.31 ग्राम वजन का एक सिक्का है।
  • टेन कैलाशियन डॉलर एक सिक्का है जिसका वजन 116 ग्राम है।
  • ये सिक्के मूल प्राचीन सिक्कों से प्रेरित हैं जो उन दिनों में 56 हिंदू राष्ट्रों में इस्तेमाल किए गए थे, नित्यानंद वीडियो मे कहता हुआ सुना जा सकता है।

उसके देश में ही मुद्रा मान्य

नित्यानंद ने यूट्यूब पर अपलोड किए गए एक वीडियो में दावा किया, ‘बहुत जल्द यह देश में कार्यात्मक हो जाएगा, जो रिजर्व बैंक ऑफ कैलासा की मेजबानी के लिए सहमत हो गया है और कई देशों के साथ हम कूटनीतिक संधियों पर हस्ताक्षर कर रहे हैं।’

हालांकि, इनमें से कोई भी सिक्का किसी भी तरह के अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है क्योंकि कैलासा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त देश नहीं है और न ही इसका बैंक है। यह मुद्रा, यदि और जब आधिकारिक रूप से लांच की जाती है, तो इसका उपयोग केवल उन लोगों द्वारा वस्तु विनिमय के लिए एक साधन के रूप में किया जाएगा जो इस तथाकथित देश के नागरिक हैं।

नित्यानंद पर क्या है आरोप

नित्यानंद 2018 से फरार है और भारत में कई मामलों में आरोपी है, जिसमें बलात्कार का मामला, अपने शिष्यों को प्रताड़ित करने का आरोप और बाल अपचार और अपने आश्रमों में दुर्व्यवहार के आरोप शामिल हैं।

इस साल फरवरी में, कर्नाटक की एक ट्रायल कोर्ट ने 2010 के बलात्कार मामले में उसके खिलाफ एक नया गैर-जमानती वारंट जारी किया था। माना जाता है कि 2018 में ही नित्यानंद देश छोड़कर भाग गया उसके खिलाफ एक ब्लू कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था।

डिस्क्लेमर : हम किसी भी तरह के अंधविश्वास या ऐसे तथाकथित लोगों का समर्थन नहीं करते हैं। आलेख की भाषा इसलिए उस तरह की है जिस तरह की भाषा का प्रयोग इनके लिए किया जाना चाहिए। इन्हें सम्मान देना यानी उनके विचारों और मान्यताओं को समर्थन देने की तरह ही है।

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