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हमारे बारे में

द फीचर टाइम्स एक फीचर आलेख, समाचार विश्लेषण, और ज्ञान का उद्यम है, यह पर्यावरण, सुशासन, सामाजिक समस्या/समाधान, संस्कृति, परंपरा, पर्यटन, करियर, अध्यात्म, मानव-हित से संबंधित आलेख और अन्य वो सभी विषय जो सीधे आम आदमी को प्रभावित करते हैं या उन्हें जीने की प्रेरणा देते हैं, उन पर केंद्रित है, जिसे संस्थापक संपादक और सीईओ अमित कुमार सेन द्वारा 25 मार्च, 2018 में शुरू किया गया था।

वेबसाइट की नेतृत्व टीम में भारत के अनुभवी और सम्मानित आध्यात्मिक गुरु, लेखक, पत्रकार शामिल हैं, जिनका राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचार संगठनों में अमूल्य योगदान है। हमारा मुख्यालय भोपाल, मध्यप्रदेश में है और हम पूरे भारत में एक नेटवर्क बनाने की प्रक्रिया में हैं क्योंकि हम उच्च गुणवत्ता वाली हिंदी पत्रकारिता में निवेश करने में विश्वास करते हैं।

हमारे लेखक

  • डॉ. वेदप्रताप वैदिक :  वरिष्ठ पत्रकार, पिछले 60 वर्षों में हजारों लेख और भाषण। लगभग 10 वर्षों तक पीटीआई भाषा (हिन्दी समाचार समिति) के संस्थापक-संपादक और उसके पहले नवभारत टाइम्स के संपादक (विचारक) रहे हैं। वर्तमान में, भारतीय विदेश नीति परिषद के अध्यक्ष
  • प्रो. संजय द्विवेदी : राजनीतिक, सामाजिक और मीडिया के मुद्दों पर निरंतर लेखन। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय, भोपाल में 10 वर्ष मास कम्युनिकेशन विभाग के अध्यक्ष, रजिस्ट्रार और कुलपति रहे, वर्तमान में भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) के महानिदेशक

हमारे कोलोब्रेशन 

  • चाइना मीडिया इंटरनेशनल : सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, विज्ञान, तकनीकी, शिक्षा और सकारात्मक विषयों के संदर्भ में।
  • मोंगाबे : पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन, वन्य जीव संरक्षण, जैव विविधता, ऊर्जा, खनन और प्राकृतिक संसाधन, के संदर्भ में।
  • तिब्बत-भारत समन्वय : समसामायिकी विषयों, बौद्ध चिंतन, अध्यात्म और संस्कृति के संदर्भ में।

हमारी पहल

‘फीचर टॉक’ ऑनलाइन मंच है, जहां हमारे पाठक फेसबुक और यूट्यूब के जरिए विभिन्न विषयों पर, दुनिया के कई विषय विशेषज्ञ से संवाद कर सकते हैं।  

‘सार्थक हिंदी पत्रकारिता’
आगे बढ़ाने में आपका अमिट सहयोग

द फीचर टाइम्स हिंदी पत्रकारिता और मानवीय मूल्यों को सहजने के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन आर्थिक सहयोग के बिना यह प्रयास कठिन है, हम कई चुनौतियों के बीच रहते हुए 25 मार्च, 2018 से निरंतर प्रयासरत हैं।

पत्रकारिता चुनौतियों से घिरा वो सामाजिक कार्य है, जहां हर रोज नया इतिहास लिखा जाता है। हम बिना किसी आर्थिक मदद के बिना इस कार्य में दिन-रात तत्पर हैं ताकि आप बेहतर, स्वच्छ, तटस्थ व मूल्यों पर आधारित फीचर (रूपक) आलेख पढ़ सकें और परिवार, समाज व देश के निर्माण में सकारात्मक योगदान दे सकें।

आप विज्ञापन के माध्यम से हमारा सहयोग कर सकते हैं और हमारे सोशल अकाउंट फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, लिंक्डिन और यूट्यूब को फ़ॉलो/लाइक कर सकते हैं।

यदि आप एक निष्पक्ष, स्वतंत्र, साहसी और सवाल पूछती पत्रकारिता पर आधारित संस्थान का सहयोग करना चाहते हैं तो एमओयू और अभियान (कैंपेन), के लिए एनजीओ/सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्थाएं संपर्क करें