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Swami Vivekananda

आध्यात्मिकता कोई नैतिक विज्ञान नहीं है। आध्यात्मिकता उस जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए होती है, जो आप हैं। भारतीय आध्यात्मिकता, हमेशा ऐसे पुरुषों और महिलाओं का एक समृद्ध मिश्रण रही है, जो अपनी चेतना के शिखर पर पहुंचे थे। जब मनुष्य के आंतरिक स्वभाव की बात होती है…
अद्वैत वेदांत दर्शन योग प्रथाओं के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह दर्शन यौगिक अभ्यास की बात करता है। यह एक गलत धारणा है कि अद्वैत मंत्र, प्राणायाम, पूजा और भक्ति जैसी अन्य आध्यात्मिक और यौगिक प्रथाओं के खिलाफ है, जो इसके दृष्टिकोण से कम मूल्य के रूप में माना जाता…
अद्वैत मुख्य रूप से अद्वैत वेदांत दर्शन का एक शब्द है, जो वेदांत की गैर-द्वैतवादी परंपरा है। यह वेदों, उपनिषदों और भगवान श्रीकृष्ण की श्रीमद् भगवद्गीता में निहित है, इसका सबसे विशिष्ट रूप आदि शंकराचार्य की शिक्षाओं में होता है, जो इन वैदिक शिक्षाओं को एक स्पष्ट तर्कसंगत भाषा में…

भविष्य / ऐसा संभव हुआ तो ‘महात्मा गांधी’ लेंगे फिर से जन्म!

संजीव शर्मा। भविष्य में इंसान यदि अपने आपको भगवान घोषित कर दे तो कोई आश्चर्य की बात नहीं है, क्योंकि उसने अपनी नई और अनूठी खोजों से भगवान की सत्ता को ही सीधी चुनौती दे दी है। किराए की कोख और परखनली शिशु (टेस्ट ट्यूब बेबी) के बाद अब तो…

वेदांत / अध्यात्म की नजर में क्या है ‘ज्ञान’, ऐसे करें हासिल

जो लोग ज्ञान के मार्ग पर चलते हैं, वे ऐसे लोग होते हैं जिनकी बुद्धि उन्हें किसी चीज पर विश्वास नहीं करने देती, न ही वे किसी चीज पर अविश्वास करते हैं। वेदों में ज्ञान के मार्ग पर चलने के लिए ज्ञान योग के अंतर्गत चार सिद्धांत बताए गए हैं।…